मनीला,26 मई (युआईटीवी)- फिलीपींस के आकाश में सोमवार रात ऐसा दुर्लभ और रोमांचक दृश्य देखने को मिला,जिसने लोगों को हैरान कर दिया। देश के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल मायोन ज्वालामुखी के ऊपर आसमान में एक चमकदार हरे रंग का उल्कापिंड तेजी से गुजरता दिखाई दिया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अँधेरी रात में जलते हुए उल्कापिंड और धधकते ज्वालामुखी का यह दृश्य किसी विज्ञान-फंतासी फिल्म जैसा प्रतीत हो रहा था।
फिलीपींस के ज्वालामुखी विज्ञान और भूकंप विज्ञान संस्थान ने बताया कि यह घटना सोमवार रात करीब 10 बजकर 33 मिनट पर दर्ज की गई। संस्थान के लिग्नॉन हिल स्थित आईपी कैमरे ने मायोन ज्वालामुखी की उत्तरी ढलानों के ऊपर से गुजरते इस उल्कापिंड को रिकॉर्ड किया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ज्वालामुखी के पीछे से एक चमकदार हरे रंग की रोशनी तेज गति से आसमान को चीरती हुई आगे बढ़ती है। कुछ ही सेकंड का यह दृश्य इतना अद्भुत था कि देखने वाले दंग रह गए।
वैज्ञानिकों के अनुसार,उल्कापिंड पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय घर्षण के कारण जलने लगते हैं। कई बार इनमें मौजूद धात्विक तत्वों के कारण इनका रंग अलग-अलग दिखाई देता है। इस घटना में उल्कापिंड का रंग हरा दिखाई दिया,जो आमतौर पर निकल या मैग्नीशियम जैसे तत्वों की मौजूदगी के कारण होता है। हालाँकि,यह उल्कापिंड वास्तव में ज्वालामुखी से टकराया या नहीं,इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दृश्य कैमरे के कोण और दूरी के कारण ऐसा प्रतीत हुआ होगा कि मानो उल्कापिंड सीधे ज्वालामुखी की ओर जा रहा हो।
इस घटना को और भी खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि जिस समय यह उल्कापिंड दिखाई दिया,उस समय मायोन ज्वालामुखी पहले से ही सक्रिय अवस्था में था। पिछले लगभग 140 दिनों से ज्वालामुखी से लगातार लावा निकल रहा है। रात के समय ज्वालामुखी की ढलानों पर चमकता लावा और ऊपर से गुजरता उल्कापिंड लोगों के लिए अविश्वसनीय दृश्य बन गया।
संस्थान ने बताया कि सोमवार शाम को ज्वालामुखी में कई छोटी ज्वालामुखीय गतिविधियाँ भी दर्ज की गईं। शाम करीब 7 बजकर 20 मिनट और 7 बजकर 26 मिनट पर राख,गैस और गर्म पत्थरों का तेज बहाव देखा गया। इसके अलावा 7 बजकर 25 मिनट पर हल्का विस्फोट भी हुआ,जिसमें चमकदार लावा ऊपर की ओर उछलता दिखाई दिया। इन गतिविधियों के कारण आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
फिलहाल मायोन ज्वालामुखी पर अलर्ट लेवल-3 लागू है। इसका अर्थ है कि ज्वालामुखी के भीतर हलचल काफी बढ़ चुकी है और कभी भी खतरनाक विस्फोट हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को ज्वालामुखी के छह किलोमीटर के दायरे में प्रवेश न करने की चेतावनी दी है। सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं,ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इससे पहले मई की शुरुआत में भी मायोन ज्वालामुखी में तेज गतिविधि देखने को मिली थी। उस समय ज्वालामुखी से राख और लावा निकलने के बाद राजधानी मनीला के दक्षिणी क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया था। अल्बे प्रांत के कई कस्बों में भारी मात्रा में राख गिरने से जनजीवन प्रभावित हो गया था। सड़कों पर राख की मोटी परत जम गई थी,जिससे यातायात में भी भारी परेशानी हुई थी। प्रशासन को स्कूल बंद करने पड़े थे और कई उड़ानों पर भी असर पड़ा था।
मायोन ज्वालामुखी अपनी लगभग पूर्ण शंकु आकार की संरचना के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसकी ऊँचाई करीब 2462 मीटर है और इसे फिलीपींस का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माना जाता है। इतिहास बताता है कि वर्ष 1616 से अब तक इसमें कई बार विस्फोट हो चुके हैं। कभी इसके विस्फोट छोटे और सीमित रहे,तो कभी इसने भयंकर तबाही मचाई।
मायोन ज्वालामुखी का सबसे भयावह विस्फोट वर्ष 1814 में हुआ था। उस समय ज्वालामुखी से निकली राख,लावा और गर्म पत्थरों ने आसपास के गाँवों और कस्बों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। इस आपदा में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। कई ऐतिहासिक चर्च और इमारतें भी राख में दब गई थीं। इसके बाद से मायोन ज्वालामुखी को दुनिया के सबसे खतरनाक ज्वालामुखियों में गिना जाने लगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मायोन ज्वालामुखी के आसपास बड़ी संख्या में लोग रहते हैं,इसलिए इसकी हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाती है। ज्वालामुखी से निकलने वाला लावा,राख और गैस आसपास के लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। कई बार भारी बारिश के दौरान राख और मिट्टी मिलकर कीचड़ का रूप ले लेते हैं,जिसे लहार कहा जाता है। यह तेज रफ्तार कीचड़ बहाव गाँवों और खेतों को भारी नुकसान पहुँचा सकता है।
सोमवार रात दिखाई दिया यह दुर्लभ दृश्य अब दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वैज्ञानिक इस घटना का विश्लेषण कर रहे हैं,जबकि आम लोग इसे प्रकृति के सबसे अद्भुत नजारों में से एक मान रहे हैं। एक तरफ आसमान में चमकता उल्कापिंड और दूसरी तरफ धधकता ज्वालामुखी,दोनों का एक साथ दिखाई देना बेहद दुर्लभ माना जा रहा है।
