दमिश्क,3 जुलाई (युआईटीवी)- सीरिया की राजधानी दमिश्क एक बार फिर हिंसा और असुरक्षा की घटना से दहल उठी। शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित एक व्यस्त कैफे में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई,जबकि 20 अन्य घायल हो गए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कैफे का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बल,पुलिस,अग्निशमन दल और चिकित्सा सहायता टीमें मौके पर पहुँचीं तथा राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया,जहाँ कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सीरिया के गृह मंत्रालय ने देर रात इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विस्फोट राजधानी दमिश्क के मध्य क्षेत्र में स्थित एक कैफे के भीतर हुआ। प्रारंभिक जाँच के अनुसार विस्फोट के लिए लगभग एक किलोग्राम वजन वाले एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक इस विस्फोटक में धातु के छोटे-छोटे टुकड़े भरे गए थे,ताकि धमाके का असर अधिक घातक हो सके और अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुँचे।
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब तीन बजे हुआ। उस समय कैफे में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और कुछ ही क्षणों में पूरे इलाके में धुएँ का गुबार फैल गया। विस्फोट के कारण कैफे के भीतर बैठे कई लोग मलबे में दब गए,जबकि आसपास मौजूद लोगों में भी भगदड़ मच गई। राहत दलों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घायलों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुँचाया।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह कैफे दमिश्क के हिजाज इलाके में अल-नस्र स्ट्रीट पर स्थित है। यह स्थान राजधानी के महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्रों में गिना जाता है और न्याय भवन से लगभग 70 मीटर पश्चिम की ओर स्थित है। इस वजह से विस्फोट के बाद पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई और आसपास के मार्गों पर पुलिस तथा सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई।
धमाके के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को घटनास्थल पर बुलाया गया। जाँच दल विस्फोट में इस्तेमाल किए गए उपकरण के अवशेषों की जाँच कर रहा है,ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोटक सामग्री कहाँ से लाई गई और इसे किस प्रकार कैफे तक पहुँचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए व्यापक जाँच शुरू कर दी गई है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार कई घायल गंभीर रूप से झुलस गए हैं या उन्हें धातु के टुकड़े लगने से गंभीर चोटें आई हैं। अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है और अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है,ताकि घायलों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
हालाँकि,इस विस्फोट की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है,लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना को गंभीर आतंकी हमले के रूप में देख रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जाँच में यह संभावना सामने आ रही है कि कट्टरपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि,उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आएँगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीरिया में राजनीतिक बदलाव के बाद देश अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाया है। पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद नई अंतरिम सरकार पूरे देश में अपना प्रशासनिक और सुरक्षा नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी दौरान कई चरमपंथी समूह फिर से सक्रिय होने का प्रयास कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस्लामिक स्टेट अपने निष्क्रिय पड़े स्लीपर सेल को दोबारा संगठित करने,नए लड़ाकों की भर्ती करने और विभिन्न इलाकों में हथियार पहुँचाने जैसी गतिविधियों में जुटा हुआ है।
विश्लेषकों का कहना है कि राजधानी दमिश्क जैसे अत्यधिक सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में इस प्रकार का विस्फोट होना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। यदि जाँच में किसी आतंकी संगठन की भूमिका सामने आती है,तो यह संकेत होगा कि ऐसे समूह अभी भी देश के भीतर अपनी गतिविधियां संचालित करने की क्षमता रखते हैं।
हाल के महीनों में सीरिया के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों और सैन्य कर्मियों पर हमलों की घटनाएँ भी बढ़ी हैं। जून महीने में सरकारी समाचार एजेंसी ने जानकारी दी थी कि उत्तरी सीरिया के अलेप्पो प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने सीरिया के दो सैनिकों की हत्या कर दी थी। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार यह हमला अलेप्पो के उत्तर-पूर्वी ग्रामीण क्षेत्र में मंबिज शहर के निकट हुआ था। उस घटना ने भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी।
इसके अलावा मई महीने में उत्तर-पूर्वी सीरिया के हसाका प्रांत के ग्रामीण इलाके में सेना के जवानों को ले जा रही एक बस पर हमला किया गया था। उस हमले में दो सैनिकों की जान चली गई थी। अधिकारियों का कहना था कि यह हमला घात लगाकर किया गया था और हमलावर पहले से योजना बनाकर वहाँ पहुँचे थे। इन घटनाओं ने संकेत दिया कि नए सुरक्षा ढाँचे को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
कुछ अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हाल के समय में सीरियाई सैन्य बलों और सुरक्षा कर्मियों पर हुए कई हमलों के पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ हो सकता है। हालाँकि,इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। जाँच एजेंसियाँ प्रत्येक मामले की अलग-अलग जाँच कर रही हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया जारी है।
गौरतलब है कि वर्तमान सीरियाई सैन्य बलों का गठन 2024 के अंत में पूर्व प्रशासन के पतन के बाद किया गया था। नई अंतरिम सरकार देश में स्थिरता बहाल करने,सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और चरमपंथी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ बनी हुई हैं,जहाँ समय-समय पर हिंसक घटनाएँ सामने आती रहती हैं।
दमिश्क में हुए ताजा विस्फोट ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सीरिया में सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया अभी भी कई कठिनाइयों से घिरी हुई है। राजधानी जैसे महत्वपूर्ण शहर में सार्वजनिक स्थान पर हुए इस हमले ने आम नागरिकों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावरों ने विस्फोट की योजना कैसे बनाई और सुरक्षा व्यवस्था को कैसे भेदने में सफल रहे।
सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है। साथ ही अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल राहत और जाँच दोनों कार्य समानांतर रूप से जारी हैं। आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट से इस विस्फोट के पीछे की साजिश, मलावरों की पहचान और घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है।
