नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक (तस्वीर क्रेडिट@ashoklahiribjp)

नीति आयोग की बैठक में तमिलनाडु की आवाज बुलंद करेंगे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय,विकास और वित्तीय सहायता पर रहेगा फोकस

चेन्नई,11 जून (युआईटीवी)- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि राजनीतिक सहयोगियों,गठबंधन दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार यह माँग उठ रही है कि तमिलनाडु से जुड़े अहम मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती के साथ रखा जाए। ऐसे में नीति आयोग की बैठक मुख्यमंत्री विजय के लिए राज्य की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और लंबित मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गई है।

राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित कल्चरल सेंटर में आयोजित होने वाली इस बैठक में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। बैठक के दौरान विकास की रणनीतियों,केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग,आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण और दीर्घकालिक नीतिगत पहलों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल को केंद्र और राज्यों के बीच संवाद और समन्वय का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है, जहाँ राज्यों को अपनी जरूरतों और सुझावों को सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखने का अवसर मिलता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय पर इस बार विशेष जिम्मेदारी होगी,क्योंकि तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक दलों और सहयोगी संगठनों ने उनसे राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी करने की अपेक्षा जताई है। राज्य के बुनियादी ढाँचे,औद्योगिक विकास,सामाजिक कल्याण योजनाओं और वित्तीय सहायता से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से चर्चा में हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री इन विषयों को विस्तार से उठाएंगे और केंद्र से आवश्यक सहयोग की मांग करेंगे।

मुख्यमंत्री विजय बुधवार को एक निजी विमान से नई दिल्ली पहुँचे। मुख्यमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय राजधानी का यह उनका दूसरा आधिकारिक दौरा है। राजधानी पहुँचने पर वे तमिलनाडु गवर्नमेंट हाउस गए,जहाँ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और नई दिल्ली में तैनात राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। अधिकारियों के साथ प्रारंभिक चर्चा के दौरान नीति आयोग की बैठक के एजेंडे और राज्य की प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

नई दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और संवैधानिक हस्तियों से मुलाकात की। इन बैठकों को केवल शिष्टाचार मुलाकात के रूप में नहीं देखा जा रहा,बल्कि इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संबंधों को मजबूत करने और तमिलनाडु के हितों के लिए व्यापक समर्थन जुटाने की रणनीति के तौर पर भी माना जा रहा है।

बुधवार शाम मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान राज्य और देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। हालाँकि,बैठक के विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए,लेकिन माना जा रहा है कि राज्य के विकास और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से उनके आवास पर भेंट की। यह मुलाकात भी राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री विजय ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात की। यह बैठक विशेष महत्व रखती है क्योंकि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन में कांग्रेस एक प्रमुख सहयोगी दल है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुलाकात के दौरान राज्य और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई होगी। साथ ही आगामी राजनीतिक रणनीतियों और केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर भी विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा से भी मुलाकात की। पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में हुई इस बैठक के दौरान उन्होंने अपनी सरकार को वामपंथी दलों द्वारा दिए जा रहे समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। तमिलनाडु की राजनीति में वामपंथी दलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और राज्य में गठबंधन राजनीति के संदर्भ में इस मुलाकात को भी अहम माना जा रहा है।

दिनभर की राजनीतिक और संवैधानिक बैठकों के बाद मुख्यमंत्री विजय शाम को तमिलनाडु गवर्नमेंट हाउस लौट आए,जहाँ उन्होंने नीति आयोग की बैठक से संबंधित अंतिम तैयारियों की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार,बैठक में मुख्यमंत्री का मुख्य ध्यान तमिलनाडु की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर रहेगा।

जानकारी के अनुसार,मुख्यमंत्री राज्य के बुनियादी ढाँचे के विस्तार,परिवहन परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश,रोजगार सृजन,सामाजिक कल्याण योजनाओं और शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त सहायता जैसे विषयों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। इसके अलावा केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने और लंबित विकास परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी दिलाने की माँग भी उनके एजेंडे में शामिल हो सकती है।

तमिलनाडु लंबे समय से देश के सबसे विकसित और औद्योगिक रूप से मजबूत राज्यों में गिना जाता है। इसके बावजूद राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी,शहरीकरण और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए अतिरिक्त संसाधनों और केंद्र के सहयोग की आवश्यकता है। यही कारण है कि नीति आयोग की बैठक को राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि मुख्यमंत्री विजय का यह दौरा केवल एक औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं है,बल्कि यह उनके राष्ट्रीय राजनीतिक कद और प्रशासनिक दृष्टिकोण की भी परीक्षा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सक्रियता लगातार बढ़ी है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से उनकी मुलाकातें इसी दिशा में महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही हैं।

अब सभी की निगाहें नीति आयोग की बैठक पर टिकी हैं,जहाँ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु की ओर से अपनी बात रखेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य की कौन-कौन सी मांगें केंद्र सरकार के सामने प्रमुखता से उठाई जाती हैं और इन मुद्दों पर केंद्र की प्रतिक्रिया क्या रहती है। तमिलनाडु के राजनीतिक और आर्थिक भविष्य के लिहाज से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।