वैंकूवर,3 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हराकर नॉकआउट चरण में दमदार अंदाज में प्रवेश किया। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने न केवल लगातार तीसरी जीत दर्ज की,बल्कि विश्व कप इतिहास में पहली बार लगातार तीन मुकाबले जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम की ओर से ब्रील एम्बोलो और डैन नडोये ने एक-एक गोल दागकर जीत की नींव रखी,जबकि मजबूत रक्षापंक्ति ने पूरे मुकाबले में अल्जीरिया को कोई गोल करने का मौका नहीं दिया।
मैच की शुरुआत से ही स्विट्जरलैंड ने आक्रामक तेवर अपनाए और गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। टीम ने शुरुआती मिनटों से ही अल्जीरिया के डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। स्विट्जरलैंड की तेज पासिंग,अनुशासित मिडफील्ड और लगातार आक्रमण ने अल्जीरियाई खिलाड़ियों को सँभलने का अवसर नहीं दिया। इसका परिणाम मैच के 10वें मिनट में देखने को मिला,जब स्विट्जरलैंड ने शानदार टीम वर्क के दम पर पहला गोल दाग दिया।
जोहान मंजांबी ने दाएं छोर से शानदार दौड़ लगाते हुए गेंद को तेजी से पेनल्टी बॉक्स के अंदर पहुँचाया । उन्होंने सही समय पर ब्रील एम्बोलो को सटीक पास दिया। एम्बोलो ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुँचाकर स्विट्जरलैंड को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद स्विट्जरलैंड का आत्मविश्वास और बढ़ गया तथा उसने खेल की गति पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।
पहले हाफ के दौरान अल्जीरिया ने भी कुछ अच्छे आक्रमण करने की कोशिश की। टीम ने मिडफील्ड से गेंद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया और कुछ मौकों पर स्विट्जरलैंड के गोल क्षेत्र तक पहुँचने में सफलता भी हासिल की। हालाँकि,अंतिम तीसरे हिस्से में पहुँचने के बाद अल्जीरिया की आक्रामक रणनीति प्रभावी नहीं रही। स्विट्जरलैंड के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर ने हर प्रयास को नाकाम कर दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक अल्जीरिया बराबरी का गोल करने में सफल नहीं हो सका और स्विट्जरलैंड 1-0 की बढ़त के साथ ब्रेक पर गया।
दूसरे हाफ की शुरुआत स्विट्जरलैंड के लिए और भी शानदार रही। खेल दोबारा शुरू होने के महज एक मिनट के भीतर टीम ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। डेनिस जकारिया ने शानदार क्रॉस के जरिए गेंद को अल्जीरिया के रक्षात्मक क्षेत्र में पहुँचाया। अल्जीरियाई डिफेंडर इस गेंद को सही तरीके से क्लियर नहीं कर सके और गेंद डैन नडोये के पास पहुँच गई। नडोये ने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार और सटीक शॉट लगाया,जिसे गोलकीपर रोक नहीं सका। गेंद सीधे गोलपोस्ट में समा गई और स्विट्जरलैंड ने 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली।
यह डैन नडोये का फीफा विश्व कप में पहला गोल था। गोल करने के बाद उन्होंने अपने खास अंदाज में जश्न मनाया,जिसे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भी खूब सराहा। उनके इस गोल ने मुकाबले का रुख पूरी तरह स्विट्जरलैंड के पक्ष में मोड़ दिया।
दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया ने वापसी की कोशिश जरूर की,लेकिन टीम अपने प्रयासों को प्रभावी आक्रमण में बदलने में सफल नहीं हो सकी। स्विट्जरलैंड की रक्षापंक्ति पूरे मैच में बेहद अनुशासित नजर आई। डिफेंडरों ने अल्जीरिया के हमलावर खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का कोई अवसर नहीं दिया। मिडफील्ड खिलाड़ियों ने भी गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए विपक्षी टीम की लय को लगातार बिगाड़े रखा।
दूसरी ओर स्विट्जरलैंड ने बढ़त मिलने के बाद भी आक्रमण जारी रखा। टीम ने गेंद पर अपना कब्जा बनाए रखा और अल्जीरिया को दबाव में रखा। हालाँकि,अंतिम समय तक कोई और गोल नहीं हो सका,लेकिन स्विट्जरलैंड ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबला 2-0 से अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने विश्व कप 2026 में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ने ग्रुप चरण में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा कनाडा को हराया था। लगातार तीन जीत के साथ टीम ने यह भी साबित कर दिया कि वह इस बार खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल है। विश्व कप के इतिहास में यह पहला अवसर है,जब स्विट्जरलैंड ने लगातार तीन मुकाबले जीतने का कारनामा किया है। इस उपलब्धि ने टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत कर दिया है।
स्विट्जरलैंड इस मुकाबले में पहले से ही शानदार फॉर्म के साथ उतरा था। टीम पिछले 17 मुकाबलों में केवल एक बार पराजित हुई थी। ऐसे में अल्जीरिया के खिलाफ मिली यह जीत उसके लगातार बेहतर प्रदर्शन की पुष्टि करती है। टीम के खिलाड़ियों के बीच तालमेल,संतुलित रणनीति और अनुशासित खेल ने पूरे टूर्नामेंट में उसे मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया है।
मैच के बाद स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन ने इस जीत पर संतोष व्यक्त किया। टीम का मानना है कि नॉकआउट चरण में हर मुकाबला चुनौतीपूर्ण होता है और ऐसे में बिना कोई गोल खाए जीत दर्ज करना भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। विशेष रूप से ब्रील एम्बोलो और डैन नडोये के प्रदर्शन ने टीम के आक्रमण को नई धार दी है, जबकि डिफेंस ने लगातार मजबूत प्रदर्शन कर विरोधी टीमों को दबाव में रखा है।
अब स्विट्जरलैंड की अगली चुनौती राउंड ऑफ 16 में होगी। 7 जुलाई को उसका मुकाबला कोलंबिया और घाना के बीच खेले जाने वाले मैच की विजेता टीम से होगा। यह मुकाबला भी वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेला जाएगा। लगातार तीसरी बार वैंकूवर में खेलने उतरने वाली स्विट्जरलैंड की टीम इस मैदान पर अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने की कोशिश करेगी।
विश्व कप के इस चरण में पहुँचने के बाद स्विट्जरलैंड का आत्मविश्वास काफी ऊँचा है। टीम ने अब तक संतुलित बल्लेबाजी जैसी कोई अवधारणा नहीं,बल्कि फुटबॉल के हर विभाग—आक्रमण,मिडफील्ड और रक्षा में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। यदि यही लय आगे भी बनी रहती है,तो स्विट्जरलैंड इस विश्व कप में और बड़ा उलटफेर कर सकती है। फिलहाल टीम की नजरें राउंड ऑफ 16 के मुकाबले पर टिकी हैं,जहाँ वह जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
