नई दिल्ली,25 मई (युआईटीवी)- महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। कोंकण क्षेत्र से सतारा जा रहा एक पर्यटक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी घाटी में गिर गया,जिससे कम-से-कम आठ लोगों की मौत हो गई। यह हादसा रायगढ़ जिले के अम्बेनाली घाट क्षेत्र में हुआ,जहाँ वाहन लगभग 1000 से 1500 फीट गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रशासन,पुलिस,आपदा राहत दल और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार हादसे का शिकार हुए सभी लोग दोस्त थे और यात्रा पर निकले थे। पहाड़ी रास्ते से गुजरते समय अचानक वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा,जिसके बाद वाहन सीधे गहरी घाटी में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और शव घाटी में अलग-अलग स्थानों पर बिखर गए। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बचावकर्मियों को शवों तक पहुँचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। जिला प्रशासन ने बचाव कार्य के लिए सात-सात कर्मियों की पाँच अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की सहायता भी ली जा रही है। पुलिस,स्थानीय आपदा राहत इकाइयों और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य भी मौके पर मौजूद हैं और लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
बचाव दल ने अब तक तीन शव बरामद कर लिए हैं,जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बाकी शवों को निकालने का अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि घाटी बेहद गहरी और दुर्गम है,जिसके कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। बचावकर्मी रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से घाटी में उतर रहे हैं। कई स्थानों पर चट्टानी रास्ते और घने जंगल होने के कारण अभियान की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश जारी करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने लिखा कि रायगढ़ जिले के अम्बेनाली घाट में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद है और राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे का शिकार हुए आठ दोस्त एक यात्रा पर जा रहे थे। वाहन के गहरी घाटी में गिरने के कारण शव अलग-अलग स्थानों पर बिखर गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ राहत कार्य में लगा हुआ है और शवों को जल्द-से-जल्द बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मृतकों में एक व्यक्ति रत्नागिरी जिले का निवासी था,जबकि बाकी सात लोग सतारा जिले से थे।
रायगढ़ और सतारा पुलिस की टीमें भी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और परिवारों को सूचित किया जा रहा है। प्रशासन ने यह भी कहा कि हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक आशंका है कि पहाड़ी मोड़ पर वाहन चालक ने नियंत्रण खो दिया,जिसके बाद यह बड़ा हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार अम्बेनाली घाट का रास्ता काफी खतरनाक माना जाता है। यहाँ कई तीखे मोड़ और गहरी खाइयाँ हैं। बरसात और धुंध के मौसम में यह रास्ता और ज्यादा जोखिमभरा हो जाता है। हालाँकि,हादसे के समय मौसम सामान्य बताया जा रहा है,लेकिन पुलिस तकनीकी जाँच के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों की पुष्टि करेगी।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे-जैसे हादसे की जानकारी लोगों तक पहुँच रही है,वैसे-वैसे स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों की भीड़ घटनास्थल और अस्पतालों के बाहर जमा हो रही है।
इसी बीच महाराष्ट्र के धुले जिले से भी सोमवार सुबह एक और भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई। मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई वाहनों की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई,जबकि 26 अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार और अचानक वाहन नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
धुले हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत जिला अस्पताल पहुँचाया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना की जाँच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
एक ही दिन में महाराष्ट्र में हुए इन दो बड़े सड़क हादसों ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है। लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर एक बार फिर सड़क सुरक्षा और पहाड़ी मार्गों पर सतर्कता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी और घाट क्षेत्रों में वाहनों की गति पर सख्त नियंत्रण,बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और चालक प्रशिक्षण की आवश्यकता है,ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
रायगढ़ में चल रहा बचाव अभियान देर रात तक जारी रहने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी शवों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता,तब तक राहत कार्य लगातार चलता रहेगा। राज्य सरकार ने भी अधिकारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पूरे महाराष्ट्र में इस हादसे को लेकर शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।
