वॉशिंगटन,22 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में प्रस्तावित नए बॉलरूम के निर्माण कार्य को फिलहाल जारी रखने की अनुमति दे दी। अदालत के इस अंतरिम आदेश से निचली अदालतों के उन फैसलों पर अस्थायी रूप से रोक लग गई है,जिनके चलते इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण रोकना पड़ता। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी यह तय नहीं किया है कि व्हाइट हाउस में बॉलरूम बनाने की पूरी परियोजना कानूनी है या नहीं। अदालत का मौजूदा आदेश केवल निर्माण कार्य को तत्काल रोकने से बचाने तक सीमित है।
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने अस्थायी रोक आदेश जारी किया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को परियोजना पर काम जारी रखने का रास्ता मिल गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है,जब व्हाइट हाउस के नए बॉलरूम को लेकर ट्रंप प्रशासन और ऐतिहासिक विरासत संरक्षण से जुड़ी संस्था के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। निचली अदालत में परियोजना की वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे और निर्माण कार्य को रोकने की दिशा में फैसला दिया गया था।
अदालती दस्तावेजों में ट्रंप प्रशासन की ओर से परियोजना की प्रगति से जुड़ी जानकारी भी दी गई है। प्रशासन के मुताबिक,14 अगस्त तक करीब 40 करोड़ डॉलर की लागत वाली इस परियोजना का लगभग 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। यह परियोजना निजी फंडिंग के जरिए तैयार की जा रही है। दस्तावेजों के अनुसार,निर्माण स्थल पर करीब 250 लोगों की टीम लगातार काम कर रही है। ये कर्मचारी प्रतिदिन लगभग 20 घंटे और सप्ताह के सातों दिन परियोजना को पूरा करने में जुटे हैं। प्रशासन का तर्क है कि निर्माण कार्य रोकने से परियोजना को भारी नुकसान हो सकता है और पहले से किए गए काम पर भी असर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश वॉशिंगटन की एक संघीय अपील अदालत के फैसले के लगभग दो सप्ताह बाद आया है। सात अगस्त को अमेरिकी अपील अदालत ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में नया बॉलरूम बनाने की प्रक्रिया में कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। हालाँकि,अपील अदालत ने अपने फैसले पर 14 दिनों के लिए रोक लगा दी थी,ताकि ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का अवसर मिल सके। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुँचा और अब सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण जारी रखने की अस्थायी अनुमति दी है।
यह विवाद नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन नामक ऐतिहासिक विरासत संरक्षण संस्था की ओर से उठाया गया है। संस्था ने परियोजना को लेकर प्रशासन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। निचली अदालत में संस्था के पक्ष में दिए गए फैसले में कहा गया था कि प्रशासन ने ऐतिहासिक इमारत में इतना बड़ा बदलाव करने से पहले जरूरी सलाह-मशविरा प्रक्रिया पूरी नहीं की। अदालत के फैसले के अनुसार,अक्टूबर 2025 में केवल तीन दिनों के भीतर व्हाइट हाउस के पूरे ईस्ट विंग को गिरा दिया गया था।
आलोचकों का कहना है कि ईस्ट विंग को हटाने और उसके स्थान पर विशाल बॉलरूम बनाने की योजना को आगे बढ़ाने से पहले संबंधित ऐतिहासिक संरक्षण प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए था। अदालत में यह भी सवाल उठाया गया कि परियोजना को लेकर कांग्रेस की पर्याप्त अनुमति और निगरानी नहीं ली गई। प्रस्तावित बॉलरूम लगभग 90 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बनाया जाना है। प्रशासन के मुताबिक इसका निर्माण निजी धन से किया जा रहा है,लेकिन विरोध करने वाली संस्था का तर्क है कि निजी फंडिंग होने के बावजूद व्हाइट हाउस जैसे ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के परिसर में इतना बड़ा बदलाव उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं किया जा सकता।
व्हाइट हाउस में बॉलरूम बनाने की योजना को राष्ट्रपति ट्रंप और उनके कई समर्थकों का समर्थन हासिल है। ट्रंप प्रशासन इसे व्हाइट हाउस के आधुनिकीकरण और लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करने वाली परियोजना के रूप में पेश कर रहा है। हालाँकि, इस परियोजना को लेकर सभी रिपब्लिकन सांसद एकमत नहीं हैं। कांग्रेस में कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी परियोजना के तरीके और प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है। उनका सवाल है कि इतनी ऐतिहासिक इमारत में व्यापक बदलाव करते समय पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किस तरह सुनिश्चित किया गया।
राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी व्हाइट हाउस के प्रस्तावित नवीनीकरण को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी सोच स्पष्ट कर चुके हैं। जुलाई में उन्होंने कहा था कि व्हाइट हाउस का पुनर्निर्माण और नवीनीकरण उनके अनुसार अमेरिका के पुनरुत्थान का प्रतीक है। उनका कहना था कि अमेरिका की सबसे पहचान वाली इमारत में देश की ताकत,इतिहास और आत्मविश्वास दिखाई देना चाहिए।
सात जुलाई को रोज गार्डन में दिए गए अपने संबोधन में ट्रंप ने व्हाइट हाउस के नवीनीकरण को केवल संरक्षण से जुड़ी परियोजना मानने से इनकार किया था। उन्होंने इसे अमेरिका के भविष्य से जोड़ते हुए कहा था कि देश के पास ऐसी औपचारिक और भव्य सुविधाएँ होनी चाहिए,जो दुनिया की अन्य बड़ी शक्तियों के बराबर या उनसे बेहतर हों। उन्होंने चीन के ग्रेट हॉल का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहाँ एक बहुत बड़ा बॉलरूम है और अमेरिका भी उससे बेहतर बॉलरूम बनाएगा।
ट्रंप का तर्क है कि व्हाइट हाउस में बड़े औपचारिक आयोजनों के लिए पर्याप्त और आधुनिक जगह की आवश्यकता है। प्रस्तावित बॉलरूम को इसी जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है। परियोजना के समर्थकों का कहना है कि नया बॉलरूम व्हाइट हाउस में बड़े राजकीय और औपचारिक कार्यक्रम आयोजित करने की क्षमता बढ़ाएगा और इससे राष्ट्रपति भवन की सुविधाओं में महत्वपूर्ण विस्तार होगा।
दूसरी ओर,परियोजना के विरोधियों का कहना है कि व्हाइट हाउस केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं है,बल्कि अमेरिका के इतिहास और लोकतांत्रिक परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसलिए इसके स्वरूप में बड़े बदलाव करते समय ऐतिहासिक संरक्षण और कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार के आदेश से फिलहाल निर्माण कार्य रुकने से बच गया है,लेकिन कानूनी विवाद समाप्त नहीं हुआ है। अदालत ने परियोजना की अंतिम वैधता पर कोई फैसला नहीं दिया है। इसलिए आगे की न्यायिक प्रक्रिया में यह तय किया जा सकता है कि प्रशासन ने निर्माण शुरू करने और ईस्ट विंग को हटाने से पहले सभी आवश्यक कानूनी और ऐतिहासिक संरक्षण संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किया था या नहीं।
ट्रंप प्रशासन के लिए यह अंतरिम आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि परियोजना का बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है। प्रशासन ने अदालत में निर्माण की तेज गति और बड़ी संख्या में काम कर रहे कर्मचारियों का हवाला देते हुए परियोजना रोकने से होने वाले संभावित नुकसान की ओर ध्यान दिलाया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल निर्माण टीम को काम जारी रखने की अनुमति मिल गई है।
हालाँकि,इस मामले में अंतिम फैसला आने तक व्हाइट हाउस के नए बॉलरूम को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है। एक तरफ ट्रंप इसे अमेरिका की ताकत, आधुनिकता और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ रहे हैं,वहीं दूसरी ओर ऐतिहासिक संरक्षण से जुड़े संगठन इसे कानूनी प्रक्रिया और विरासत संरक्षण का सवाल बता रहे हैं।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का आदेश ट्रंप प्रशासन के लिए तत्काल राहत जरूर लेकर आया है,लेकिन यह परियोजना की अंतिम कानूनी मंजूरी नहीं है। अब आगे की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी। इसी के आधार पर तय होगा कि 90 हजार वर्ग फुट का प्रस्तावित बॉलरूम अपने मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ पाएगा या प्रशासन को परियोजना से जुड़े कानूनी और संरक्षण संबंधी नियमों का दोबारा पालन करना पड़ेगा।
