वॉशिंगटन,21 अगस्त (युआईटीवी)- यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से संबंध रखने वाले लोगों और रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन रूस की सैन्य क्षमता और उसके समर्थन में काम करने वाले लोगों पर दबाव बढ़ाता रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपने प्रतिबंधों को अंतर्राष्ट्रीय साझेदार देशों की प्रतिबंध व्यवस्था के साथ तालमेल में आगे बढ़ाएगा।
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक,जेलेंस्की ने प्रतिबंधों से संबंधित कई आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन प्रतिबंधों का लक्ष्य रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे के साथ-साथ ऐसे लोगों को बनाया गया है,जो रूस की व्यवस्था से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं और युद्ध के बावजूद रूस के साथ अपने संबंध बनाए हुए हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि नए प्रतिबंधों में उन लोगों को भी शामिल किया गया है,जो यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों में रूस का समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन लंबे समय से रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में काम करने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है, जिन्हें वह रूस के साथ सहयोग करने वाला मानता है। नए प्रतिबंध इसी नीति को आगे बढ़ाने की कड़ी के तौर पर देखे जा रहे हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार,प्रतिबंधों की सूची में यूक्रेन के कुछ पूर्व राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें ऐसे लोग हैं जो फिलहाल यूरोप में रह रहे हैं, लेकिन उनके दस्तावेजों,संपर्कों और विचारों का संबंध अब भी रूस से बना हुआ है। जेलेंस्की ने संकेत दिया कि यूक्रेन ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रखेगा,जिन्हें वह युद्ध के दौरान रूस के हितों से जुड़ा हुआ मानता है।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन प्रतिबंधों से जुड़े अपने काम को आगे भी जारी रखेगा। उनका कहना है कि यूक्रेन के अधिकार क्षेत्र में लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को उसके अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के साथ तालमेल में लाया जाएगा। इससे रूस पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव को व्यापक स्तर पर बढ़ाने की यूक्रेन की रणनीति का संकेत मिलता है।
रूस के खिलाफ यूक्रेन की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है,जब दोनों देशों के बीच युद्ध लगातार जारी है और रूसी हमलों में यूक्रेन के कई हिस्सों को नुकसान पहुंच रहा है। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात हुए रूसी हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूस ने लंबे समय से इस हमले की तैयारी की थी और अलग-अलग प्रकार के हथियारों का एक साथ इस्तेमाल किया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक,रूस ने हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। उनका दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य नागरिक बुनियादी ढांचे को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाना था। रूस की ओर से किए गए हमलों से राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा ओडेसा और चेर्निहीव क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। यूक्रेन लगातार अपने पश्चिमी साझेदारों से हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैन्य सहायता की मांग कर रहा है।
जेलेंस्की ने एक बार फिर अमेरिका से पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के लिए मिसाइल उपलब्ध कराने की माँग दोहराई है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को इन मिसाइलों की तत्काल जरूरत है और इन्हें केवल उसके साझेदार देश ही उपलब्ध करा सकते हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश मुफ्त सैन्य सहायता की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि जरूरत के हथियार खरीदने के लिए तैयार है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यूक्रेन को पैट्रियट प्रणाली के लिए मिसाइलों की जरूरत है और इन्हें उपलब्ध कराने की क्षमता केवल उसके साझेदार देशों के पास है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन उन हथियारों के लिए भुगतान करने को तैयार है, जिनकी उसे जरूरत है। उनके मुताबिक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस संबंध में निर्णय जल्द लिया जाए और सबसे पहले अमेरिका में निर्णय होना चाहिए।
पैट्रियट प्रणाली यूक्रेन की वायु रक्षा रणनीति में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। रूस के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन अपनी ऊर्जा सुविधाओं, शहरों और नागरिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों पर निर्भर है। जेलेंस्की लगातार पश्चिमी देशों से अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों और मिसाइलों की माँग करते रहे हैं। उनका कहना है कि रूसी हवाई हमलों से निपटने के लिए यूक्रेन को अधिक संख्या में मिसाइलों की आवश्यकता है।
रूस के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन ने रूस की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों को भी अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। यूक्रेन के अलावा अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी रूस के सैन्य और औद्योगिक प्रतिष्ठानों,कंपनियों और उससे जुड़े व्यक्तियों पर व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं। जेलेंस्की का ताजा बयान इसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध व्यवस्था के साथ यूक्रेन की नीति में और अधिक समन्वय का संकेत देता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। रूस के सैन्य-औद्योगिक ढाँचे से जुड़े लोगों और संस्थाओं पर कार्रवाई के जरिए यूक्रेन रूस की युद्ध क्षमता पर दबाव बनाना चाहता है। वहीं रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में रूसी प्रशासन का समर्थन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के जरिए कीव अपनी संप्रभुता के दावे को भी मजबूत करना चाहता है।
इस बीच लगातार जारी रूसी हमलों ने यूक्रेन के सामने हवाई सुरक्षा की चुनौती को और गंभीर बना दिया है। बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन के इस्तेमाल से यूक्रेन के लिए अपने शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की रक्षा करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में जेलेंस्की का पैट्रियट मिसाइलों को लेकर अमेरिका से जल्द फैसला लेने का आग्रह यूक्रेन की तत्काल सैन्य जरूरतों को दर्शाता है।
जेलेंस्की की ताजा घोषणाओं से साफ है कि यूक्रेन रूस के खिलाफ सैन्य मोर्चे के साथ-साथ आर्थिक और राजनीतिक दबाव भी बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। एक तरफ रूस के सैन्य-औद्योगिक ढाँचे और उसके समर्थकों पर नए प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ यूक्रेन पश्चिमी साझेदारों से आधुनिक हथियारों और वायु रक्षा मिसाइलों की माँग कर रहा है। युद्ध के बीच यूक्रेन की रणनीति अब रूस की सैन्य क्षमता को कमजोर करने और अपने नागरिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा मजबूत करने पर केंद्रित दिखाई दे रही है।
