विनेश फोगाट और पूर्व कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह (तस्वीर क्रेडिट@Gurdayal_1984)

एशियन गेम्स ट्रायल में उतरेगी विनेश फोगाट,53 किलोग्राम वर्ग के लिए सफलतापूर्वक पास किया वजन परीक्षण

नई दिल्ली,30 मई (युआईटीवी)- भारतीय महिला कुश्ती की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने एक बार फिर अपने खेल करियर में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए एशियन गेम्स चयन ट्रायल में भाग लेने का रास्ता साफ कर लिया है। शनिवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित वजन-माप प्रक्रिया के दौरान विनेश ने महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के लिए निर्धारित वजन परीक्षण सफलतापूर्वक पास कर लिया। इसके साथ ही वह आगामी चयन ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए आधिकारिक रूप से पात्र हो गई हैं। इस घटनाक्रम को भारतीय कुश्ती जगत में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि पिछले कुछ महीनों से विनेश की भागीदारी और उनकी वजन श्रेणी को लेकर लगातार चर्चा और विवाद बना हुआ था।

अधिकारियों के अनुसार निर्धारित कार्यक्रम के तहत सभी योग्य महिला पहलवानों को वजन परीक्षण के लिए रिपोर्ट करना था। विनेश फोगाट भी तय समय पर वहाँ पहुँचीं और उन्होंने सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया। परीक्षण के बाद उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी गई। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अब वह इसी वजन वर्ग में एशियन गेम्स के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगी।

भारतीय कुश्ती महासंघ ने भी इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया। महासंघ ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इंदिरा गांधी स्टेडियम में महिलाओं की 53 किलोग्राम श्रेणी सहित सभी वजन वर्गों के लिए वजन माप की प्रक्रिया पूरी की गई। महासंघ के अनुसार विनेश फोगाट समेत सभी पात्र पहलवानों ने आवश्यक नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया और जो खिलाड़ी निर्धारित मानकों पर खरे उतरे,उन्हें चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की मंजूरी दे दी गई।

यह घटनाक्रम इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में विनेश फोगाट की भागीदारी को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर काफी बहस देखने को मिली थी। मामला उस समय और अधिक चर्चा में आ गया था,जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया,जिसमें विनेश को एशियन गेम्स चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले ने उनके लिए ट्रायल में भाग लेने का रास्ता खुला रखा,हालाँकि,उनकी वजन श्रेणी को लेकर विवाद बना रहा।

भारतीय कुश्ती महासंघ पहले यह रुख अपनाए हुए था कि विनेश को केवल 50 किलोग्राम वर्ग में ही ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। महासंघ का तर्क था कि उन्होंने हाल के अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों,विशेष रूप से पेरिस ओलंपिक में इसी वजन वर्ग में हिस्सा लिया था। महासंघ के सूत्रों ने उस समय यह भी कहा था कि एक प्रतिष्ठित और अनुभवी पहलवान होने के नाते उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा,लेकिन केवल 50 किलोग्राम वर्ग में।

हालाँकि,अब 53 किलोग्राम वर्ग में वजन परीक्षण सफलतापूर्वक पास कर लेने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि विनेश इसी श्रेणी में अपनी चुनौती पेश करेंगी। यह वही वजन वर्ग है जिसमें उन्होंने अपने करियर की कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। कुश्ती करियर के शुरुआती चरण में 48 किलोग्राम वर्ग से शुरुआत करने वाली विनेश बाद में 51 किलोग्राम वर्ग में पहुँचीं और फिर 53 किलोग्राम वर्ग में खुद को स्थापित किया। इसी श्रेणी में उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में दो पदक जीतकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया था।

विनेश फोगाट का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए शानदार वापसी की है। पेरिस ओलंपिक में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बनाई थी। यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है। हालाँकि,फाइनल मुकाबले से पहले हुए वजन परीक्षण में वह निर्धारित सीमा से मामूली अंतर से अधिक वजन की पाई गईं,जिसके कारण उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा। इस घटना ने न केवल भारतीय खेल जगत,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती समुदाय को भी झकझोर दिया था।

उस निराशाजनक घटनाक्रम के बाद विनेश ने भावुक होकर अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा था कि अब उनके पास आगे बढ़ने की ताकत नहीं बची है,लेकिन खेल के प्रति उनका जुनून और देश के लिए कुछ बड़ा करने की इच्छा उन्हें फिर से मैट पर वापस ले आई। दिसंबर 2025 में उन्होंने अपने संन्यास के फैसले को वापस लेते हुए स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य अब 2028 में होने वाले लॉस एंजेलिस ओलंपिक खेल हैं।

मैट से दूर रहने के दौरान उनके जीवन में कई व्यक्तिगत बदलाव भी आए। पिछले वर्ष जुलाई में वह माँ बनीं और उसके बाद उन्होंने परिवार तथा खेल दोनों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती स्वीकार की। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मातृत्व के बाद प्रतिस्पर्धी खेलों में वापसी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता,लेकिन विनेश ने एक बार फिर अपने समर्पण और मानसिक मजबूती का परिचय दिया है।

अब एशियन गेम्स चयन ट्रायल उनके लिए एक नई शुरुआत और नए लक्ष्य की ओर पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। 53 किलोग्राम वर्ग में उनकी वापसी से प्रतिस्पर्धा और भी रोचक होने की संभावना है। भारतीय कुश्ती प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विनेश एक बार फिर अपने अनुभव और कौशल के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल होंगी।

भारतीय कुश्ती में विनेश फोगाट केवल एक खिलाड़ी नहीं,बल्कि संघर्ष,दृढ़ता और वापसी की मिसाल मानी जाती हैं। वजन परीक्षण में सफलता के साथ उन्होंने यह संकेत दे दिया है कि उनका सफर अभी समाप्त नहीं हुआ है। अब आने वाले चयन ट्रायल में उनका प्रदर्शन तय करेगा कि एशियाई खेलों और आगे चलकर लॉस एंजेलिस ओलंपिक की राह पर वह कितनी मजबूती से आगे बढ़ती हैं।