वॉशिंगटन,27 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई की मौत नहीं हुई है,लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह दावा ऐसे समय में किया है,जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष जारी है और दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा अमेरिकी सैन्य अभियान काफी जल्द समाप्त हो सकता है और उन्हें उम्मीद है कि यह अभियान एक बड़ी जीत में बदल जाएगा। हालाँकि,ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई की हालत को लेकर अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
रूढ़िवादी प्रसारक ग्लेन बेक के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप से ईरान के सर्वोच्च नेता की स्थिति के बारे में सवाल किया गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मोजतबा खामेनेई की मौत हुई है। उन्होंने दावा किया कि वह बेहद गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि उनके शरीर का बायां हिस्सा,जिसमें हाथ और पैर शामिल हैं,बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हालाँकि,यह नहीं बताया कि उन्हें खामेनेई की स्थिति के बारे में जानकारी किस स्रोत से मिली है।
ट्रंप ने अपने दावे के समर्थन में कोई चिकित्सा रिपोर्ट या अन्य प्रमाण भी पेश नहीं किया। उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारी अब भी सर्वोच्च नेता से सलाह लेने की बात कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार,ईरान के अधिकारी लगातार यह कह रहे हैं कि वे उनसे बात करने वाले हैं और अलग-अलग मामलों में उनकी अंतिम मंजूरी लेने वाले हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर मोजतबा खामेनेई वास्तव में मौजूद नहीं हैं,तो ईरानी अधिकारी उनकी मौजूदगी का बहुत अच्छा दिखावा कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इंटरव्यू में सैन्य कार्रवाई से जुड़ा एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बलों ने नाकाबंदी से जुड़ी कार्रवाई के दौरान एक ही रात में 22 नौकाओं को नष्ट कर दिया। ट्रंप के अनुसार,ये नौकाएँ नाकाबंदी के दौरान अंदर आने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने अमेरिकी नौसेना और पूरी सेना के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सेना ने शानदार काम किया है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और जल्द ही बड़ी जीत हासिल की जा सकती है। उन्होंने अपने पिछले सैन्य अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला में जीत मिली थी और ईरान में भी जल्द बड़ी जीत मिलने वाली है। ट्रंप के इन बयानों से संकेत मिलता है कि वह मौजूदा सैन्य कार्रवाई को निर्णायक परिणाम तक पहुंचाने के पक्ष में हैं। हालाँकि,ईरान के साथ संघर्ष को लेकर आगे की रणनीति और उसके संभावित राजनीतिक समाधान के बारे में उन्होंने कोई विस्तृत योजना नहीं बताई।
ईरान में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन नहीं होने के सवाल पर भी ट्रंप ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ईरान के लोगों को सरकार के सुरक्षा बलों और स्नाइपर्स का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में लोगों के लिए सड़कों पर उतरना बेहद मुश्किल हो जाता है। ट्रंप के मुताबिक,जब प्रदर्शनकारियों को यह डर हो कि सुरक्षा बल उन्हें गोली मार सकते हैं और उनकी जान जा सकती है,तो उनके लिए विरोध करना आसान नहीं रहता। उन्होंने इसी को ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन नहीं होने की एक प्रमुख वजह बताया।
ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान को भारी नुकसान हुआ है और देश काफी कमजोर हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी वायुसेना को भी बहुत बड़ा नुकसान पहुँचा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कुछ सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा है और देश में महंगाई काफी बढ़ गई है। ट्रंप के अनुसार, इन परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में ईरान के भीतर स्थिति बदल सकती है।
हालाँकि, ट्रंप के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उनके इंटरव्यू में उपलब्ध नहीं कराई गई। ईरान की सैन्य क्षमता और देश के भीतर आर्थिक स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में कई तरह की तस्वीरें सामने आती रही हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से किए गए दावों को मौजूदा सैन्य और राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। संघर्ष के बीच दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने सैन्य अभियानों और नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
इंटरव्यू के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ट्रंप ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट अभी सामान्य रूप से काम कर रहा है और वहां से बड़ी मात्रा में तेल की आवाजाही जारी है। उन्होंने माना कि बीच-बीच में हमले हुए हैं,लेकिन उनके अनुसार समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जलडमरूमध्य में मौजूद समुद्री बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी माइन हटा दी गई हैं और जलडमरूमध्य पूरी तरह सक्रिय है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और ऊर्जा उत्पाद इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। इसलिए इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने की स्थिति का असर अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि वहाँ से बड़ी मात्रा में तेल निकल रहा है। उनके अनुसार,एक दिन पहले करीब एक करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हुई थी। यदि यह दावा सही है,तो इसका मतलब होगा कि संघर्ष के बावजूद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से ऊर्जा आपूर्ति बड़े स्तर पर जारी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सबसे बड़ा उद्देश्य उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष का लगभग पूरा मुख्य मुद्दा इसी उद्देश्य से जुड़ा है। उनके बयान से साफ है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की चिंता इस सैन्य अभियान के केंद्र में बनी हुई है।
ट्रंप ने संघर्ष के आर्थिक प्रभाव को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सैन्य टकराव की वजह से उनकी सरकार को ऊर्जा और आर्थिक मामलों में कुछ समय के लिए अलग रास्ता अपनाना पड़ा। हालाँकि,उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बेहतर हो रही है और जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, ऊर्जा से जुड़ी कीमतें अब तेजी से नीचे आ रही हैं। उनका बयान ऐसे समय में आया है,जब ईरान के साथ संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में संभावित अस्थिरता को लेकर चिंता बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति,समुद्री व्यापार,तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी बड़े व्यवधान की स्थिति में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है,जिसका सीधा असर दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसे में ट्रंप का यह दावा कि जलडमरूमध्य सक्रिय है और तेल की आवाजाही जारी है,वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है।
फिलहाल मोजतबा खामेनेई की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्वतंत्र और पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ट्रंप ने उन्हें गंभीर रूप से घायल बताया है,लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुँचने और संघर्ष के जल्द खत्म होने का भरोसा जताया है। आने वाले दिनों में सैन्य घटनाक्रम,ईरान की प्रतिक्रिया और दोनों देशों के बीच किसी संभावित राजनीतिक पहल से यह तय होगा कि यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है। फिलहाल ट्रंप के बयानों ने ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व,सैन्य कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव के बीच एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है।
