फीफा विश्व कप 2026 में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह (तस्वीर क्रेडिट@mediacongo)

फीफा विश्व कप 2026: बेल्जियम का दमदार प्रदर्शन,अमेरिका को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह,अब स्पेन से होगी टक्कर

सिएटल,7 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। सिएटल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बेल्जियम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा और आक्रामक खेल के दम पर अमेरिका को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया। चार्ल्स डी केटेलेरे ने पहले हाफ में दो शानदार गोल कर अपनी टीम की जीत की मजबूत नींव रखी,जबकि दूसरे हाफ में हंस वनाकेन और स्थानापन्न खिलाड़ी रोमेलु लुकाकू ने एक-एक गोल दागकर जीत को और भी शानदार बना दिया। अमेरिका की ओर से एकमात्र गोल मलिक टिलमैन ने किया,लेकिन वह टीम की हार को टालने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ। इस जीत के साथ बेल्जियम ने क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया,जहाँ अब उसका सामना स्पेन जैसी मजबूत टीम से होगा।

मुकाबले की शुरुआत से ही बेल्जियम ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। टीम ने तेज गति से आक्रमण करते हुए अमेरिकी रक्षा पंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। मैच के शुरुआती मिनटों में ही अमेरिका के गोलकीपर मैट फ्रीज को अपनी टीम को पीछे होने से बचाने के लिए शानदार बचाव करना पड़ा। टिमोथी कास्टाग्ने के 18 गज की दूरी से लगाए गए जोरदार शॉट को उन्होंने हवा में छलांग लगाकर रोका,जिससे शुरुआती बढ़त टल गई। हालांकि यह बचाव केवल कुछ समय के लिए राहत साबित हुआ क्योंकि बेल्जियम लगातार हमले करता रहा।

बेल्जियम के मिडफील्ड और विंग खिलाड़ियों ने अमेरिकी रक्षा को पूरी तरह उलझाए रखा। यूरी टिएलेमैन्स भी गोल करने के बेहद करीब पहुँचे,लेकिन डोडी लुकेबाकियो के शानदार क्रॉस पर उनका प्रयास लक्ष्य से कुछ इंच दूर रह गया। इसके बावजूद बेल्जियम ने अपने आक्रमण की रफ्तार कम नहीं की और जल्द ही उसे सफलता मिल गई।

पहला गोल लिएंड्रो ट्रॉसार्ड की बेहतरीन पहल का नतीजा था। उन्होंने बाईं ओर से बॉक्स के भीतर खतरनाक क्रॉस भेजा,जिससे अमेरिकी डिफेंस पूरी तरह असंतुलित हो गया। निकोलस रास्किन ने गेंद को नियंत्रित करते हुए चार्ल्स डी केटेलेरे तक पहुँचाया और उन्होंने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल ने बेल्जियम को 1-0 की बढ़त दिला दी और मैच की दिशा बदलनी शुरू हो गई।

अमेरिका ने शुरुआती झटके से उबरने की कोशिश की और कुछ समय बाद उसे बराबरी का गोल भी मिल गया। मैच के 31वें मिनट में मलिक टिलमैन की फ्री-किक अमेरिकी टीम के लिए उम्मीद लेकर आई। उनका शॉट डिफ्लेक्शन के कारण दिशा बदल गया,जिससे बेल्जियम के गोलकीपर थिबाउट कोर्टुआ गलत दिशा में चले गए और गेंद सीधे गोल में पहुँच गई। स्कोर 1-1 होने के बाद अमेरिकी प्रशंसकों में उत्साह लौट आया और ऐसा लगा कि मुकाबला अब पूरी तरह खुल जाएगा।

लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। बेल्जियम ने केवल 116 सेकंड बाद ही दोबारा बढ़त हासिल कर ली। एक बार फिर लिएंड्रो ट्रॉसार्ड ने शानदार क्रॉस दिया, जिसे चार्ल्स डी केटेलेरे ने बेहतरीन हेडर के जरिए गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ उन्होंने मैच में अपना दूसरा गोल पूरा किया और बेल्जियम को 2-1 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ के अंत तक यही स्कोर रहा और बेल्जियम स्पष्ट रूप से अधिक आत्मविश्वास से भरी टीम दिखाई दी।

दूसरे हाफ में अमेरिका ने वापसी की उम्मीद के साथ आक्रामक शुरुआत की,लेकिन बेल्जियम की संगठित रक्षा और संतुलित मिडफील्ड ने उसके अधिकांश प्रयासों को विफल कर दिया। वहीं बेल्जियम ने जवाबी हमलों के जरिए लगातार खतरा बनाए रखा। लगभग एक घंटे का खेल पूरा होने से पहले अमेरिका की एक बड़ी रक्षात्मक गलती ने मैच को लगभग एकतरफा बना दिया।

अमेरिकी गोलकीपर मैट फ्रीज गेंद को क्लियर करने के लिए अपने पेनल्टी क्षेत्र से बाहर निकले,लेकिन वह गेंद पर सही तरीके से नियंत्रण नहीं कर सके। इसका फायदा चार्ल्स डी केटेलेरे ने उठाया और गेंद पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद उन्होंने गेंद हंस वनाकेन की ओर बढ़ाई। वनाकेन ने दूर से शानदार शॉट लगाया,जिसे अमेरिकी डिफेंडर टिम रीम रोकने की कोशिश तो कर सके,लेकिन गेंद दिशा बदलते हुए खाली गोल में चली गई। इस गोल के साथ बेल्जियम की बढ़त 3-1 हो गई और अमेरिका की वापसी की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गईं।

तीसरा गोल खाने के बाद अमेरिका ने पूरी ताकत के साथ हमला करना शुरू किया। टीम ने लगातार अवसर बनाए और कुछ अच्छे मूव भी तैयार किए,लेकिन बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर थिबाउट कोर्टुआ शानदार लय में दिखाई दिए। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बचाव कर अमेरिकी खिलाड़ियों को गोल करने से रोक दिया। स्थानापन्न खिलाड़ी सेबेस्टियन बेरहाल्टर का एक प्रयास लक्ष्य से बाहर चला गया,जबकि फोलारिन बालोगुन के लगातार दो शानदार शॉट कोर्टुआ ने बेहतरीन अंदाज में रोक दिए।

मैच के अंतिम क्षणों में जब अमेरिका पूरी तरह आक्रमण में व्यस्त था,तब बेल्जियम ने एक और जवाबी हमला किया। अमेरिकी रक्षा की ओर से किए गए कमजोर क्लीयरेंस का फायदा स्थानापन्न खिलाड़ी रोमेलु लुकाकू ने उठाया। उन्होंने गेंद पर शानदार नियंत्रण दिखाते हुए गोलकीपर को छकाया और स्टॉपेज टाइम में चौथा गोल दाग दिया। इस गोल ने बेल्जियम की 4-1 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी और अमेरिकी टीम का विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया।

इस हार के साथ अमेरिका कनाडा और मेक्सिको के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी मेजबान टीम बन गई। घरेलू मैदान पर खेलते हुए अमेरिकी टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी,लेकिन बेल्जियम के सामने वह दबाव में नजर आई। खासकर रक्षात्मक गलतियों और मौके भुनाने में नाकामी ने उसकी हार की बड़ी वजह का काम किया।

अमेरिका के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि बेल्जियम के खिलाफ उसका खराब रिकॉर्ड लगातार जारी रहा। मंगलवार को मिली हार के बाद अमेरिका लगातार सातवीं बार बेल्जियम से मुकाबला हार गया। यह आँकड़ा दोनों टीमों के बीच मौजूदा स्तर के अंतर को भी दर्शाता है।

दूसरी ओर बेल्जियम ने अपनी शानदार फॉर्म को एक बार फिर साबित किया। 20 मार्च 2025 के बाद से टीम एक भी मुकाबला नहीं हारी है। आखिरी बार उसे 2024-25 यूईएफए नेशंस लीग प्रमोशन-रेलिगेशन प्ले-ऑफ में यूक्रेन के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था। वह मुकाबला मुख्य कोच रूडी गार्सिया का पहला मैच भी था। इसके बाद से बेल्जियम ने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।

यूईएफए विश्व कप क्वालीफिकेशन,फीफा विश्व कप, यूईएफए नेशंस लीग प्ले-ऑफ और मैत्री मैचों को मिलाकर बेल्जियम ने इस अवधि में 12 जीत और छह ड्रॉ का शानदार रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान टीम का गोल अंतर प्लस 40 रहा है,जो उसके आक्रामक खेल और मजबूत रक्षा दोनों का प्रमाण है। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर भी बेल्जियम ने उसी लय को बरकरार रखा है।

चार्ल्स डी केटेलेरे इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उनके दो गोलों ने न केवल टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई,बल्कि अमेरिका की बराबरी के तुरंत बाद दोबारा मैच पर नियंत्रण भी दिला दिया। वहीं लिएंड्रो ट्रॉसार्ड ने दो गोलों में अहम भूमिका निभाकर अपनी रचनात्मक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। हंस वनाकेन का विश्व कप में पहला गोल और रोमेलु लुकाकू का स्टॉपेज टाइम में किया गया गोल बेल्जियम की आक्रमण पंक्ति की गहराई को भी दर्शाता है।

अब बेल्जियम की अगली चुनौती स्पेन होगी। दोनों टीमों के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला 11 जुलाई को लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। स्पेन ने भी राउंड ऑफ 16 में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई है। ऐसे में बेल्जियम और स्पेन के बीच होने वाला मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है।

बेल्जियम जिस आत्मविश्वास और निरंतरता के साथ आगे बढ़ रहा है,उसने उसे खिताब के प्रमुख दावेदारों में शामिल कर दिया है। वहीं अमेरिका के लिए यह हार आत्ममंथन का विषय होगी। घरेलू दर्शकों के सामने टीम ने संघर्ष तो किया,लेकिन निर्णायक मौकों पर अनुभव,संयम और गुणवत्ता के मामले में वह बेल्जियम से पीछे रह गई। अब सभी की निगाहें क्वार्टर फाइनल पर होंगी,जहाँ बेल्जियम की असली परीक्षा स्पेन जैसी विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ होने वाली है।