काठमांडू,11 मई (युआईटीवी)- नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई,जब तुर्किए एयरलाइंस के एक यात्री विमान की लैंडिंग के दौरान उसके पहियों में अचानक आग लग गई। हालाँकि,पायलट और एयरपोर्ट कर्मचारियों की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद एयरपोर्ट का संचालन करीब 98 मिनट तक पूरी तरह प्रभावित रहा,जिससे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा।
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना सोमवार सुबह उस समय हुई,जब इस्तांबुल से काठमांडू पहुँची तुर्किए एयरलाइंस की फ्लाइट त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतर रही थी। विमान के रनवे पर उतरते ही उसके दाहिने मुख्य लैंडिंग गियर के एक टायर में आग लग गई। आग लगते ही एयरपोर्ट प्रशासन और दमकल विभाग में हड़कंप मच गया। तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया और विमान को टैक्सीवे ब्रावो पर रोक दिया गया।
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सहायक प्रवक्ता ज्ञानेंद्र भुल ने बताया कि विमान के लैंडिंग गियर में आग लगने की सूचना मिलते ही सुबह 6 बजकर 34 मिनट पर एयरपोर्ट का संचालन बंद कर दिया गया। सुरक्षा कारणों से सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रोक दिया गया। इसके बाद तकनीकी और सुरक्षा टीमों ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। लगभग 98 मिनट बाद सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर एयरपोर्ट पर दोबारा उड़ान संचालन शुरू किया गया।
घटना के दौरान विमान टैक्सीवे पर फँस गया था,जिससे एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बाधित हो गई। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार उस समय लगभग 30 प्रतिशत विमान रनवे पर मौजूद थे,जबकि करीब 70 प्रतिशत विमान टैक्सीवे पर खड़े रहे। इससे एयर ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया और कई उड़ानों को रोकना पड़ा। कुछ विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई,जबकि कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को देरी का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान में कुल 288 लोग सवार थे,जिनमें 11 क्रू सदस्य भी शामिल थे। आग लगने की घटना के बाद यात्रियों में घबराहट फैल गई,लेकिन चालक दल और एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यात्रियों को निकासी स्लाइड की मदद से विमान से बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। एयरलाइन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दो यात्रियों की उंगलियों में मामूली चोटें आई हैं,जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि विमान के दाहिने मुख्य लैंडिंग गियर के एक टायर में आग लगी थी। हालाँकि,अभी तक आग लगने के सही कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हार्ड लैंडिंग,टायर में अत्यधिक दबाव या किसी तकनीकी खराबी की वजह से यह घटना हो सकती है। फिलहाल विस्तृत तकनीकी जाँच शुरू कर दी गई है।
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि विमान को फिलहाल ग्राउंड पर ही रखा गया है और उसकी पूरी तकनीकी जाँच की जाएगी। एयरलाइन की ओर से मेंटेनेंस,रिपेयर और ओवरहॉल टीम को एयरपोर्ट बुलाया गया है,जो विमान के विभिन्न हिस्सों की गहन जाँच करेगी। इसके अलावा नागरिक उड्डयन प्राधिकरण का फ्लाइट सेफ्टी स्टैंडर्ड विभाग भी पूरे मामले की अलग से जाँच करेगा।
ज्ञानेंद्र भुल ने कहा कि घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और तकनीकी विशेषज्ञ हर पहलू की जाँच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों के अनुसार सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
घटना के बाद एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए। जिन यात्रियों की आगे की उड़ानें प्रभावित हुईं,उनके लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई। वहीं जिन यात्रियों को अन्य गंतव्यों तक जाना था,उनके लिए वैकल्पिक उड़ानों की तैयारी शुरू कर दी गई। एयरलाइन अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो,इसके लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट नेपाल का सबसे व्यस्त और प्रमुख हवाई अड्डा माना जाता है। यहाँ किसी भी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी घटना का असर पूरे विमानन संचालन पर पड़ता है। यही वजह रही कि इस घटना के कारण एयरपोर्ट पर कई उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ा और कई उड़ानें निर्धारित समय से काफी देर बाद रवाना हो सकीं।
तुर्किए एयरलाइंस नेपाल के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सेवा संचालित करती है। एयरलाइन इस्तांबुल से काठमांडू के बीच हर सप्ताह पाँच उड़ानों का संचालन करती है। नेपाल पर्यटन और अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं के लिहाज से यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हालाँकि,राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अगर आग तेजी से फैलती या विमान में विस्फोट जैसी स्थिति बनती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। एयरपोर्ट कर्मचारियों,दमकल विभाग और चालक दल की तत्परता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
अब सभी की नजरें जाँच रिपोर्ट पर टिकी हैं,जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर विमान के पहियों में आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की जरूरत है।
