राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया पहुँचीं (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया पहुँचीं,ऐतिहासिक दौरे से भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

स्कोप्जे,21 जुलाई (युआईटीवी)- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने तीन देशों के राजकीय दौरे के दूसरे चरण में मोल्दोवा की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद भारतीय समयानुसार मंगलवार को उत्तरी मैसेडोनिया पहुँचीं। स्कोप्जे हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की यह उत्तरी मैसेडोनिया की पहली आधिकारिक यात्रा है। इस यात्रा को भारत और उत्तरी मैसेडोनिया के बीच लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। दोनों देशों को उम्मीद है कि इस दौरे से राजनीतिक,आर्थिक,व्यापारिक और तकनीकी सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।

राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर राष्ट्रपति मुर्मु के आगमन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि स्कोप्जे हवाई अड्डे पर उनका स्वागत उत्तरी मैसेडोनिया के विदेश मामलों और विदेशी व्यापार मंत्री टिमचो मुकुंस्की ने किया। स्वागत समारोह के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों की उपस्थिति ने इस यात्रा के महत्व को और रेखांकित किया। राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा केवल औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा,बल्कि इसे दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा देने वाले अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि किसी भारतीय राष्ट्रपति का उत्तरी मैसेडोनिया का यह पहला दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ती निकटता और विश्वास का प्रतीक है। मंत्रालय के अनुसार,इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए नए अवसर पैदा होंगे। भारत और उत्तरी मैसेडोनिया पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक,तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं और यह दौरा उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोरडाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर वहाँ पहुँचीं हैं। उनका यह दौरा 22 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ताओं का व्यापक कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मु अपनी समकक्ष राष्ट्रपति गोरडाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी, जिसमें दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।

अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया के प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से भी मुलाकात करेंगी। दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चा में व्यापार,निवेश,विज्ञान, तकनीक,शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि तथा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। इसके अलावा राष्ट्रपति मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया की संसद के अध्यक्ष से भी मुलाकात करेंगी और वहाँ की असेंबली को संबोधित करेंगी। किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा संसद को संबोधित करना दोनों देशों के बीच विशेष विश्वास और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम भी होगा,जहाँ राष्ट्रपति मुर्मु उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाना और निवेश के नए अवसरों की तलाश करना है। भारत और उत्तरी मैसेडोनिया के बीच कृषि,औषधि निर्माण,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,सूचना प्रौद्योगिकी तथा आईटी आधारित सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी भविष्य में आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाई दे सकती है।

उत्तरी मैसेडोनिया पहुँचने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने दौरे के दूसरे चरण के तहत मोल्दोवा की सफल यात्रा पूरी की। मोल्दोवा की राजधानी चिसीनाउ में उन्होंने राष्ट्रपति माइया सैंडू के साथ राष्ट्रपति भवन में द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार,निवेश, कृषि,तकनीकी सहयोग और स्वास्थ्य क्षेत्र सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

मोल्दोवा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच आर्थिक सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं और दोनों देशों को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने तकनीकी सहयोग,कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान और सस्ती तथा गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता जैसे विषयों पर भी विचार साझा किए।

राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात कर साझा विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। विशेष रूप से कृषि,डिजिटल तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर दोनों देशों ने सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। इन चर्चाओं को भारत और मोल्दोवा के बीच भविष्य की साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अपने तीन देशों के राजकीय दौरे के अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया की यात्रा करेंगी। यह यात्रा भी ऐतिहासिक महत्व रखती है,क्योंकि तीन दशकों से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति का यह पहला आधिकारिक रोमानिया दौरा होगा। राष्ट्रपति निकुसोर डैन के निमंत्रण पर होने वाली इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने,व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा शिक्षा,विज्ञान, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा होने की संभावना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह तीन देशों का दौरा भारत की सक्रिय और बहुआयामी विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से भारत यूरोप के विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विशेष रूप से मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ बढ़ता सहयोग भारत के आर्थिक,रणनीतिक और कूटनीतिक हितों को नई मजबूती प्रदान कर सकता है। उत्तरी मैसेडोनिया की ऐतिहासिक यात्रा इसी व्यापक कूटनीतिक प्रयास का महत्वपूर्ण अध्याय मानी जा रही है,जिससे आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।