वॉशिंगटन,6 जून (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई महीने में जारी रोजगार संबंधी आँकड़ों को अपनी आर्थिक नीतियों की बड़ी सफलता बताते हुए दावा किया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था तमाम वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन की ताजा रिपोर्ट यह साबित करती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और विकास की रफ्तार लगातार बनी हुई है। ट्रंप ने विशेष रूप से ईरान के साथ जारी तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे हालात के बावजूद अमेरिका का आर्थिक प्रदर्शन अनुमान से कहीं बेहतर रहा है।
विस्कॉन्सिन राज्य के चिपेवा फॉल्स में कृषि क्षेत्र से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने रोजगार के आँकड़ों को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि मई महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 1 लाख 72 हजार नई नौकरियाँ जुड़ी हैं,जो विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से काफी अधिक हैं। राष्ट्रपति के अनुसार,कई आर्थिक विश्लेषकों ने नौकरियों की संख्या में अपेक्षाकृत कम वृद्धि का अनुमान लगाया था,लेकिन वास्तविक आँकड़ों ने सभी पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ दिया।
ट्रंप ने कहा कि लगातार तीसरे महीने रोजगार संबंधी आँकड़ों ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने इसे अपने प्रशासन की अब तक की सबसे मजबूत रोजगार रिपोर्टों में से एक बताया। उनके अनुसार,जब किसी देश में बड़ी संख्या में नई नौकरियाँ पैदा होती हैं,तो यह केवल रोजगार बाजार की मजबूती का संकेत नहीं होता,बल्कि यह पूरे आर्थिक तंत्र में बढ़ते विश्वास और निवेश का भी प्रमाण होता है।
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने विशेष रूप से विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में रोजगार बढ़ने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केवल एक महीने के भीतर विनिर्माण क्षेत्र में 7 हजार नई नौकरियाँ और निर्माण क्षेत्र में 17 हजार नई नौकरियाँ जुड़ी हैं। उनका कहना था कि ये आँकड़े दर्शाते हैं कि अमेरिकी उद्योग जगत में गतिविधियाँ तेज हुई हैं और कारोबारी संस्थानों का विश्वास बढ़ा है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पिछले दो महीनों के रोजगार आँकड़ों में संशोधन करते हुए लगभग 1 लाख अतिरिक्त नौकरियों को जोड़ा गया है। उनके अनुसार,इससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी श्रम बाजार पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है और आने वाले महीनों में भी रोजगार के अवसर बढ़ते रहेंगे।
अपने भाषण में ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने एक बार फिर ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक की रणनीति की आलोचना की और कहा कि महँगाई पर नियंत्रण पाने का सबसे प्रभावी तरीका आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है,न कि केवल सख्त मौद्रिक नीतियाँ अपनाना। ट्रंप का मानना है कि जब अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और उत्पादन में वृद्धि होती है,तब महँगाई को स्वाभाविक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि जब रोजगार के मजबूत आँकड़े सामने आते हैं,तो शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिलती है,क्योंकि निवेशकों को आशंका होती है कि ब्याज दरों में वृद्धि की जा सकती है। ट्रंप ने इस सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक आर्थिक विकास ही महँगाई को नियंत्रित करने का सबसे बेहतर माध्यम है। उनके अनुसार,मजबूत उत्पादन,बढ़ती नौकरियाँ और निवेश का विस्तार किसी भी अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती प्रदान करते हैं।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की आलोचना भी दोहराई। ट्रंप लंबे समय से पॉवेल पर ब्याज दरों को आवश्यकता से अधिक ऊँचा रखने का आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ब्याज दरों को कम किया जाना चाहिए,ताकि निवेश और आर्थिक गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके। ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर केविन वॉर्श की भी सराहना की और कहा कि वे इस भूमिका में बेहतर काम कर सकते हैं।
रोजगार और मौद्रिक नीति के अलावा ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में निवेश के बढ़ते स्तर को भी अपनी नीतियों की सफलता बताया। उन्होंने दावा किया कि जब से उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आई है,तब से अमेरिका को 18 ट्रिलियन डॉलर के निवेश वादे प्राप्त हुए हैं। उनके अनुसार,यह निवेश विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं,विनिर्माण इकाइयों और बुनियादी ढाँचा विकास से संबंधित क्षेत्रों में किया जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में इस समय रिकॉर्ड स्तर पर नए औद्योगिक संयंत्रों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के इतिहास में शायद ही कभी इतनी बड़ी संख्या में नए प्लांट स्थापित किए गए हों। उनका कहना था कि घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने की नीति का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है।
राष्ट्रपति ने मजदूरी में हुई वृद्धि का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान विनिर्माण क्षेत्र के कर्मचारियों की मजदूरी में 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। ट्रंप के अनुसार,केवल रोजगार बढ़ना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि कर्मचारियों की आय में सुधार होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब लोगों की आमदनी बढ़ती है,तो उपभोक्ता खर्च बढ़ता है,जिससे अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त गति मिलती है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि उनकी व्यापार,ऊर्जा और कर नीतियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की कम कीमतें उद्योगों के लिए लाभदायक साबित हो रही हैं और इससे उत्पादन लागत कम हो रही है। साथ ही घरेलू निवेश में वृद्धि से नए रोजगार अवसर पैदा हो रहे हैं और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल रही है।
ट्रंप का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की नीति ने अमेरिकी उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यदि यही रफ्तार बनी रही,तो आने वाले महीनों में आर्थिक विकास और तेज हो सकता है।
हालाँकि,आर्थिक विशेषज्ञों के बीच इस बात पर बहस जारी है कि रोजगार के मजबूत आँकड़ों का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा और महँगाई तथा ब्याज दरों के बीच संतुलन किस प्रकार स्थापित किया जाएगा,लेकिन ट्रंप ने स्पष्ट रूप से यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी आर्थिक नीतियाँ सकारात्मक परिणाम दे रही हैं और अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है।
मई महीने के रोजगार आँकड़ों ने अमेरिकी राजनीति और आर्थिक बहस को नई दिशा दे दी है। एक ओर ट्रंप इसे अपनी नीतियों की सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं,वहीं दूसरी ओर आर्थिक विश्लेषक इन आँकड़ों के व्यापक प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि रोजगार बाजार की मजबूती ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं और आने वाले समय में इन आँकड़ों का असर राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर देखने को मिल सकता है।
