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इराक और स्विट्जरलैंड में भारत के नए राजदूत नियुक्त,अजय कुमार को बगदाद तो सौमेंदु बागची को बर्न की जिम्मेदारी

मुंबई,18 अगस्त (युआईटीवी)- विदेश मंत्रालय में बड़े स्तर पर राजनयिक फेरबदल के तहत केंद्र सरकार ने इराक और स्विट्जरलैंड में भारत के अगले राजदूतों की नियुक्ति की घोषणा की है। इस बदलाव के तहत 2001 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी अजय ए. कुमार को इराक गणराज्य में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। वहीं, 1993 बैच के वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा अधिकारी सौमेंदु बागची को स्विट्जरलैंड में भारत का अगला राजदूत बनाया गया है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में दोनों नियुक्तियों की जानकारी दी गई है।

अजय ए. कुमार फिलहाल विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। भारतीय विदेश सेवा में करीब 24 वर्षों का अनुभव रखने वाले अजय कुमार को पश्चिम एशिया के मामलों की अच्छी समझ रखने वाला अधिकारी माना जाता है। विदेश नीति,क्षेत्रीय कूटनीति और रणनीतिक मामलों से जुड़े उनके अनुभव को देखते हुए इराक में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इराक भारत की पश्चिम एशिया नीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों के साथ-साथ व्यापार,ऊर्जा,सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क लंबे समय से मजबूत रहे हैं। भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए इराक एक अहम साझेदार है और भारत वहाँ से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में इराक में राजदूत के रूप में अजय कुमार के सामने ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

भारत और इराक के संबंध केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार महत्वपूर्ण रही हैं। इसके अलावा सुरक्षा सहयोग,भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण,धार्मिक यात्राओं से जुड़े विषय तथा शिक्षा और सांस्कृतिक संबंध भी दोनों देशों के द्विपक्षीय एजेंडे का हिस्सा हैं। इराक में भारतीय समुदाय की मौजूदगी भी दोनों देशों के रिश्तों को मानवीय आयाम देती है।

अजय कुमार के मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य करने के अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह इराक के साथ भारत के मौजूदा संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। पश्चिम एशिया से जुड़े मामलों की उनकी समझ ऐसे समय में उपयोगी साबित हो सकती है,जब इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। भारत के लिए पश्चिम एशिया में अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों के बीच संतुलन बनाए रखना लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

दूसरी ओर,सौमेंदु बागची को स्विट्जरलैंड में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। 1993 बैच के वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा अधिकारी बागची फिलहाल बगदाद में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत हैं। वह पिछले कुछ वर्षों से इराक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उनके कार्यकाल के दौरान भारत और इराक के बीच व्यापार,सुरक्षा तथा सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया।

अब सौमेंदु बागची की नई जिम्मेदारी यूरोप के एक महत्वपूर्ण देश स्विट्जरलैंड में होगी। स्विट्जरलैंड भारत के लिए आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग है। फार्मा,बैंकिंग, घड़ी उद्योग और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच मजबूत कारोबारी संबंध हैं। भारतीय कंपनियों के लिए स्विट्जरलैंड यूरोपीय बाजार में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है,जबकि स्विस कंपनियों की भारत में भी बड़ी कारोबारी मौजूदगी है।

स्विट्जरलैंड का महत्व केवल द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों तक सीमित नहीं है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संगठनों के मुख्यालय स्थित हैं। ऐसे में स्विट्जरलैंड में भारतीय राजदूत की भूमिका भारत की बहुपक्षीय कूटनीति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण होती है। मानवाधिकार,वैश्विक व्यापार,स्वास्थ्य,विकास, निरस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर जिनेवा में होने वाली चर्चाओं में भारत सक्रिय भूमिका निभाता है।

ऐसे में सौमेंदु बागची का लंबा राजनयिक अनुभव भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इराक जैसे पश्चिम एशियाई देश में राजदूत के रूप में काम करने के बाद अब यूरोप में उनकी नई जिम्मेदारी उन्हें अलग तरह की कूटनीतिक चुनौतियों से रूबरू कराएगी। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ बहुपक्षीय मंचों पर भारत के हितों को प्रभावी ढंग से रखने की जिम्मेदारी भी उनके सामने होगी।

राजनयिक हलकों में दोनों नियुक्तियों को भारत की व्यापक विदेश नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ इराक में अजय कुमार की नियुक्ति पश्चिम एशिया में भारत के ऊर्जा और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए अहम है,तो दूसरी तरफ स्विट्जरलैंड में सौमेंदु बागची की नियुक्ति यूरोप और बहुपक्षीय कूटनीति के मोर्चे पर भारत की प्राथमिकताओं को मजबूत करने की दिशा में देखी जा रही है।

भारत के लिए पश्चिम एशिया और यूरोप दोनों ही क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा सुरक्षा,व्यापार,प्रवासी भारतीयों और क्षेत्रीय स्थिरता के कारण महत्वपूर्ण है। वहीं यूरोप भारत के व्यापार,निवेश,तकनीक, रक्षा सहयोग और बहुपक्षीय कूटनीति के लिए अहम साझेदार है। ऐसे में दोनों क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति को व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों राजदूतों के कार्यभार सँभालने की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। नई नियुक्तियों के साथ भारत को उम्मीद है कि इराक और स्विट्जरलैंड के साथ उसके संबंधों को नई गति मिलेगी। अजय कुमार के पश्चिम एशिया संबंधी अनुभव और सौमेंदु बागची के लंबे राजनयिक अनुभव का इस्तेमाल भारत अपने क्षेत्रीय और वैश्विक हितों को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहता है। आने वाले समय में दोनों राजदूतों की प्राथमिकताओं में आर्थिक संबंधों को विस्तार देने के साथ-साथ राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना प्रमुख रूप से शामिल रहने की उम्मीद है।