अंटार्कटिक से लौटते क्रूज पर संदिग्ध हंटावायरस का खतरा (तस्वीर क्रेडिट@StarPlatinum_)

हंता वायरस से प्रभावित क्रूज शिप से सुरक्षित निकाले गए दो भारतीय,स्पेन और डब्ल्यूएचओ की निगरानी में चला रेस्क्यू अभियान,नीदरलैंड भेजे गए

नई द‍िल्‍ली,11 मई (युआईटीवी)- हंता वायरस के संभावित संक्रमण की आशंका के चलते समुद्र में रोके गए डच झंडे वाले क्रूज शिप एमवी होंडियस से सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इस जहाज में सवार दो भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित उतारकर आगे की स्वास्थ्य निगरानी के लिए नीदरलैंड भेज दिया गया है। राहत की बात यह है कि दोनों भारतीय नागरिक पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं और उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।

स्पेन में भारतीय दूतावास की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक,हंता वायरस से प्रभावित यह क्रूज शिप रविवार को स्पेन पहुँचा। जहाज में दो भारतीय नागरिकों सहित करीब 150 लोग सवार थे। वायरस के फैलने की आशंका को देखते हुए जहाज को सीधे बंदरगाह पर लाने के बजाय स्पेन के कैनरी द्वीप के तट से कुछ दूरी पर समुद्र में ही रोक दिया गया था। इसके बाद स्पेनिश स्वास्थ्य अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय किए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से बाहर निकाला गया।

बताया गया कि जहाज पर मौजूद दोनों भारतीय नागरिक क्रू सदस्य के तौर पर काम कर रहे थे। स्वास्थ्य जाँच के दौरान उनमें संक्रमण के कोई संकेत नहीं मिले। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर उन्हें स्वास्थ्य निगरानी और क्वारंटाइन प्रक्रिया के लिए नीदरलैंड भेजा गया है। वहाँ संबंधित स्वास्थ्य एजेंसियां उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करेंगी।

भारतीय दूतावास ने कहा कि स्पेन में भारत के राजदूत लगातार स्पेनिश प्रशासन और दोनों भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दूतावास ने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस पूरे अभियान के दौरान स्पेनिश प्रशासन ने बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था लागू की। स्पेन की मिलिट्री इमरजेंसी यूनिट द्वारा संचालित विशेष बसों को बंदरगाह तक भेजा गया। स्पेनिश सिविल गार्ड की निगरानी में यात्रियों को जहाज से उतारकर सीधे ग्रानाडिला बंदरगाह से टेनेरिफ दक्षिण हवाई अड्डे के रनवे तक पहुँचाया गया। वहाँ से अलग-अलग देशों के यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

रविवार को स्पेनिश यात्रियों को लेकर पहला विमान कैनरी द्वीप से मैड्रिड के लिए रवाना हुआ। वहीं अन्य देशों के यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्पेनिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नीदरलैंड सोमवार दोपहर एक विशेष ‘स्वीप फ्लाइट’ भेजने वाला है। इस विमान के जरिए उन यात्रियों को ले जाया जाएगा,जिन्हें उनके देश अब तक वापस नहीं बुला सके हैं।

हंता वायरस को लेकर जहाज पर फैली चिंता के बाद स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल बन गया था। कैनरी द्वीप के कई निवासियों ने आशंका जताई थी कि कहीं यह वायरस व्यापक संक्रमण का कारण न बन जाए। हालाँकि,विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है और यह कोई बड़े वैश्विक खतरे जैसी स्थिति नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने शनिवार को कैनरी द्वीप के लोगों के नाम एक खुला पत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि हंता वायरस को लेकर सतर्कता जरूरी है,लेकिन फिलहाल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा कम है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और स्वास्थ्य एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

टेड्रोस ने अपने संदेश में स्पष्ट कहा कि यह स्थिति कोविड जैसी महामारी से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ पहले से जहाज पर मौजूद हैं और मेडिकल सप्लाई भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यात्रियों और क्रू सदस्यों की जाँच कर रहे हैं,ताकि संक्रमण के किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

हंता वायरस एक ऐसा संक्रमण है,जो आमतौर पर संक्रमित कृन्तकों यानी चूहों और अन्य छोटे जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस इंसानों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकता है,हालाँकि,इसका प्रसार कोविड जैसे वायरस की तरह तेजी से नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते पहचान और आइसोलेशन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

एमवी होंडियस क्रूज शिप को लेकर सामने आई घटना ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री यात्राओं और स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कोविड महामारी के बाद दुनिया भर के देशों ने समुद्री और हवाई यात्रा के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों को काफी सख्त किया है। यही कारण रहा कि जैसे ही जहाज पर वायरस संक्रमण की आशंका सामने आई,तुरंत अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए।

स्पेनिश स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि सभी यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई है और जिन लोगों में किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जाएँगे,उन्हें अलग निगरानी में रखा जाएगा। इसके अलावा जहाज की भी पूरी तरह से जाँच और सैनिटाइजेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद दोनों भारतीय नागरिक सुरक्षित पाए गए। भारतीय दूतावास की सक्रियता और स्पेनिश प्रशासन के सहयोग से उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की गई। फिलहाल दोनों भारतीय नागरिकों को स्वास्थ्य निगरानी के तहत रखा गया है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से संभावित स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित करने में मदद मिली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन,स्पेनिश प्रशासन और संबंधित देशों की एजेंसियाँ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैंताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

अब जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहाज पर हंता वायरस के मामले कैसे सामने आए और संक्रमण की वास्तविक स्थिति क्या है। आने वाले दिनों में मेडिकल जाँच रिपोर्ट और स्वास्थ्य एजेंसियों की निगरानी के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।