कोलकाता के होटल में भीषण आग से 9 लोगों की मौत (तस्वीर क्रेडिट@Bhupend29375158)

कोलकाता के होटल में भीषण आग से 9 लोगों की मौत,पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति ने जताया दुख;60 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नई दिल्ली/कोलकाता,19 अगस्त (युआईटीवी)- कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में बुधवार तड़के भीषण आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। आग की घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग,पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुँचीं और कई घंटों तक चले मुश्किल बचाव अभियान के बाद होटल के अंदर फंसे करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है तथा मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

जानकारी के मुताबिक,होटल में आग रात करीब दो बजे लगी। देखते ही देखते आग ने होटल के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय होटल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। आग लगने के बाद होटल में धुआँ फैलने लगा,जिसके कारण वहाँ मौजूद लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही दमकल की पाँच गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ-साथ होटल के अंदर फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें भी मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चलाया। होटल की संरचना और अंदर फैले धुएँ के कारण बचाव अभियान आसान नहीं था। टीमों को काफी सावधानी के साथ होटल के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी लेनी पड़ी। लंबे समय तक चले अभियान के बाद करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कोलकाता पुलिस के अनुसार,आग बुझाने और बचाव अभियान में दमकल तथा पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यह अभियान सुबह करीब साढ़े चार बजे पूरा हुआ। इसके बाद इलाके में स्थिति को नियंत्रण में बताया गया। हालाँकि,आग लगने के कारण होटल में मौजूद कई लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। हादसे में कम से कम नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है,जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया गया है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोलकाता में आग लगने की दुखद घटना में हुई मौतों से उन्हें बेहद दुख हुआ है। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उपराष्ट्रपति की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति जताई गई संवेदना के साथ घायलों के स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोलकाता के होटल में आग लगने की घटना पर दुख जताया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार,प्रधानमंत्री ने कहा कि कोलकाता में आग लगने की घटना में लोगों की मौत के बारे में जानकर उन्हें बहुत दुख हुआ। उन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द-से-जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है।

हादसे के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता दी। दमकल कर्मियों ने आग के स्रोत का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया। साथ ही, यह सुनिश्चित किया गया कि होटल में फँसे लोगों को जल्द-से-जल्द बाहर निकाला जा सके। पुलिस और आपदा प्रबंधन कर्मियों ने भी दमकल टीम के साथ मिलकर तलाशी और बचाव अभियान में सहयोग किया। कई लोगों को होटल से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

बुधवार सुबह पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से घटना और राहत-बचाव अभियान से संबंधित जानकारी ली। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

होटल में आग कैसे लगी,इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है। आग की शुरुआत होटल के किस हिस्से से हुई और इतनी तेजी से यह कैसे फैली,इन सभी पहलुओं की जाँच की जाएगी। इसके अलावा होटल में अग्निशमन सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की स्थिति की भी जाँच किए जाने की संभावना है।

शहर में हुई इस गंभीर घटना पर मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे जो भी कारण हो,उसकी जाँच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो,इसके लिए सुरक्षा इंतजामों को बेहद सख्त किया जाएगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि प्रशासन होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर सकता है।

होटल में आग लगने जैसी घटनाएँ अक्सर कई लोगों की जान जोखिम में डाल देती हैं, खासकर तब जब आग रात के समय लगे और लोग सो रहे हों। ऐसे मामलों में समय पर सूचना,पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षित निकासी मार्ग बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। कोलकाता की इस घटना में भी बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती होटल में मौजूद लोगों तक पहुँचना और उन्हें धुएँ तथा आग के बीच सुरक्षित बाहर निकालना रही।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने इलाके की स्थिति को नियंत्रण में बताया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई हैं। आग बुझाए जाने के बाद होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्रों की भी जाँच की गई,ताकि किसी अन्य व्यक्ति के फँसे होने की संभावना को समाप्त किया जा सके। अधिकारियों की ओर से हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

कोलकाता के इस होटल अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने ला दिया है। हादसे में नौ लोगों की मौत ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की संवेदनाओं के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन की जाँच पर है। यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी,सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे।

फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों के इलाज,प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और घटना की जाँच पर है। करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना राहत की बात है,लेकिन नौ लोगों की मौत ने हादसे की गंभीरता को उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में जाँच के आधार पर आग के वास्तविक कारण और होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों का पता चलने की उम्मीद है।