एमस्टवीन,21 अगस्त (युआईटीवी)- एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया पूल डी का रोमांचक मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों ने पूरे मैच में गोल करने के कई मौके बनाए,लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के तमाम हमलों को नाकाम कर दिया। इस ड्रॉ के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने टूर्नामेंट के अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली,जबकि इंग्लैंड का विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया। मुकाबला खत्म होने के बाद इंग्लैंड की खिलाड़ी मैदान पर भावुक नजर आईं।
भारत के लिए मुकाबले की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने शुरुआती क्वार्टर में आक्रमण करने की कोशिश की,लेकिन कई अच्छे मौकों को गोल में तब्दील नहीं कर सकी। भारतीय खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की और गोल करने के अवसर भी बनाए,लेकिन इंग्लैंड की गोलकीपर और रक्षापंक्ति ने भारतीय हमलों को रोकने में सफलता हासिल की।
पहले क्वार्टर में इश्किा ने इंग्लैंड के डिफेंस को भेदते हुए शानदार शॉट लगाया। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि यह प्रयास गोल में बदल जाएगा,लेकिन इंग्लैंड की गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव करते हुए भारत को बढ़त लेने से रोक दिया। इसके बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर के जरिए भी गोल करने का अवसर मिला। नवनीत ने पेनल्टी कॉर्नर पर शॉट लगाया, लेकिन उसे अमान्य घोषित कर दिया गया। भारत को इसके बाद दो और गोल करने के मौके मिले,लेकिन टीम उनका फायदा उठाने में सफल नहीं रही।
पहले क्वार्टर के बाद मुकाबला धीरे-धीरे तेज होता गया। दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने पहले की तुलना में ज्यादा आक्रामक रवैया अपनाया। खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की और गेंद को विपक्षी सर्कल तक पहुँचाया। हालाँकि, भारतीय टीम की फिनिशिंग कमजोर रही और बनाए गए मौकों को गोल में बदलने में सफलता नहीं मिली।
इंग्लैंड ने भी दूसरे क्वार्टर में जवाबी हमले किए। क्वार्टर के अंतिम हिस्से में इंग्लिश टीम के पास गोल करने का शानदार मौका आया। भारतीय डिफेंस को इस हमले से खतरा पैदा हुआ,लेकिन ज्योति ने बेहतरीन प्रयास करते हुए इंग्लैंड को गोल करने से रोक दिया। इस तरह पहले हाफ के समाप्त होने तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर बनी रहीं।
तीसरे क्वार्टर में मुकाबले का रुख काफी हद तक इंग्लैंड के पक्ष में दिखाई दिया। इंग्लैंड की टीम ने भारतीय डिफेंस पर लगातार हमले किए और एक के बाद एक आक्रामक शॉट लगाए। इंग्लिश खिलाड़ियों ने भारतीय सर्कल में दबाव बढ़ाया और कई बार गोल करने की स्थिति बनाई। इस दौरान भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी ताकत उसकी गोलकीपर सविता पूनिया रहीं।
सविता ने गोल पोस्ट के सामने शानदार धैर्य और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। इंग्लैंड की ओर से आए कई खतरनाक शॉट्स को उन्होंने रोक दिया। इंग्लैंड को तीसरे क्वार्टर में कई पेनल्टी कॉर्नर भी मिले,लेकिन भारतीय डिफेंस और सविता की मुस्तैदी के कारण इनमें से कोई भी मौका गोल में नहीं बदल सका। हर सफल बचाव के साथ सविता ने इंग्लैंड की उम्मीदों को झटका दिया।
भारतीय टीम ने इस दौरान जवाबी हमलों के जरिए इंग्लैंड पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन इंग्लिश डिफेंस को भेदना आसान नहीं था। तीसरे क्वार्टर के अंत तक स्कोर 0-0 बना रहा। इंग्लैंड को लग रहा था कि लगातार हमलों के बाद किसी समय उसे सफलता जरूर मिलेगी,लेकिन भारतीय गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
चौथे और अंतिम क्वार्टर की शुरुआत भारत ने आक्रामक अंदाज में की। भारतीय खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के डिफेंस को पीछे धकेलने की कोशिश की और गोल करने के अवसर तलाशे। हालाँकि,कुछ ही समय बाद इंग्लैंड ने फिर से मैच पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इंग्लिश टीम ने भारतीय डिफेंस पर लगातार हमले किए और लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए।
इन दोनों मौकों पर इंग्लैंड के पास मैच का परिणाम बदलने का बड़ा अवसर था,लेकिन सविता पूनिया और भारतीय डिफेंस ने एक बार फिर शानदार तालमेल दिखाया। दोनों पेनल्टी कॉर्नर को भारत ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। सविता ने गोल पोस्ट के सामने अपनी स्थिति बनाए रखी और इंग्लैंड को गेंद नेट में पहुँचाने का कोई मौका नहीं दिया।
मैच के अंतिम मिनटों में दोनों टीमों ने जीत हासिल करने की कोशिश की,लेकिन गोल का रास्ता नहीं खुल सका। जैसे ही अंतिम सीटी बजी,स्कोर 0-0 पर कायम रहा। भारत ने जहाँ इस परिणाम के साथ अगले दौर में प्रवेश सुनिश्चित किया, वहीं इंग्लैंड के लिए यह मुकाबला टूर्नामेंट का आखिरी मैच साबित हुआ।
भारतीय टीम के लिए यह ड्रॉ किसी जीत से कम नहीं रहा। मैच में इंग्लैंड ने कई चरणों में दबदबा बनाया और गोल के अधिक खतरनाक अवसर तैयार किए,लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और खासकर सविता पूनिया ने टीम को संकट से बाहर निकाला। उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत को महत्वपूर्ण अंक दिलाने के साथ अगले दौर का टिकट भी दिला दिया।
मैच के बाद इंग्लैंड की खिलाड़ियों की भावुक तस्वीरें भी देखने को मिलीं। टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद कई इंग्लिश खिलाड़ी मैदान पर ही निराश नजर आईं। दूसरी ओर भारतीय खेमे में राहत और खुशी का माहौल रहा। टीम ने भले ही गोल नहीं किया,लेकिन मजबूत डिफेंस के दम पर महत्वपूर्ण मुकाबले में हार से बचते हुए अगले चरण में अपनी जगह बना ली।
भारत के लिए अब टूर्नामेंट की चुनौती और कठिन होने वाली है। अगले दौर में टीम को अपनी आक्रामक रणनीति और गोल करने की क्षमता पर विशेष ध्यान देना होगा। इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने कई मौके बनाए,लेकिन उन्हें गोल में बदलने में नाकामी रही। हालाँकि,सविता पूनिया की शानदार फॉर्म टीम के लिए बड़ी सकारात्मक खबर है। यदि भारतीय टीम अपने डिफेंस की मजबूती के साथ आक्रमण में भी बेहतर फिनिशिंग दिखाने में सफल रहती है,तो विश्व कप में उसका सफर आगे और लंबा हो सकता है।
