एमस्टेलवीन (नीदरलैंड्स),19 अगस्त (युआईटीवी)- एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से करारी शिकस्त दी। मंगलवार को एमस्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए पूल-डी के इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से लेकर अंतिम सीटी तक अपना दबदबा बनाए रखा। आक्रामक हॉकी,बेहतरीन पासिंग,पेनाल्टी कॉर्नर के प्रभावी इस्तेमाल और मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन के दम पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय टीम टूर्नामेंट में अब तक अजेय बनी हुई है और पूल-डी में अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है।
भारत ने विश्व कप अभियान की शुरुआत 2024 ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ की थी। उस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच 2-2 से रोमांचक ड्रॉ हुआ था। चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अंक हासिल करने के बाद भारतीय महिला टीम की नजर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरे तीन अंक हासिल करने पर थी। टीम ने अपनी रणनीति के मुताबिक आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती मिनटों से ही दक्षिण अफ्रीकी रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
इस जीत के बाद भारत के दो मैचों में चार अंक हो गए हैं। गोल अंतर के आधार पर भारतीय टीम फिलहाल पूल-डी में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। भारत का पूल चरण का आखिरी मुकाबला 20 अगस्त को इंग्लैंड के खिलाफ होगा। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली बड़ी जीत ने न केवल टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया है,बल्कि गोल अंतर के लिहाज से भी भारत को महत्वपूर्ण फायदा पहुँचाया है।
मुकाबले के शुरुआती मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और लगातार दक्षिण अफ्रीकी सर्कल में प्रवेश करने की कोशिश की। सातवें मिनट में भारत को पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला। बाईं ओर से बलजीत कौर के खेल के दौरान गेंद सर्कल के अंदर पैर से लगने के बाद अंपायर ने भारत को पेनाल्टी कॉर्नर दिया। दीपिका ने सेट पीस लेने की कोशिश की,लेकिन दक्षिण अफ्रीका की गोलकीपर वैन टोंडर ने भारतीय ड्रैग-फ्लिक को रोककर अपनी टीम को शुरुआती झटके से बचा लिया।
हालाँकि,भारतीय टीम ने दबाव कम नहीं होने दिया। खिलाड़ी धैर्य के साथ गेंद को दक्षिण अफ्रीकी सर्कल के आसपास घुमाते रहे और सही मौके का इंतजार करते रहे। आखिरकार 11वें मिनट में भारत को सफलता मिली। साक्षी राणा ने दक्षिण अफ्रीकी रक्षा के बीच से शॉट लगाया, जिसने दूर वाले पोस्ट की दिशा पकड़ी। वहां मौजूद सुनेलिता टोप्पो ने गेंद को सही समय पर गोल में पहुँचाते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती गोल ने भारतीय टीम को और आत्मविश्वास दिया और दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बढ़ता गया।
पहले क्वार्टर के दौरान भारत ने लगातार आक्रामक खेल जारी रखा। हालाँकि,15वें मिनट में इशिका चौधरी को ग्रीन कार्ड दिखाए जाने के कारण भारतीय टीम को कुछ समय के लिए 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया। टीम ने रक्षात्मक संरचना को मजबूत रखा और दक्षिण अफ्रीका को गोल करने का कोई आसान मौका नहीं दिया।
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत की गोलकीपिंग की जिम्मेदारी सविता ने सँभाली। भारतीय टीम ने मैदान के दोनों हिस्सों में संतुलन बनाए रखते हुए हमले जारी रखे। 17वें मिनट में भारत ने पेनाल्टी कॉर्नर पर शानदार रणनीति का प्रदर्शन किया और अपनी बढ़त को 2-0 कर दिया। नवनीत कौर ने कोण बदला और इसके बाद जोरदार स्लैप हिट लगाई। उनकी हिट सीधे बैकबोर्ड से टकराई और गेंद गोल में चली गई। इस गोल ने दक्षिण अफ्रीका की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
भारत ने इसके बाद भी अपनी गति कम नहीं की। 25वें मिनट में टीम को एक और बड़ी सफलता मिली। दीपिका के ड्रैग-फ्लिक ने पहले रशर से डिफ्लेक्ट होने के बाद गेंद को ऐसी स्थिति में पहुँचाया,जहाँ सुशीला चानू मौजूद थीं। उन्होंने निर्णायक टच लगाते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने अपनी बढ़त 3-0 कर ली।
दक्षिण अफ्रीका ने वापसी की कोशिश की और कई बार भारतीय सर्कल में पहुँचने का प्रयास किया,लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उसके हमलों को प्रभावी ढंग से रोक दिया। भारतीय मिडफील्ड ने भी गेंद पर लगातार नियंत्रण बनाए रखा और दक्षिण अफ्रीका को लगातार दबाव में रखा। पहले 30 मिनटों में भारत का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि हाफ टाइम तक स्कोर 3-0 भारतीय टीम के पक्ष में रहा।
तीसरे क्वार्टर में भी भारत ने उसी आक्रामक अंदाज को बनाए रखा। 38वें मिनट में भारतीय टीम ने बेहतरीन अटैकिंग मूव के जरिए चौथा गोल किया। नवनीत कौर ने बाईं ओर बलजीत कौर के साथ शानदार पासिंग की और इसके बाद गेंद दीपिका की ओर बढ़ाई। दीपिका ने बैकहैंड से गेंद को नियंत्रित किया और शानदार टोमाहॉक शॉट लगाया। उनका शॉट इतनी तेजी से गोल के निचले कोने में पहुँचा कि दक्षिण अफ्रीकी गोलकीपर के पास उसे रोकने का कोई मौका नहीं था। इस गोल के साथ भारत ने 4-0 की बढ़त बना ली।
तीसरे क्वार्टर के अंतिम हिस्से में भारतीय टीम ने लगातार दो गोल करके मैच पर अपनी पकड़ लगभग पूरी तरह मजबूत कर ली। 44वें मिनट में लालरेम्सियामी को सर्कल के अंदर नेहा की ओर से एक एरियल बॉल मिली। लालरेम्सियामी ने रिवर्स स्टिक का इस्तेमाल करते हुए गेंद को नियंत्रित किया और दूर वाले पोस्ट की ओर शॉट लगाया। गेंद गोलकीपर को छकाते हुए नेट में पहुँच गई। भारत की बढ़त 5-0 हो गई और दक्षिण अफ्रीका के लिए मैच में वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया।
इसके ठीक अगले मिनट यानी 45वें मिनट में भारत ने अपना छठा गोल कर दिया। सलीमा ने दाईं ओर से तेजी से गेंद आगे बढ़ाई और इशिका को पास दिया। इशिका के शॉट ने गोल पोस्ट को छुआ और रिबाउंड होकर वापस आया। साक्षी राणा ने मौके को भांपते हुए सबसे तेजी से प्रतिक्रिया दी और शानदार रिवर्स हिट लगाकर गेंद को गोल के ऊपरी कोने में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने स्कोर 6-0 कर दिया।
लगातार दो मिनट के भीतर दो गोल ने दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। तीसरे क्वार्टर के बाद भारतीय टीम छह गोल की मजबूत बढ़त के साथ आगे थी। अंतिम क्वार्टर में दक्षिण अफ्रीका ने कम से कम एक गोल हासिल करने के लिए अपने हमलों को तेज किया। भारतीय टीम ने हालाँकि,अपनी रक्षात्मक संरचना बनाए रखी और मुकाबले को नियंत्रित करने की कोशिश की।
दक्षिण अफ्रीका को 55वें मिनट में आखिरकार सफलता मिली। कायला डी वाल ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम का खाता खोला। पियर्स के ड्रैग-फ्लिक ने पहले भारतीय रशर को छकाया और डी वाल ने दूर वाले पोस्ट पर सबसे तेजी से प्रतिक्रिया करते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल से दक्षिण अफ्रीका ने स्कोर का अंतर 1-6 कर दिया।
इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने कुछ और मौके बनाने की कोशिश की,लेकिन भारतीय टीम ने उसे दूसरा गोल करने का अवसर नहीं दिया। भारत ने अंतिम मिनटों में भी अपनी रक्षापंक्ति को व्यवस्थित रखा और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। दूसरी ओर,भारतीय हमले भी पूरी तरह शांत नहीं हुए,लेकिन मुकाबले के शेष समय में कोई और गोल नहीं हो सका। अंतिम सीटी बजने के साथ भारत ने 6-1 से शानदार जीत दर्ज की।
भारत की इस जीत में टीम के सामूहिक प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। पेनाल्टी कॉर्नर से मिले मौकों को गोल में बदलना,सर्कल में लगातार दबाव बनाए रखना और रिबाउंड पर तेजी से प्रतिक्रिया देना भारतीय टीम की बड़ी ताकत रही। दीपिका ने आक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि नवनीत कौर,साक्षी राणा,सुनेलिता टोप्पो,सुशीला चानू और लालरेम्सियामी ने भी गोल करके टीम की जीत में योगदान दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में गति और उद्देश्य के साथ खेल दिखाया।
इस जीत के बाद भारत के दो मैचों में चार अंक हो गए हैं। चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 की जीत के बाद भारतीय टीम गोल अंतर के आधार पर पूल-डी में शीर्ष पर बनी हुई है। अब भारतीय टीम का सामना 20 अगस्त को इंग्लैंड से होगा। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला पूल चरण में भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इस मैच के परिणाम से आगे की राह और स्पष्ट होगी।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़ी जीत ने भारत को न केवल अंक तालिका में मजबूत स्थिति दी है,बल्कि टीम के मनोबल को भी काफी बढ़ाया है। चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ड्रॉ के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने आक्रामक खेल को गोल में तब्दील किया। छह गोल की यह जीत यह भी दर्शाती है कि भारतीय महिला टीम इस विश्व कप में केवल रक्षात्मक रणनीति पर निर्भर नहीं है,बल्कि आक्रमण में भी उसके पास कई प्रभावी विकल्प मौजूद हैं।
भारतीय महिला टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भी इसी लय को बनाए रखना चाहेगी। टूर्नामेंट के इस चरण में गोल अंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छह गोल करना भारत के लिए निश्चित रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है। टीम का लक्ष्य अब पूल चरण का अभियान मजबूत प्रदर्शन के साथ समाप्त करना और विश्व कप के अगले दौर के लिए अपनी स्थिति को और बेहतर बनाना होगा।
भारत की 6-1 की जीत ने यह साफ कर दिया है कि टीम ने विश्व कप में अपनी दावेदारी मजबूती से पेश की है। चीन के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबले के बाद दक्षिण अफ्रीका पर एकतरफा जीत भारतीय महिला हॉकी के लिए सकारात्मक संकेत है। अब सभी की नजरें 20 अगस्त को होने वाले इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले पर होंगी,जहाँ भारतीय टीम पूल-डी में शीर्ष स्थान को और मजबूत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
