रूस के भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहला यूक्रेन (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

रूस के भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहला यूक्रेन,कीव और डनिप्रो में भारी तबाही, कई लोगों की मौत

नई द‍िल्‍ली,3 जून (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। रूस ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए,जिससे व्यापक तबाही मची और बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हुए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इन हमलों को युद्ध के दौरान हुए सबसे बड़े और विनाशकारी हमलों में से एक बताया है। रातभर चले हमलों के बाद राजधानी कीव सहित कई क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य जारी हैं,जबकि मृतकों और घायलों की संख्या लगातार बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि रूस ने एक बार फिर नागरिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया है। उनके अनुसार,सबसे ज्यादा नुकसान राजधानी कीव में हुआ,जहाँ कई आवासीय इमारतें और नागरिक सुविधाएँ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। हमलों के बाद कई इलाकों में मलबा हटाने और फँसे लोगों को बाहर निकालने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

जेलेंस्की ने बताया कि रूस के हमलों के बाद हालात को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा के 500 से अधिक कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है,जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। राजधानी के अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायलों का इलाज चल रहा है और चिकित्सा सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

कीव के अलावा डनिप्रो शहर में भी हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, यहाँ एक चार मंजिला आवासीय इमारत पर हमला हुआ,जिससे इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया। मलबे में कई लोग दब गए,जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। डनिप्रो में एक बच्चे सहित नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 35 लोग घायल हुए हैं और कई लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार,छह लोग अब भी लापता हैं और उनके जीवित मिलने की उम्मीद में राहत एवं बचाव कार्य जारी रखा गया है।

यूक्रेनी प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। बचाव दल लगातार मलबा हटाने,घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने केवल आवासीय क्षेत्रों को ही नहीं,बल्कि ऊर्जा ढाँचे और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं को भी निशाना बनाया। उनके अनुसार,खार्किव क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले किए गए,जिससे वहाँ आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ा है। खार्किव शहर के अलावा मिकोलाइव,जापोरिजिया,पोल्टावा,सूमी,चेर्निहिव और खमेलनित्सकी क्षेत्रों में भी हमले दर्ज किए गए हैं। इन हमलों ने यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में चिंता और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।

यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार,रूस ने रातभर में कुल 656 अटैक ड्रोन और 73 विभिन्न प्रकार की मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इनमें बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर किए गए हमले का उद्देश्य यूक्रेन की रक्षा क्षमता और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर दबाव बढ़ाना हो सकता है।

जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला केवल सैन्य कार्रवाई नहीं,बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी है कि यदि यूक्रेन को पर्याप्त वायु रक्षा प्रणाली उपलब्ध नहीं कराई गई,तो ऐसे हमले भविष्य में भी जारी रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक मिसाइलों और ड्रोन से बचाव के लिए उन्नत सुरक्षा प्रणालियों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों से अपनी सामूहिक रक्षा क्षमता को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यूरोप को अपनी स्वतंत्र एंटी-बैलिस्टिक रक्षा व्यवस्था विकसित करनी चाहिए,ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में इस तरह के खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। उनके अनुसार,मौजूदा संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्धों में हवाई सुरक्षा प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

जेलेंस्की ने अमेरिका से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के लिए मिसाइलों की निरंतर आपूर्ति को आवश्यक बताया। उनका कहना है कि यूक्रेन की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों का सहयोग निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहयोगी देश इस हमले का प्रभावी जवाब देने और यूक्रेन की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करेंगे।

अपने संदेश में राष्ट्रपति ने यूक्रेन के नागरिकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हवाई हमले की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षा निर्देशों को गंभीरता से लेने के कारण कई लोगों की जान बच सकी। उन्होंने उन सभी नागरिकों,बचावकर्मियों,डॉक्टरों और स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया,जो संकट की इस घड़ी में लोगों की सहायता के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष फिर से तेज हुआ है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियाँ बढ़ी हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर किए गए इस हमले ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान एक बार फिर युद्ध की गंभीरता की ओर आकर्षित किया है। नागरिक क्षेत्रों पर हमलों और बढ़ती जनहानि को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।

फिलहाल यूक्रेन के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान जारी है। कई स्थानों पर मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है और अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। इस बीच,यूक्रेन की सरकार अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों से अतिरिक्त सैन्य और मानवीय सहायता की माँग कर रही है,ताकि युद्ध से उत्पन्न चुनौतियों का सामना किया जा सके।

रूस के इस व्यापक हमले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध अभी समाप्ति से दूर है और दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष लगातार नए और अधिक विनाशकारी रूप ले रहा है। ऐसे समय में लाखों यूक्रेनी नागरिकों की सुरक्षा,राहत और पुनर्वास सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।