नई दिल्ली,16 अप्रैल (युआईटीवी)- इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) 2026 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आया है,जिसने क्रिकेट जगत में चर्चा का माहौल बना दिया है। 5 अप्रैल को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जहाँ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीत दर्ज की थी,वहीं अब मैच के दौरान स्टेडियम में बजाए गए गानों को लेकर चेन्नई सुपर किंग्स ने कड़ी आपत्ति जताई है।
चेन्नई सुपर किंग्स प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सामने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि मैच के दौरान स्टेडियम के डीजे द्वारा बजाए गए कुछ गाने और की गई टिप्पणियाँ उनकी टीम और खिलाड़ियों का अपमान करती हैं,जो खेल की भावना के खिलाफ है।
विवाद की जड़ में वह गाना है,जिसे डीजे ने मैच के दौरान बजाया था—‘डोसा, इडली, सांभर, चटनी’। यह गाना सोशल मीडिया पर पहले से ही लोकप्रिय रहा है,लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स का कहना है कि जिस समय और संदर्भ में इसे बजाया गया,वह आपत्तिजनक था। टीम प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के गानों का उपयोग विरोधी टीम को नीचा दिखाने के लिए किया गया,जो खेल के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
सीएसके के मुख्य कार्यकारी अधिकारी काशी विश्वनाथन ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने बीसीसीआई को इस संबंध में पत्र लिखकर जाँच की माँग की है। उन्होंने बताया कि शिकायत में केवल गाने ही नहीं,बल्कि मैच के दौरान चेन्नई के खिलाड़ियों के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
विश्वनाथन ने कहा कि आमतौर पर डीजे की भूमिका घरेलू टीम का समर्थन करने तक सीमित होती है,लेकिन चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्थिति अलग रही। उनके अनुसार,वहाँ कुछ ऐसी टिप्पणियाँ की गईं जो सीधे तौर पर विरोधी टीम के खिलाड़ियों को निशाना बनाती थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रिकेट जैसे खेल में इस तरह की चीजें स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले जितेश शर्मा से जुड़े एक मामले के बाद ऐसी घटनाएँ नहीं हुई थीं,लेकिन 5 अप्रैल के मैच में जो हुआ,उसने फिर से चिंता बढ़ा दी है। उनके मुताबिक,डीजे को कभी भी विरोधी खिलाड़ियों पर व्यक्तिगत या अपमानजनक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए,क्योंकि इससे खेल की गरिमा प्रभावित होती है।
सीएसके के एक अन्य अधिकारी ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मैच के दौरान जब उनके खिलाड़ियों का विकेट गिरा,तब डीजे की ओर से की गई टिप्पणियाँ और गाने पूरी तरह अनुचित थे। उन्होंने कहा कि डीजे का काम दर्शकों को उत्साहित करना होता है,लेकिन विरोधी टीम को निशाना बनाना या उनका मजाक उड़ाना बिल्कुल गलत है।
अधिकारी ने यह भी जोड़ा कि चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा खेल की भावना का सम्मान करती है और अपने विरोधियों के प्रति भी आदर बनाए रखती है। ऐसे में इस तरह की घटनाएँ न केवल टीम के लिए निराशाजनक हैं,बल्कि पूरे टूर्नामेंट की छवि को भी प्रभावित कर सकती हैं।
दरअसल,यह गाना पहले भी विवादों में रह चुका है। पिछले साल यह तब वायरल हुआ था,जब जितेश शर्मा इसे गाते हुए नजर आए थे। उस समय उन्हें सीएसके के कुछ प्रशंसकों के द्वारा ट्रोल किया गया था। हालाँकि,उस मामले में चेन्नई फ्रेंचाइजी ने हस्तक्षेप किया था और यह सुनिश्चित किया था कि भविष्य में विरोधी खिलाड़ियों के खिलाफ इस तरह की गतिविधियाँ न हों।
अब इस नए विवाद के सामने आने के बाद आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। एक शीर्ष अधिकारी ने पुष्टि की है कि उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स से शिकायत मिली है और इसकी जाँच की जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है,तो संबंधित पक्षों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खेल की मर्यादा और अनुशासन को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है। क्रिकेट केवल प्रतिस्पर्धा का खेल नहीं है,बल्कि यह सम्मान और खेल भावना का भी प्रतीक है। ऐसे में स्टेडियम में होने वाली गतिविधियों पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है,जितना मैदान पर खेले जा रहे खेल पर।
आरसीबी और सीएसके के बीच हुआ यह मुकाबला अब केवल खेल तक सीमित नहीं रहा,बल्कि एक विवाद का रूप ले चुका है। अब सभी की नजरें बीसीसीआई की जाँच पर टिकी हैं,जो यह तय करेगी कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
