मुंबई,30 अप्रैल (युआईटीवी)- हिंदी सिनेमा में अक्सर सफलता की चमक के पीछे संघर्ष और असफलताओं की लंबी कहानी छिपी होती है। कई कलाकारों के लिए रिजेक्शन एक ऐसा दौर होता है,जो उन्हें मानसिक रूप से तोड़ देता है,लेकिन कुछ लोग इसी असफलता को अपनी ताकत बना लेते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है अनुष्का शर्मा की,जिनके लिए बार-बार मिला रिजेक्शन ही उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया।
1 मई को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जन्मीं अनुष्का शर्मा का शुरुआती जीवन फिल्मी दुनिया से बिल्कुल अलग रहा। आर्मी बैकग्राउंड से आने वाली अनुष्का ने कभी नहीं सोचा था कि वह बॉलीवुड का हिस्सा बनेंगी। उनका झुकाव पत्रकारिता और मॉडलिंग की ओर था और यही वजह थी कि उन्होंने महज 15 साल की उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रख दिया। हालाँकि,यह सफर भी उनके लिए आसान नहीं रहा। मॉडलिंग के दौरान उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा,लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
फिल्मी दुनिया में आने का उनका कोई खास इरादा नहीं था। वह विज्ञापनों के लिए ऑडिशन दे रही थीं,लेकिन यहाँ भी किस्मत उनका साथ नहीं दे रही थी। लगातार ऑडिशन देने के बावजूद उन्हें बार-बार रिजेक्ट कर दिया जाता था। खासतौर पर एक महीने के भीतर चार बार रिजेक्शन झेलना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। आमतौर पर ऐसे हालात में कोई भी इंसान हताश हो सकता है,लेकिन अनुष्का ने इसे अपने आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने दिया।
इसी दौरान उन्हें फिल्म रब ने बना दी जोड़ी के लिए स्क्रीन टेस्ट देने का मौका मिला। यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ,हालाँकि,उस समय उन्हें खुद इस बात का अंदाजा नहीं था। उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि जब वह स्क्रीन टेस्ट देने पहुँचीं,तब वे बिल्कुल भी गंभीर नहीं थीं। बिना मेकअप और बिना किसी विशेष तैयारी के वे ऑडिशन देने पहुँच गई थीं। उन्हें पूरा भरोसा था कि यहाँ भी उन्हें रिजेक्शन का ही सामना करना पड़ेगा,जैसा कि पहले होता आया था।
कुछ दिनों बाद जब उन्हें आदित्य चोपड़ा की टीम की ओर से कॉल आया और फाइनल ऑडिशन के लिए बुलाया गया,तब भी उनके मन में यही विचार था कि अंतिम चरण में जाकर उन्हें बाहर कर दिया जाएगा,लेकिन किस्मत ने यहाँ करवट ली और कहानी पूरी तरह बदल गई। अनुष्का शर्मा को फिल्म के लिए साइन कर लिया गया और उनके करियर की शुरुआत सीधे सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ हुई।
इस चयन के पीछे एक दिलचस्प कारण था। दरअसल आदित्य चोपड़ा एक ऐसे नए चेहरे की तलाश में थे,जिसे दर्शकों ने पहले ज्यादा न देखा हो। अनुष्का का बार-बार विज्ञापनों में रिजेक्ट होना उनके लिए वरदान साबित हुआ,क्योंकि इससे वे एक फ्रेश फेस के रूप में सामने आईं। खुद अनुष्का ने भी स्वीकार किया है कि अगर उन्हें विज्ञापनों में रिजेक्शन नहीं मिला होता,तो शायद उन्हें इतनी बड़ी फिल्म में काम करने का मौका नहीं मिलता।
‘रब ने बना दी जोड़ी’ के रिलीज होते ही अनुष्का शर्मा रातोंरात स्टार बन गईं। फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्होंने साबित कर दिया कि प्रतिभा के दम पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया और बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई।
अनुष्का की यह कहानी न केवल फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष कर रहे लोगों के लिए प्रेरणादायक है,बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए भी एक संदेश है,जो असफलताओं से घबराकर अपने सपनों को छोड़ देता है। यह कहानी बताती है कि हर रिजेक्शन के पीछे एक नई संभावना छिपी होती है और कभी-कभी वही असफलता हमें उस मंजिल तक पहुँचा देती है,जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की होती।
आज जब अनुष्का शर्मा बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं,तो उनकी यह यात्रा हमें यह सिखाती है कि सफलता का रास्ता सीधा नहीं होता। इसमें कई मोड़ आते हैं, कई बार गिरना पड़ता है,लेकिन जो लोग इन चुनौतियों को पार कर लेते हैं, वही अंततः अपनी पहचान बना पाते हैं।
अनुष्का शर्मा की कहानी यह साबित करती है कि रिजेक्शन हमेशा नकारात्मक नहीं होता। सही नजरिए से देखा जाए,तो यह हमारे लिए नए अवसरों के दरवाजे खोल सकता है। उनकी सफलता इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर आप खुद पर विश्वास बनाए रखें और मेहनत करते रहें,तो कोई भी असफलता आपको रोक नहीं सकती।
