नई दिल्ली,4 जून (युआईटीवी)- भारत और वेनेजुएला के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली,जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और आपसी साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने वेनेजुएला के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में डेल्सी रोड्रिगेज की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है,जब वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति पाँच दिवसीय भारत दौरे पर हैं। उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक,आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। भारत सरकार इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मान रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर सामने आएँगे।
बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात कर उन्हें खुशी हुई और भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत बनाने के लिए उनके लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का भारत सम्मान करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रोड्रिगेज की मुलाकात दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
Pleased to call on Acting President Delcy Rodríguez of Venezuela in New Delhi today.
Deeply value her longstanding commitment to the India – Venezuela relationship.
Her meeting with PM @narendramodi will further strengthen our cooperation.
🇮🇳 🇻🇪 pic.twitter.com/kMkR9hYcVy
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 4, 2026
विदेश मंत्री की यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि भारत और वेनेजुएला आने वाले समय में अपने संबंधों को केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहते,बल्कि व्यापार, निवेश,स्वास्थ्य,दवा निर्माण,परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को विस्तार देने के इच्छुक हैं। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच लगातार उच्चस्तरीय संवाद जारी है।
डेल्सी रोड्रिगेज की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रस्तावित बैठक को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक संबंधों की समीक्षा की जाएगी और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए संभावित योजनाओं पर चर्चा होगी। विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे विषय बातचीत के केंद्र में रहने की संभावना है।
भारत और वेनेजुएला के संबंधों की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ऊर्जा क्षेत्र रहा है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में गिना जाता है,जबकि भारत दुनिया के प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता देशों में शामिल है। इस कारण दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग का विशेष महत्व है। भारतीय कंपनियाँ लंबे समय से वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करती रही हैं और भविष्य में इस सहयोग को और बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार,डेल्सी रोड्रिगेज के साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इस प्रतिनिधिमंडल में ऊर्जा,दवा और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं। अपने दौरे के दौरान वे भारत के विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी प्रतिष्ठानों का भ्रमण करेंगे। इसका उद्देश्य भारत की तकनीकी क्षमता,विनिर्माण क्षेत्र की ताकत और औद्योगिक विकास को समझना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की दवा उद्योग में वैश्विक पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ती क्षमता वेनेजुएला के लिए आकर्षण का केंद्र है। कोविड महामारी के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में दोनों देश स्वास्थ्य सेवाओं और औषधि निर्माण के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के अवसर तलाश रहे हैं।
इसके अलावा नवीकरणीय ऊर्जा भी उन क्षेत्रों में शामिल है जिनमें दोनों देशों के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाएँ मौजूद हैं। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भारत के अनुभवों और तकनीकों में वेनेजुएला की रुचि दिखाई दे रही है। दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज की यह यात्रा भारत और वेनेजुएला के संबंधों को नई गति प्रदान करेगी। मंत्रालय के अनुसार,दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग का मजबूत आधार पहले से मौजूद है और यह यात्रा उस आधार को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगी।
भारत और वेनेजुएला के संबंध केवल आर्थिक हितों तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश वैश्विक दक्षिण के देशों के हितों को लेकर भी समान दृष्टिकोण रखते हैं। अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूत बनाने और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के मुद्दे पर दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान रही है। यही साझा दृष्टिकोण उनके संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की विदेश नीति का एक प्रमुख लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों के देशों के साथ संतुलित और बहुआयामी संबंध विकसित करना है। इसी रणनीति के तहत लैटिन अमेरिकी देशों के साथ संबंधों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। वेनेजुएला इस क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है।
डेल्सी रोड्रिगेज की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है,जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा,आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों का सामना कर रही है। ऐसे में भारत और वेनेजुएला जैसे देशों के बीच सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए लाभकारी हो सकता है,बल्कि व्यापक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण बन सकता है।
भारत सरकार को उम्मीद है कि इस यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों और चर्चाओं से दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा मिलेगी। ऊर्जा,निवेश,स्वास्थ्य,परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियों के रास्ते खुल सकते हैं। यही कारण है कि डेल्सी रोड्रिगेज का भारत दौरा और उनकी भारतीय नेतृत्व के साथ मुलाकातें दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
