लॉस एंजिल्स,3 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। राउंड ऑफ 32 के इस मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से अंत तक खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा और आक्रामक फुटबॉल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। टीम की ओर से मिकेल ओयारजाबल ने दो शानदार गोल किए,जबकि पेड्रो पोरो ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला गोल दागकर जीत को और यादगार बना दिया। इस जीत के साथ स्पेन ने विश्व कप के नॉकआउट चरण में लंबे समय बाद जीत का स्वाद चखा। इससे पहले टीम ने वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज की थी। अब स्पेन का सामना 7 जुलाई को पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
मैच की शुरुआत से ही स्पेन ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी कीमत पर मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है। खेल शुरू होने के पहले ही मिनट में युवा स्टार लामिन यामल ने गोल की दिशा में तेज शॉट लगाकर ऑस्ट्रिया की रक्षापंक्ति को सतर्क कर दिया। हालांकि यह प्रयास गोल में नहीं बदल सका,लेकिन इससे स्पेन की आक्रामक रणनीति का संकेत मिल गया। शुरुआती मिनटों से ही स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण रखते हुए ऑस्ट्रिया को अपने आधे हिस्से में सीमित रखने की कोशिश की।
स्पेन के लगातार हमलों के कारण ऑस्ट्रिया की रक्षापंक्ति पर भारी दबाव बना रहा। कुछ ही देर बाद मार्क कुकुरेला ने कॉर्नर किक के दौरान ऐसा मौका बनाया,जिससे लगा कि स्पेन ने बढ़त हासिल कर ली है,लेकिन रेफरी ने गोलकीपर अलेक्जेंडर श्लेगर पर फाउल मानते हुए गोल को अमान्य घोषित कर दिया। इस फैसले से स्पेन को थोड़ी निराशा जरूर हुई,लेकिन टीम ने अपना आक्रामक रवैया बरकरार रखा और लगातार गोल की तलाश जारी रखी।
स्पेन को आखिरकार 36वें मिनट में अपनी मेहनत का फल मिला। मार्क कुकुरेला ने बाईं ओर से बेहद सटीक और नीची क्रॉस दी,जिस पर मिकेल ओयारजाबल ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ स्पेन ने 1-0 की बढ़त बना ली। टूर्नामेंट में ओयारजाबल का यह तीसरा गोल था और उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में वे टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं।
पहले हाफ के अंतिम मिनटों में भी स्पेन का दबाव लगातार बना रहा। एलेक्स बेना ने फ्री-किक पर शानदार प्रयास किया,लेकिन उनकी गेंद क्रॉसबार से टकराकर बाहर चली गई। इसके कुछ ही समय बाद लामिन यामल ने एक और बेहतरीन शॉट लगाया,जिसे ऑस्ट्रिया के गोलकीपर अलेक्जेंडर श्लेगर ने शानदार बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया। यदि श्लेगर ने यह बचाव नहीं किया होता तो पहले हाफ में ही स्पेन की बढ़त और बड़ी हो सकती थी।
दूसरी ओर,ऑस्ट्रिया पूरे पहले हाफ में संघर्ष करता नजर आया। टीम को बहुत कम अवसर मिले और जो मौके बने भी,उन्हें खिलाड़ी गोल में बदलने में सफल नहीं हो सके। स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति और मिडफील्ड ने ऑस्ट्रिया के अधिकांश आक्रमणों को बीच में ही रोक दिया। पहले हाफ के समाप्त होने तक यह साफ दिखाई दे रहा था कि मुकाबले पर पूरी तरह स्पेन का नियंत्रण है।
दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्पेन ने उसी आत्मविश्वास के साथ की। टीम लगातार आक्रमण करती रही और ऑस्ट्रिया को सँभलने का कोई मौका नहीं दिया। इसी दबाव का परिणाम यह हुआ कि एलेक्स बेना ने एक शानदार क्रॉस पेनल्टी क्षेत्र में भेजा,जिस पर पेड्रो पोरो ने बेहतरीन हेडर लगाते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। यह अपने देश के लिए उनका पहला अंतर्राष्ट्रीय गोल था। इस गोल के साथ स्पेन ने अपनी बढ़त 2-0 कर ली और मुकाबले पर लगभग पूरी पकड़ बना ली।
दो गोल की बढ़त मिलने के बाद भी स्पेन ने आक्रमण करना बंद नहीं किया। टीम लगातार तीसरे गोल की तलाश में लगी रही। इस दौरान लामिन यामल ने एक और शानदार शॉट लगाया,जिसे ऑस्ट्रिया के अनुभवी डिफेंडर डेविड अलाबा ने गोल लाइन पर रोककर अपनी टीम को एक और गोल खाने से बचा लिया। हालाँकि,ऑस्ट्रिया की यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
कुछ ही मिनटों बाद मार्क कुकुरेला ने फिर से बाईं ओर से बेहतरीन क्रॉस दिया। इस बार भी मिकेल ओयारजाबल सही समय पर सही जगह मौजूद थे। उन्होंने बिना किसी गलती के गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचाकर अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल दाग दिया। इस गोल के साथ स्पेन ने मुकाबले में 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली और जीत लगभग तय हो गई।
ऑस्ट्रिया ने मैच में वापसी की कोशिश जरूर की। माइकल ग्रेगोरिश और बाद में मैदान पर उतरे सासा कलाजदजिक को कुछ अवसर मिले,लेकिन वे स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को चुनौती नहीं दे सके। स्पेन की रक्षापंक्ति पूरे मुकाबले में बेहद संगठित और अनुशासित दिखाई दी। डिफेंडरों ने ऑस्ट्रिया के अधिकांश हमलों को समय रहते विफल कर दिया।
इस मुकाबले में स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय रहा। उन्होंने पूरे मैच में शानदार बचाव करते हुए ऑस्ट्रिया को एक भी गोल नहीं करने दिया। यह विश्व कप में उनका लगातार पाँचवां क्लीन शीट मैच रहा। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 1990 में इटली के महान गोलकीपर वाल्टर जेंगा द्वारा बनाए गए लगातार पाँच क्लीन शीट के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
इतना ही नहीं,उनाई सिमोन ने विश्व कप इतिहास में बिना गोल खाए सबसे अधिक लगातार मिनट खेलने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने लगातार 519 मिनट तक विरोधी टीमों को गोल करने का मौका नहीं दिया और इस तरह वाल्टर जेंगा के 517 मिनट के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि विश्व कप के इतिहास में एक नया अध्याय मानी जा रही है और सिमोन के शानदार फॉर्म का प्रमाण भी है।
स्पेन की इस जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टीम इस बार विश्व कप में खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल है। आक्रमण में मिकेल ओयारजाबल,लामिन यामल और पेड्रो पोरो जैसे खिलाड़ियों का शानदार तालमेल,मिडफील्ड का गेंद पर नियंत्रण और रक्षा पंक्ति की मजबूती टीम को संतुलित बनाती है। वहीं गोलकीपर उनाई सिमोन की शानदार फॉर्म विपक्षी टीमों के लिए अतिरिक्त चुनौती साबित हो रही है।
अब स्पेन की नजरें राउंड ऑफ 16 पर टिक गई हैं,जहाँ उसका सामना पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। दोनों संभावित प्रतिद्वंद्वी मजबूत टीमें हैं,लेकिन जिस आत्मविश्वास और लय के साथ स्पेन ने ऑस्ट्रिया को हराया है,उसने यह संकेत दे दिया है कि टीम इस बार विश्व कप में लंबा सफर तय करने के इरादे से मैदान में उतरी है। फुटबॉल प्रेमियों को अब अगले दौर में स्पेन के प्रदर्शन का बेसब्री से इंतजार रहेगा।
