पीवी सिंधु (तस्वीर क्रेडिट@airnewsalerts)

विश्व चैंपियनशिप में पीवी सिंधु का सफर थमा,छठे पदक से चूकीं; वांग झी यी ने दी रोमांचक मात

नई दिल्ली,21 अगस्त (युआईटीवी)- नई दिल्ली में जारी विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का महिला एकल वर्ग में अभियान गुरुवार को समाप्त हो गया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु को राउंड ऑफ 16 के रोमांचक मुकाबले में चीन की वांग झी यी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वांग झी यी ने सिंधु को 21-11, 15-21, 21-17 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इस हार के साथ सिंधु विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की उम्मीद से भी चूक गईं।

सिंधु का विश्व चैंपियनशिप में प्रदर्शन लंबे समय से भारतीय बैडमिंटन के सबसे शानदार अध्यायों में शामिल रहा है। वह इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी रही हैं और इससे पहले इस मंच पर कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। ऐसे में घरेलू दर्शकों के सामने उनसे एक बार फिर बड़ी उपलब्धि की उम्मीद की जा रही थी। हालाँकि, वांग झी यी ने बेहद संयमित और आक्रामक खेल दिखाते हुए भारतीय खिलाड़ी की चुनौती को निर्णायक मुकाबले में समाप्त कर दिया।

इस हार के साथ विश्व चैंपियनशिप में सिंधु का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड भी टूट गया। इससे पहले उन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में चीन की खिलाड़ियों के खिलाफ आठ मुकाबले जीते थे। वांग झी यी पहली चीनी खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप के मंच पर सिंधु को शिकस्त दी। इस लिहाज से यह मुकाबला सिंधु के लिए न सिर्फ टूर्नामेंट से बाहर होने वाला मैच रहा,बल्कि उनके शानदार रिकॉर्ड के टूटने के कारण भी खास रहा।

पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही बेहद सतर्क रुख अपनाया। दोनों एक-दूसरे को आसान अंक देने से बच रही थीं और लंबी रैलियों के जरिए प्रतिद्वंद्वी की परीक्षा ले रही थीं। वांग झी यी ने सिंधु को फ्रंट कोर्ट की ओर लगातार दौड़ाने की रणनीति अपनाई। इसके जवाब में सिंधु ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को खुलकर आक्रमण करने का मौका नहीं दिया। शुरुआती चरण में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन इंटरवल तक वांग 11-8 की बढ़त बनाने में सफल रहीं।

इंटरवल के बाद मुकाबले का रुख तेजी से बदलने लगा। सिंधु कुछ ऐसे शॉट खेलने लगीं, जिनमें दबाव की स्थिति नहीं होने के बावजूद गलतियाँ हुईं। कई मौकों पर उनके शॉट का अनुमान भी सही नहीं रहा और इसका सीधा फायदा वांग झी यी को मिला। चीनी खिलाड़ी ने मौके का फायदा उठाते हुए अपने सटीक ड्रॉप शॉट और आक्रामक स्ट्रोक्स के जरिए लगातार अंक हासिल किए। सिंधु के लिए पहले गेम में वापसी करना मुश्किल हो गया और वांग ने इसे 21-11 से अपने नाम कर लिया।

पहले गेम में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सिंधु ने दूसरे गेम में अपनी रणनीति में बदलाव किया। उन्होंने शुरुआत में अधिक धैर्य के साथ खेलते हुए रैलियों पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। इसका उन्हें तुरंत फायदा मिला और भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआती दौर में चार अंकों की बढ़त बना ली। वांग झी यी इस दौरान पहले गेम जैसी निरंतरता कायम नहीं रख सकीं। सिंधु ने अपने ड्रिबल और सटीक ड्रॉप शॉट्स के जरिए चीनी खिलाड़ी को असहज करने में सफलता हासिल की।

वांग ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की और स्कोर 15-15 से बराबर कर दिया। इस समय ऐसा लग रहा था कि दूसरा गेम भी बेहद करीबी हो सकता है, लेकिन सिंधु ने दबाव को बेहतर तरीके से संभाला। उन्होंने लगातार छह अंक हासिल किए और वांग को कोई मौका नहीं दिया। इस शानदार वापसी के साथ सिंधु ने दूसरा गेम 21-15 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुँचा दिया।

तीसरे गेम में सिंधु ने एक बार फिर आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की। भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआती तीन अंक हासिल कर 3-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने बढ़त को 8-4 तक पहुँचाया। घरेलू दर्शकों का समर्थन भी सिंधु का हौसला बढ़ा रहा था और ऐसा लग रहा था कि वह मुकाबले को अपने पक्ष में करने की स्थिति में पहुँच चुकी हैं,लेकिन वांग झी यी ने धैर्य नहीं खोया और लगातार अंक जुटाते हुए मैच में वापसी जारी रखी।

सिंधु की कुछ लगातार गलतियों ने वांग को वापसी का अवसर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने तीन आसान गलतियाँ कीं,जिससे चीनी खिलाड़ी को महत्वपूर्ण अंक मिले। हालाँकि, इंटरवल तक सिंधु किसी तरह 11-10 की मामूली बढ़त बनाए रखने में सफल रहीं। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। हर अंक के साथ दबाव बढ़ता जा रहा था और दोनों खिलाड़ी निर्णायक बढ़त हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रही थीं।

तीसरे गेम के अंतिम चरण में मुकाबले का सबसे नाटकीय क्षण आया। स्कोर 16-16 से बराबर था और दोनों खिलाड़ी जीत के बेहद करीब थीं। इसी दौरान वांग झी यी कोर्ट पर बुरी तरह गिर गईं। उन्हें कुछ समय के लिए मेडिकल टाइम-आउट लेना पड़ा। इस घटना के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हुआ तो दोनों खिलाड़ियों पर दबाव और भी बढ़ गया।

मेडिकल ब्रेक के बाद सिंधु अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं। उन्होंने लगातार चार गलतियाँ कीं और इसका वांग झी यी ने पूरा फायदा उठाया। चीनी खिलाड़ी ने निर्णायक क्षणों में धैर्य बनाए रखा और स्कोर को अपने पक्ष में करते हुए मैच प्वाइंट हासिल कर लिया। सिंधु के पास वापसी का एक और मौका था,लेकिन वांग ने सटीक ड्रॉप शॉट खेलते हुए मुकाबले को खत्म कर दिया।

वांग झी यी की 21-11, 15-21, 21-17 की जीत के साथ सिंधु का विश्व चैंपियनशिप अभियान समाप्त हो गया। भारतीय खिलाड़ी ने दूसरे गेम में जिस तरह वापसी की थी,उससे मुकाबले में उनके जीतने की उम्मीदें मजबूत हो गई थीं,लेकिन निर्णायक गेम में कुछ महत्वपूर्ण गलतियों ने उनकी चुनौती कमजोर कर दी। खासकर 16-16 के बाद का दौर सिंधु के लिए बेहद महँगा साबित हुआ।

इस हार के बावजूद विश्व चैंपियनशिप में सिंधु की उपलब्धियों का महत्व कम नहीं होता। वह भारतीय बैडमिंटन की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं और विश्व चैंपियनशिप में उनका शानदार रिकॉर्ड रहा है। घरेलू दर्शकों के सामने छठा पदक जीतने का मौका गंवाना निश्चित रूप से उनके लिए निराशाजनक परिणाम है,लेकिन पूरे मुकाबले में उनकी वापसी की क्षमता और संघर्ष ने एक बार फिर उनके अनुभव और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दिखाया।

दूसरी ओर,वांग झी यी ने इस जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने निर्णायक पलों में अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और सिंधु की गलतियों का फायदा उठाया। इस जीत से उन्हें अगले दौर के लिए आत्मविश्वास मिलेगा। वहीं सिंधु के लिए विश्व चैंपियनशिप का यह अभियान निराशाजनक अंत के साथ खत्म हुआ,क्योंकि वह अपने रिकॉर्ड छठे पदक की तलाश में एक कदम दूर रह गईं।