मुंबई,2 जून (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित बताई जा रही फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ रिलीज से पहले ही बड़े विवादों में घिर गई है। फिल्म के निर्माण और प्रचार को लेकर अब कानूनी मोर्चे पर भी टकराव शुरू हो गया है। ताजा घटनाक्रम में सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माताओं को नोटिस भेजकर इसकी रिलीज पर रोक लगाने की माँग की है। साथ ही फिल्म से संबंधित सभी प्रचार सामग्री को तत्काल हटाने के लिए भी कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार,कानूनी नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि फिल्म की रिलीज,प्रचार और उससे जुड़े सभी सार्वजनिक अभियान तत्काल प्रभाव से रोके जाएँ। इसमें पोस्टर, डिजिटल प्रचार सामग्री और अन्य प्रचार माध्यमों को भी हटाने की माँग की गई है। नोटिस में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया,तो संबंधित पक्षों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही यह परियोजना चर्चा और विवाद दोनों का विषय बनी हुई थी। अब सलमान खान की कानूनी टीम के हस्तक्षेप के बाद फिल्म के भविष्य और इसकी संभावित रिलीज को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ का निर्देशन भरत एस. श्रीनेत ने किया है,जबकि इसके निर्माता अमित जानी हैं। अमित जानी का नाम इससे पहले भी कई विवादास्पद परियोजनाओं के साथ जुड़ चुका है। उन्होंने ऐसे विषयों पर आधारित फिल्मों का समर्थन किया है,जो सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर व्यापक बहस का कारण बने। यही वजह है कि उनकी नई फिल्म की घोषणा के बाद भी लोगों की नजरें इस परियोजना पर बनी हुई थीं।
फिल्म को लेकर निर्माताओं का दावा है कि यह एक बड़े पैमाने पर बनाई गई कोर्टरूम ड्रामा और क्राइम थ्रिलर है,जिसमें वास्तविक घटनाओं से प्रेरित कहानी को सिनेमाई रूप दिया गया है। निर्माताओं के अनुसार,फिल्म में कानूनी संघर्ष,अपराध,रहस्य और एक्शन का मिश्रण देखने को मिलेगा। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तकनीक और हॉलीवुड शैली के प्रस्तुतीकरण के साथ तैयार किया गया है ताकि दर्शकों को एक अलग अनुभव मिल सके।
हाल ही में फिल्म का पहला लुक पोस्टर भी जारी किया गया था। पोस्टर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। पोस्टर में मुख्य किरदार को रहस्यमयी और आक्रामक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। लाल और नीले रंग की पृष्ठभूमि के बीच दिखाई गई यह छवि किसी बड़े संघर्ष और रोमांचक कहानी की ओर संकेत करती है। पोस्टर जारी होने के साथ ही निर्माताओं ने यह भी घोषणा की थी कि फिल्म का टीजर 20 जून को रिलीज किया जाएगा।
हालाँकि,पोस्टर और टीजर की घोषणा के बाद फिल्म को लेकर जो उत्सुकता पैदा हुई थी, वह अब कानूनी विवाद के कारण नए मोड़ पर पहुँच गई है। सलमान खान की टीम का मानना है कि फिल्म की विषयवस्तु और प्रचार सामग्री से अभिनेता की छवि तथा उनके व्यक्तिगत और कानूनी मामलों पर प्रभाव पड़ सकता है। हालाँकि,नोटिस की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है,लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिल्म की रिलीज रोकने और प्रचार सामग्री हटाने की माँग प्रमुख रूप से की गई है।
गौरतलब है कि काला हिरण शिकार मामला लंबे समय से देश के सबसे चर्चित कानूनी मामलों में शामिल रहा है। इस मामले ने वर्षों तक सुर्खियाँ बटोरीं और कई बार अदालतों में सुनवाई का विषय बना। इसी वजह से जब इस विषय पर फिल्म बनने की खबर सामने आई,तो लोगों के बीच इसे लेकर स्वाभाविक जिज्ञासा पैदा हुई। 29 मई को पहली बार यह जानकारी सार्वजनिक हुई थी कि काला हिरण मामले से प्रेरित एक फिल्म पर काम चल रहा है।
फिल्म को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हुई कि इसमें सलमान खान और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच वर्षों से चली आ रही चर्चित दुश्मनी को भी कथानक का हिस्सा बनाया जाएगा। यह विवाद हाल के वर्षों में लगातार सुर्खियों में रहा है और इसी कारण फिल्म को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई। हालाँकि,फिल्म निर्माताओं ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वास्तविक घटनाओं को किस सीमा तक कहानी में शामिल किया गया है,लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है।
निर्माताओं के अनुसार,फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के कई शहरों में की गई है। संभल और मुरादाबाद सहित विभिन्न स्थानों पर फिल्मांकन हुआ है। फिल्म की टीम का दावा है कि उन्होंने कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए वास्तविक वातावरण और बड़े स्तर की प्रोडक्शन तकनीकों का उपयोग किया है।
फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि किसी वास्तविक और संवेदनशील कानूनी मामले पर आधारित फिल्म बनाना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में रचनात्मक स्वतंत्रता और कानूनी सीमाओं के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है। यदि किसी व्यक्ति की छवि,प्रतिष्ठा या न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं,तो विवाद की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि कई बार ऐसी फिल्मों को रिलीज से पहले कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
सलमान खान की कानूनी टीम द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद अब सभी की नजरें फिल्म निर्माताओं की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माता इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या फिल्म की निर्धारित रिलीज योजना में कोई बदलाव किया जाता है। यदि दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझ नहीं पाता,तो यह विवाद अदालत तक भी पहुँच सकता है।
फिलहाल ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ मनोरंजन जगत की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बन गई है। एक ओर फिल्म के विषय ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है,वहीं दूसरी ओर कानूनी विवाद ने इसकी चर्चा को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि फिल्म अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है या फिर कानूनी चुनौतियों के कारण इसकी रिलीज पर असर पड़ता है। इतना तय है कि यह मामला आने वाले समय में बॉलीवुड और कानूनी जगत दोनों में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहेगा।
