आईपीएल फाइनल में विराट कोहली के बल्ले ने रचा इतिहास (तस्वीर क्रेडिट@Vickey_Offl1742)

आईपीएल 2026: विराट कोहली के बल्ले ने रचा इतिहास,आरसीबी ने गुजरात को हराकर लगातार दूसरी बार जीता आईपीएल खिताब

नई दिल्ली,1 जून (युआईटीवी)- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात टाइटंस को पाँच विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। अहमदाबाद में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में बेंगलुरु की जीत के सबसे बड़े नायक अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली रहे,जिन्होंने दबाव भरे फाइनल में नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई। उनकी इस पारी ने न केवल बेंगलुरु को खिताब तक पहुँचाया,बल्कि कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी उनके नाम कर दिए।

फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 155 रन बनाए और बेंगलुरु के सामने 156 रन का लक्ष्य रखा। लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था,लेकिन फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में हर रन का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में बेंगलुरु को एक अनुभवी और जिम्मेदार पारी की जरूरत थी,जिसे विराट कोहली ने बखूबी निभाया।

पारी की शुरुआत से ही कोहली आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए तेजी से रन जुटाए और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। कोहली ने महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया,जो उनके आईपीएल करियर का सबसे तेज अर्धशतक साबित हुआ। इससे पहले उन्होंने कभी भी आईपीएल में इतनी कम गेंदों पर पचास रन नहीं बनाए थे। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि यह फाइनल मुकाबले में आई,जहाँ दबाव सामान्य मैचों की तुलना में कहीं अधिक होता है।

कोहली की यह अर्धशतकीय पारी आईपीएल फाइनल के इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज अर्धशतक भी बन गई। उन्होंने अपनी नाबाद 75 रन की पारी में 42 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और तीन शानदार छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी में अनुभव,आक्रामकता और संयम का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। जब-जब गुजरात के गेंदबाजों ने वापसी की कोशिश की,तब-तब कोहली ने शानदार शॉट्स लगाकर मुकाबले को अपनी टीम के पक्ष में बनाए रखा।

पूरे टूर्नामेंट में विराट कोहली का प्रदर्शन असाधारण रहा। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए और 165 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इस शानदार प्रदर्शन के साथ वह बेंगलुरु के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। इतना ही नहीं,उन्होंने आईपीएल इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। कोहली लगातार चार सीजन में 600 से अधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता,फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

फाइनल में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इसके साथ ही वह आईपीएल फाइनल में यह पुरस्कार जीतने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 37 वर्ष और 207 दिन की उम्र में यह सम्मान हासिल किया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उम्र केवल एक संख्या है और महान खिलाड़ी अपने अनुभव और कौशल के दम पर किसी भी मंच पर प्रभाव छोड़ सकते हैं।

बेंगलुरु की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत से ही सकारात्मक क्रिकेट खेला। हालाँकि,बीच के ओवरों में टीम ने कुछ विकेट गंवाए,लेकिन कोहली एक छोर पर मजबूती से टिके रहे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियाँ कीं और टीम को जीत की दहलीज तक पहुँचाया। जैसे-जैसे लक्ष्य करीब आता गया,स्टेडियम में मौजूद बेंगलुरु समर्थकों का उत्साह बढ़ता गया।

मुकाबले का सबसे यादगार क्षण 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर देखने को मिला,जब विराट कोहली ने अरशद खान की गेंद पर शानदार छक्का जड़कर टीम को जीत दिला दी। गेंद सीमा रेखा के पार पहुँचते ही पूरा स्टेडियम जश्न में डूब गया। बेंगलुरु के खिलाड़ी मैदान पर दौड़ पड़े और कोहली को घेरकर जीत का उत्सव मनाने लगे। यह दृश्य बेंगलुरु के प्रशंसकों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा।

इस जीत के साथ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। टीम आईपीएल इतिहास में खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली केवल तीसरी फ्रेंचाइजी बन गई है। इससे पहले यह कारनामा केवल चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस ही कर सकी थीं। लगातार दो सीजन तक चैंपियन बने रहना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता,लेकिन बेंगलुरु ने अपने संतुलित प्रदर्शन और मजबूत टीम भावना के दम पर यह उपलब्धि हासिल कर ली।

आईपीएल 2026 का फाइनल विराट कोहली के करियर के सबसे यादगार मुकाबलों में गिना जाएगा। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मंच पर बड़े खिलाड़ी ही सबसे अधिक चमकते हैं। उनकी बल्लेबाजी ने न केवल टीम को ट्रॉफी दिलाई,बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को भी रोमांच से भर दिया। लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के साथ बेंगलुरु ने आईपीएल में अपनी बादशाहत कायम रखी है और आने वाले वर्षों के लिए बाकी टीमों को एक मजबूत चुनौती भी दे दी है।