न्यू चंडीगढ़,9 जून (युआईटीवी)- महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान पर पूरी तरह दबदबा बनाते हुए उसे एक पारी और 300 रन के विशाल अंतर से पराजित कर दिया। मैच के चौथे दिन ही समाप्त हो गए इस मुकाबले में भारत ने बल्लेबाजी,गेंदबाजी और रणनीति तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम को कहीं भी वापसी का मौका नहीं दिया। भारतीय टीम की इस जीत के नायक डेब्यू कर रहे युवा स्पिनर मानव सुथार,वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव रहे,जिन्होंने अफगानिस्तान की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया था। भारतीय बल्लेबाजों ने अफगान गेंदबाजों पर जमकर प्रहार करते हुए रन बटोरे और पहली पारी में इतना बड़ा स्कोर बनाया कि अफगानिस्तान शुरू से ही दबाव में आ गया। भारतीय टीम ने पहली पारी के आधार पर 412 रनों की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी,जिसने मुकाबले का रुख लगभग तय कर दिया था।
इसके जवाब में पहली पारी खेलने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और सिर्फ 152 रन बनाकर सिमट गई। टीम की ओर से रहमत शाह ने सबसे अधिक 60 रन बनाए और अकेले संघर्ष करते नजर आए। हालाँकि,उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का पर्याप्त साथ नहीं मिला। अफगानिस्तान के अधिकांश बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों और तेज गेंदबाजों के सामने असहाय दिखाई दिए।
भारतीय टीम की ओर से अपना पहला टेस्ट खेल रहे मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। युवा स्पिनर ने पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए मात्र 37 रन देकर 6 विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने अफगान बल्लेबाज लगातार संघर्ष करते रहे। मानव को प्रसिद्ध कृष्णा का भी अच्छा साथ मिला,जिन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए। भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के चलते अफगानिस्तान पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाने में पूरी तरह विफल रहा।
पहली पारी में 412 रन पीछे रहने के कारण अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। दूसरी पारी में टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी,लेकिन बल्लेबाज एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। अफगानिस्तान की शुरुआत अपेक्षाकृत अच्छी रही। सेदिकुल्लाह अटल और अब्दुल मलिक ने पहले विकेट के लिए 42 रन जोड़कर टीम को सँभलकर शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में धैर्य दिखाया और भारतीय गेंदबाजों को कुछ देर तक विकेट से दूर रखा।
हालाँकि,यह साझेदारी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। अब्दुल मलिक 8 रन बनाकर आउट हुए और इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। सेदिकुल्लाह अटल ने संघर्ष जारी रखा और 80 गेंदों में 42 रन बनाए,लेकिन वॉशिंगटन सुंदर ने उन्हें आउट कर अफगानिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।
विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज,जिनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी,दूसरी पारी में भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने 24 रन बनाए, लेकिन अपनी पारी को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। पहली पारी में अर्धशतक जमाने वाले रहमत शाह भी इस बार केवल 13 रन ही बना पाए। कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी का बल्ला भी खामोश रहा और वह मात्र 5 रन बनाकर चलते बने। अजमतुल्लाह उमरजई भी सिर्फ 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज भी भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए। विकेटकीपर अफसर जजई 8 रन बनाकर आउट हुए,जबकि खरोटी केवल 6 रन ही बना सके। मोहम्मद सलीम बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। टीम को एक और झटका तब लगा जब अशरफ चोटिल होने के कारण बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतर सके।
अफगानिस्तान की पूरी दूसरी पारी 112 रन पर समाप्त हो गई और इस तरह टीम को एक पारी और 300 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। यह हार टेस्ट क्रिकेट में अफगानिस्तान की सबसे निराशाजनक पराजयों में से एक मानी जाएगी।
भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो दूसरी पारी में वॉशिंगटन सुंदर ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी फिरकी का जादू दिखाते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और अफगान बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। कुलदीप यादव ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनकी घूमती गेंदों का जवाब अफगान बल्लेबाजों के पास नहीं था। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और मानव सुथार ने भी एक-एक विकेट लेकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
इस मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में अपना वर्चस्व साबित किया। बल्लेबाजों ने विशाल स्कोर खड़ा किया,जबकि गेंदबाजों ने दोनों पारियों में अफगानिस्तान को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। विशेष रूप से मानव सुथार का डेब्यू प्रदर्शन चर्चा का विषय रहा। पहले ही टेस्ट में छह विकेट लेकर उन्होंने यह संकेत दे दिया कि भविष्य में वह भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।
भारत की यह जीत केवल बड़े अंतर की वजह से खास नहीं है बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम ने युवा खिलाड़ियों को मौका देकर बेहतरीन परिणाम हासिल किया। दूसरी ओर,अफगानिस्तान को अपनी बल्लेबाजी और तकनीकी कमजोरियों पर गंभीरता से काम करना होगा। भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और टीम दोनों पारियों में दबाव से बाहर निकलने में असफल रही।
कुल मिलाकर,महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया यह एकतरफा मुकाबला भारतीय टीम के नाम रहा,जिसने अफगानिस्तान को एक पारी और 300 रन से हराकर अपनी ताकत और गहराई का शानदार प्रदर्शन किया।
