पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमले में 14 लोगों की मौत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमले में 14 लोगों की मौत

नई दिल्ली,4 अगस्त (युआईटीवी)- पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक आत्मघाती हमलावर ने शांति रैली को निशाना बनाया,जिसमें कम-से-कम 14 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से ज़्यादा लोग घायल हो गए। यह हमला स्वात ज़िले के काबल पुलिस स्टेशन के पास हुआ,जहाँ सैकड़ों लोग इलाके में बढ़ती उग्रवादी हिंसा के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की माँग करने के लिए जमा हुए थे।

अधिकारियों के मुताबिक,हमलावर ने तब धमाका किया जब रैली में शामिल लोग वहाँ से जा रहे थे। इस ज़बरदस्त धमाके से चारों तरफ़ अफ़रा-तफ़री मच गई। मरने वालों में पाँच पुलिस अधिकारी और कई आम नागरिक शामिल थे,जबकि कई घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया। अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई पीड़ितों की हालत गंभीर बनी हुई है।

सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और इस बात की जाँच शुरू कर दी कि हमलावर भीड़ तक कैसे पहुँच पाया। हमले के तुरंत बाद किसी भी गुट ने बम धमाके की ज़िम्मेदारी नहीं ली,हालाँकि शक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पर है,जिसने हाल के वर्षों में इस इलाके में हमले तेज़ कर दिए हैं।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंकवाद की कायराना हरकत बताया। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की,अधिकारियों को घायलों के लिए बेहतरीन इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया और देश से आतंकवाद को खत्म करने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

स्वाट घाटी,जो कभी चरमपंथी समूहों का गढ़ हुआ करती थी और जहाँ से उन्हें एक बड़े सैन्य अभियान के ज़रिए खदेड़ दिया गया था,वहाँ हाल के वर्षों में चरमपंथी गतिविधियों में फिर से तेज़ी देखी गई है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने और चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की माँग को लेकर कई बार शांति रैलियाँ निकाली हैं,जिससे यह ताज़ा हमला समुदाय के लिए और भी ज़्यादा दुखद बन गया है।

यह बम धमाका पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुई आतंकवादी घटनाओं की कड़ी में एक और घटना है,जो आतंकवाद-विरोधी अभियानों के बावजूद देश के सामने मौजूद लगातार सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करता है। जाँचकर्ता सबूत जुटाने में लगे हैं और अधिकारी इस जानलेवा हमले के ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।