प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

भीषण गर्मी पर प्रधानमंत्री मोदी की चिंता,लोगों से सावधानी बरतने और प्यासों की मदद करने की अपील

नई दिल्ली,27 मई (युआईटीवी)- देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सतर्क रहने और एक-दूसरे की मदद करने की अपील की है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच चुका है,जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चिलचिलाती धूप,गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने लोगों की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने और मानवता के साथ-साथ पशु-पक्षियों के प्रति भी संवेदनशील रहने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके कारण दैनिक जीवन में कठिनाइयाँ भी बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे जितनी अधिक सावधानी बरत सकते हैं,अवश्य बरतें। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है और घर से बाहर निकलते समय पानी साथ लेकर जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि संभव हो तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी जरूर दें।

प्रधानमंत्री ने उन लोगों की भी सराहना की जो अपने घरों और दुकानों के बाहर मटकों में पानी भरकर रखते हैं ताकि राहगीर अपनी प्यास बुझा सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की छोटी-छोटी पहलें समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है,जब देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत,मध्य भारत और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान,दिल्ली,उत्तर प्रदेश,बिहार,मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में तापमान लगातार खतरनाक स्तर तक पहुँच रहा है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक,डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे संदेश में बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग समय-समय पर अपने माता-पिता,दादा-दादी,नाना-नानी और अन्य प्रियजनों का हालचाल लेते रहें। प्रधानमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों को पर्याप्त पानी पीने,दोपहर की तेज धूप से बचने और अधिक से अधिक आराम करने की सलाह दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस कठिन दौर में परिवार और समाज का सहयोग बहुत जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों,बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ता है। शरीर में पानी की कमी होने पर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। डॉक्टर लोगों को लगातार पानी पीने,हल्का भोजन करने और धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी विभिन्न राज्यों में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में पशु-पक्षियों का भी जिक्र किया और लोगों से उनके प्रति संवेदनशील रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को नहीं भूलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि वे अपने घर,बालकनी,छत,दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा बर्तन रखें ताकि प्यासे पक्षियों को पानी मिल सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के इन दिनों में यह छोटा सा प्रयास भी किसी जीव के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

देश के कई हिस्सों में गर्मी के कारण जलस्रोत सूखने लगे हैं और पक्षियों तथा जानवरों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में तेजी से घटते पेड़ और बढ़ते तापमान के कारण पक्षियों के लिए हालात और मुश्किल हो गए हैं। ऐसे में लोगों द्वारा पानी के बर्तन रखना और छांव की व्यवस्था करना बेहद मददगार साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग उनके संदेश को साझा कर रहे हैं और अपने आसपास जरूरतमंद लोगों की मदद करने की अपील कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी समूहों ने भी सार्वजनिक स्थानों पर पानी के मटके रखने और राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण देश में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में हीटवेव की घटनाएँ अधिक गंभीर और लंबी होती गई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की अत्यधिक गर्मी और भी बढ़ सकती है,इसलिए लोगों को सतर्क रहने और पर्यावरण संरक्षण पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

इस बीच कई राज्य सरकारों ने भी गर्मी से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। स्कूलों के समय में बदलाव,अस्पतालों में अतिरिक्त इंतजाम और सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दे रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि इन कठिन दिनों में सभी को पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी मदद और मानवीय व्यवहार भी किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी राहत बन सकता है। भीषण गर्मी के इस दौर में प्रधानमंत्री का यह संदेश लोगों को न केवल सावधान रहने,बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भी प्रेरणा दे रहा है।