दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण आग से मची तबाही (तस्वीर क्रेडिट@OrissaPOSTLive)

दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण आग से मची तबाही,10 लोगों की मौत,कई घायल; जाँच के आदेश

नई दिल्ली,3 जून (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यहाँ स्थित बहुमंजिला ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ में अचानक भीषण आग लग गई,जिसने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है,जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है,जहाँ उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया है,क्योंकि राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार,आग लगने की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया। घटनास्थल पर दमकल विभाग की 10 गाड़ियाँ भेजी गईं,जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालाँकि,आग बुझाए जाने के बाद भी इमारत के विभिन्न हिस्सों में तलाशी अभियान जारी रखा गया,ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति अंदर फँसा न रह गया हो।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों की ओर भागे,जबकि कुछ लोगों ने खिड़कियों और बालकनियों से बाहर निकलने की कोशिश की। स्थिति इतनी भयावह थी कि कुछ लोगों को तीसरी मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। स्थानीय लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए नीचे गद्दे और अन्य सामान बिछाकर लोगों को सुरक्षित बचाने का प्रयास किया। इस दौरान कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

मालवीय नगर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन की सभी संबंधित टीमों को सक्रिय कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होना था,लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए वे तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने बताया कि इमारत के निचले हिस्से में एक रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था और प्रारंभिक आशंका यही है कि आग उसी हिस्से से शुरू हुई होगी। हालाँकि,आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और इसकी विस्तृत जाँच कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि अब तक कई शव बरामद किए जा चुके हैं और घायलों को अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार,कई लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ी संख्या में जानें बच सकीं। प्रशासन ने यह भी बताया कि बिजली आपूर्ति कंपनी ने तत्काल इलाके की बिजली काट दी थी,जिससे आग के और अधिक फैलने की संभावना को कम किया जा सका।

घटना के बाद प्रशासन ने रेस्टोरेंट के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की भी जाँच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है,तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है।

इस बीच,स्थानीय विधायक और आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनके विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगी। उन्होंने आशंका जताई कि इस हादसे में कई लोगों की जान गई है और मृतकों में बड़ी संख्या में अफ्रीकी मूल के नागरिक भी शामिल हो सकते हैं। हालाँकि,प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार,आग लगने के बाद पूरे इलाके में धुएँ का घना गुबार फैल गया था। कई किलोमीटर दूर तक धुआँ दिखाई दे रहा था,जिससे आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। दमकल कर्मियों और पुलिस ने इलाके को घेरकर राहत कार्य शुरू किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।

विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाएँ अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण गंभीर रूप ले लेती हैं। यदि इमारतों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण,आपातकालीन निकास मार्ग और नियमित सुरक्षा निरीक्षण मौजूद न हों,तो ऐसे हादसों में जान-माल का नुकसान कई गुना बढ़ सकता है। इसी कारण प्रशासन अब इस बात की भी जाँच कर रहा है कि संबंधित इमारत में अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है,जब एक दिन पहले ही दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में एक अन्य गंभीर दुर्घटना सामने आई थी। वहाँ एक संदिग्ध एलपीजी सिलेंडर विस्फोट के बाद एक इमारत ढह गई थी,जिसमें 10 लोग घायल हो गए थे। उस घटना में भी राहत और बचाव कार्य के लिए दमकल विभाग तथा आपदा प्रबंधन टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया था।

मुकुंदपुर हादसे में प्रारंभिक जाँच के दौरान यह आशंका जताई गई थी कि एलपीजी सिलेंडर फटने के कारण इमारत ढही। धमाके के बाद लगभग 250 वर्ग गज क्षेत्र में फैली एक मंजिला संरचना पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई थी। अधिकारियों ने वहाँ भी व्यापक तलाशी अभियान चलाया था ताकि किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी में भवन सुरक्षा,अग्निशमन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मालवीय नगर की घटना के बाद प्रशासन ने जाँच शुरू कर दी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आग लगने के कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल पूरे शहर की निगाहें राहत एवं बचाव कार्यों पर टिकी हुई हैं,जबकि पीड़ित परिवार अपने प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भयावह त्रासदी का कारण बन सकती है।