पीएम मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के बीच अहम बैठक (तस्वीर क्रेडिट@narendramodi)

पीएम मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के बीच अहम बैठक,द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली,12 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है,जब इथियोपिया ब्रिक्स के नए सदस्य देशों में शामिल होने के बाद इस समूह की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अबी अहमद 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुँचे हैं।

बैठक की शुरुआत दोनों नेताओं के गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन करने और गले मिलने के साथ हुई। बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे ले जाने पर विचार किया गया। दोनों पक्षों के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं और उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इन्हें द्विपक्षीय संबंधों की नई दिशा के तौर पर देखा गया।

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद शुक्रवार को नई दिल्ली पहुँचे थे। वह भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। नई दिल्ली पहुँचने पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इथियोपिया के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा को ब्रिक्स के मंच पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। भारत ने इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता सँभाली है और अपनी अध्यक्षता के दौरान वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। इथियोपिया के साथ भारत के संबंध इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं,क्योंकि अफ्रीका में इथियोपिया एक प्रभावशाली देश है और वैश्विक दक्षिण से जुड़े कई मुद्दों पर दोनों देशों के हित एक-दूसरे के करीब हैं।

इथियोपिया वर्ष 2024 में ब्रिक्स का सदस्य बना था। इसके बाद बहुपक्षीय मंचों पर भारत और इथियोपिया के बीच संपर्क और सहयोग को नई गति मिली है। ब्रिक्स की सदस्यता ने दोनों देशों को वैश्विक आर्थिक, विकास और रणनीतिक मुद्दों पर एक साझा मंच उपलब्ध कराया है। नई दिल्ली में हो रहा मौजूदा शिखर सम्मेलन भी दोनों देशों के नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर दे रहा है।

भारत और इथियोपिया के बीच संबंधों की जड़ें काफी पुरानी हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के साथ विकास साझेदारी भी लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। भारत ने इथियोपिया में क्षमता निर्माण,कौशल विकास और विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग किया है। इथियोपिया भी भारत की विकास संबंधी पहलों और वैश्विक दक्षिण के हितों से जुड़े मुद्दों पर भारत के प्रयासों का समर्थन करता रहा है।

विकास साझेदारी दोनों देशों के संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है। भारत की तकनीकी विशेषज्ञता और प्रशिक्षण क्षमताओं का लाभ इथियोपिया को विभिन्न क्षेत्रों में मिला है। क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग ने दोनों देशों के बीच संस्थागत संबंधों को मजबूत किया है। आने वाले समय में कृषि,सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर इस साझेदारी को और व्यापक बनाया जा सकता है।

कृषि के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की अच्छी संभावनाएँ हैं। इथियोपिया की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है,जबकि भारत ने कृषि तकनीक, सिंचाई, उत्पादन क्षमता और किसानों से जुड़े कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया है। ऐसे में कृषि तकनीक और क्षमता निर्माण के माध्यम से दोनों देश एक-दूसरे के अनुभवों से लाभ उठा सकते हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल क्षेत्र भी भारत-इथियोपिया सहयोग के नए महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकते हैं। भारत की डिजिटल क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता इथियोपिया में डिजिटल सेवाओं के विस्तार और मानव संसाधन विकास में उपयोगी हो सकती है। इसी तरह शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के प्रशिक्षण के क्षेत्र में साझेदारी दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत कर सकती है।

व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी दोनों पक्ष सहयोग की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। इथियोपिया अफ्रीकी महाद्वीप में एक महत्वपूर्ण बाजार है,जबकि भारत की कई कंपनियाँ अफ्रीका में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं। दोनों देशों के बीच कारोबारी संबंधों को मजबूत करने से निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। द्विपक्षीय बैठक में इस दिशा में नए अवसरों पर चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी अबी अहमद के साथ ब्रिक्स सम्मेलन से इतर मुलाकात कर चुके हैं। वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। उस समय दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश, रक्षा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, युवाओं के कौशल विकास, विकास साझेदारी और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी।

उस बैठक के बाद दोनों देशों के संबंधों में बहुपक्षीय मंचों पर संपर्क और बढ़ा है। इथियोपिया के ब्रिक्स में शामिल होने के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा और व्यापक हुआ है। अब नई दिल्ली में हुई ताजा बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ बदलते वैश्विक परिदृश्य में साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में इथियोपिया की भागीदारी भारत के लिए महत्वपूर्ण है। भारत वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास करता रहा है। इथियोपिया के साथ मजबूत साझेदारी इस व्यापक प्रयास को भी मजबूती दे सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबी अहमद की नई दिल्ली बैठक को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक विश्वास और विकास साझेदारी को व्यापार, निवेश, तकनीक, कृषि और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ब्रिक्स के मंच ने इस रिश्ते को बहुपक्षीय स्तर पर मजबूत करने का अतिरिक्त अवसर दिया है। ऐसे में आने वाले समय में भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक तथा रणनीतिक सहयोग के और विस्तार की उम्मीद की जा रही है।