नीदरलैंड्स (तस्वीर क्रेडिट@Javier_Panzardo)

नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना के बीच होगा महिला हॉकी विश्व कप 2026 का फाइनल,2022 की यादें होंगी ताजा; खिताब के लिए भिड़ेंगी दो दिग्गज टीमें

एम्स्टर्डम,28 अगस्त (युआईटीवी)- एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 का खिताबी मुकाबला शनिवार को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों ने बेहद रोमांचक और करीबी सेमीफाइनल मुकाबलों में जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई है। मेजबान और तीन बार की गत चैंपियन नीदरलैंड्स ने सह-मेजबान बेल्जियम को 1-0 से हराया,जबकि दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया। फाइनल मुकाबला 2022 विश्व कप के फाइनल की भी याद दिलाएगा,जब नीदरलैंड्स ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब अपने नाम किया था।

नीदरलैंड्स की टीम लगातार आठवीं बार महिला हॉकी विश्व कप के फाइनल में पहुँचीं है। वहीं,अर्जेंटीना की टीम सातवीं बार विश्व कप के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह बनाने में सफल रही है। दोनों टीमों के अनुभव और प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार को होने वाला फाइनल बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। एक तरफ घरेलू दर्शकों के सामने नीदरलैंड्स की टीम अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी,वहीं अर्जेंटीना 2022 के फाइनल की हार का हिसाब बराबर करते हुए विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगा।

नीदरलैंड्स और बेल्जियम के बीच पहला सेमीफाइनल एम्स्टर्डम में खेला गया। तीन बार की मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड्स को इस मुकाबले में प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन बेल्जियम ने शुरुआत से ही घरेलू टीम को कड़ी चुनौती दी। बेल्जियम ने पहले क्वार्टर में आक्रामक रवैया अपनाया और नीदरलैंड्स की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की। मेजबान टीम को उम्मीद के मुताबिक आसानी से मौके नहीं मिले और दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद संतुलित रहा।

पहले क्वार्टर में बेल्जियम ने नीदरलैंड्स को कई बार परेशान किया। हालाँकि,नीदरलैंड्स की मजबूत रक्षापंक्ति ने विरोधी टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। जैसे-जैसे पहला हाफ आगे बढ़ा,नीदरलैंड्स ने भी अपने खेल में सुधार किया और बेल्जियम के सर्कल में दबाव बनाना शुरू किया। आखिरकार हाफ-टाइम से कुछ ही समय पहले मेजबान टीम को सफलता मिल गई।

28वें मिनट में शानदार बिल्ड-अप के बाद फ्रेडरिक माटला ने एक हाथ से डिफ्लेक्शन करते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल ने नीदरलैंड्स को 1-0 की बढ़त दिलाई। बेल्जियम के लिए यह बड़ा झटका था,क्योंकि टीम ने पहले हाफ में काफी अच्छी हॉकी खेली थी और नीदरलैंड्स को लगातार चुनौती दी थी। इसके बावजूद बेल्जियम के पास बराबरी करने का एक मौका आया।

पहला हाफ समाप्त होने में केवल नौ सेकंड बाकी थे,जब बेल्जियम को पेनल्टी कॉर्नर मिला। बेल्जियम के पास इस मौके को गोल में बदलकर मैच को बराबरी पर लाने का सुनहरा अवसर था,लेकिन नीदरलैंड्स के डिफेंस ने खतरे को टाल दिया। इसके साथ ही मेजबान टीम ने 1-0 की बढ़त के साथ हाफ-टाइम में प्रवेश किया।

दूसरे हाफ में भी बेल्जियम ने हार नहीं मानी। टीम ने लगातार हमले किए और नीदरलैंड्स की बढ़त को खत्म करने की कोशिश की। मुकाबला खत्म होने के करीब बेल्जियम को लगा कि उसने आखिरकार बराबरी हासिल कर ली है। 18 वर्षीय फामके वैन हील ने शानदार शॉट लगाते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। बेल्जियम के खिलाड़ी और समर्थक जश्न मनाने लगे,लेकिन उनकी खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।

वीडियो समीक्षा के बाद बेल्जियम के इस गोल को रद्द कर दिया गया। फैसले के बाद नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों और घरेलू दर्शकों ने राहत की सांस ली। बेल्जियम को इसके बाद बराबरी का कोई और मौका नहीं मिला और नीदरलैंड्स ने 1-0 की जीत के साथ फाइनल में प्रवेश कर लिया।

इस जीत के साथ नीदरलैंड्स ने लगातार आठवीं बार महिला हॉकी विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। यह टीम के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को दर्शाता है। घरेलू मैदान पर खेलते हुए नीदरलैंड्स अब अपने खिताब की रक्षा से केवल एक जीत दूर है। हालाँकि, फाइनल में उसके सामने अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम होगी,जिसने दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहद संयमित और प्रभावी हॉकी खेली।

अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा सेमीफाइनल भी बेहद कड़ा रहा। मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच ज्यादा अंतर नजर नहीं आया। अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने पाँच-पाँच बार विरोधी टीम के सर्कल में प्रवेश किया। दोनों टीमों को एक-एक पेनल्टी कॉर्नर भी मिला,लेकिन कोई भी टीम इसका फायदा उठाकर गोल नहीं कर सकी।

पहले हाफ में दोनों टीमों ने रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखा। अर्जेंटीना को हालाँकि,तीसरे क्वार्टर में कुछ बेहतर मौके मिले। उसने आक्रमण की गति बढ़ाई और ऑस्ट्रेलियाई गोलपोस्ट पर दबाव बनाने की कोशिश की। अर्जेंटीना के खिलाड़ी कई बार गोल करने के करीब पहुँचे,लेकिन ऑस्ट्रेलिया की रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने खतरा टाल दिया।

ऑस्ट्रेलिया के पास भी बढ़त लेने का शानदार मौका आया। हालाँकि,अर्जेंटीना की गोलकीपर क्रिस्टीना कोसेंटिनो ने शानदार बचाव करते हुए ऑस्ट्रेलिया को गोल करने से रोक दिया। उनका यह प्रदर्शन मैच में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ,क्योंकि मुकाबला उस समय तक पूरी तरह बराबरी का था और एक गोल दोनों टीमों के लिए निर्णायक हो सकता था।

आखिरकार 47वें मिनट में अर्जेंटीना को सफलता मिली। पेनल्टी कॉर्नर पर तैयार की गई रणनीति के तहत अर्जेंटीना ने बेहतरीन वैरिएशन खेला और जूलिएटा जंकुनास ने गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद अर्जेंटीना के समर्थकों का उत्साह देखते ही बना।

एक गोल से पिछड़ने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम मिनटों में आक्रामकता बढ़ा दी। टीम ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए। इस दौरान क्रिस्टीना कोसेंटिनो अर्जेंटीना के लिए सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हुईं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पेनल्टी कॉर्नर के दो प्रयासों को शानदार तरीके से रोककर अपनी टीम की बढ़त बरकरार रखी।

मैच खत्म होने में केवल 17 सेकंड बाकी थे और ऑस्ट्रेलिया बराबरी के बेहद करीब पहुँच गया था। गोल की ओर बढ़ रही गेंद कप्तान ग्रेस स्टीवर्ट की स्टिक से नहीं लग सकी और ऑस्ट्रेलिया का आखिरी बड़ा मौका भी हाथ से निकल गया। इसके साथ ही अर्जेंटीना ने 1-0 से जीत दर्ज की और सातवीं बार महिला हॉकी विश्व कप के फाइनल में पहुँचने का गौरव हासिल किया।

अब फाइनल में अर्जेंटीना का सामना नीदरलैंड्स से होगा। यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि यह 2022 विश्व कप फाइनल का दोहराव होगा। चार साल पहले खिताबी मुकाबले में नीदरलैंड्स ने अर्जेंटीना को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। अर्जेंटीना के पास अब उस हार का बदला लेने का मौका होगा। दूसरी ओर,नीदरलैंड्स अपने घरेलू दर्शकों के सामने लगातार खिताब जीतने की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहेगा।

इस विश्व कप में दोनों टीमों ने अब तक अपने-अपने अंदाज में शानदार प्रदर्शन किया है। नीदरलैंड्स ने लगातार आठवीं बार फाइनल में पहुँचकर अपनी निरंतरता साबित की है, जबकि अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर यह दिखाया कि वह बड़े मुकाबलों के दबाव को सँभालने में सक्षम है। दोनों सेमीफाइनल में सिर्फ एक-एक गोल हुआ,जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फाइनल में भी डिफेंस और पेनल्टी कॉर्नर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।

इस बीच,सातवें स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में स्पेन ने चीन को शूटआउट में हराकर टूर्नामेंट में सातवां स्थान हासिल किया। मुकाबले की शुरुआत स्पेन के पक्ष में हुई। पहले क्वार्टर के हूटर से कुछ सेकंड पहले मार्टा सेगु का शॉट गलत दिशा में जाने के बावजूद गोल में पहुँच गया और स्पेन ने बढ़त बना ली।

चीन ने दूसरे क्वार्टर में जोरदार वापसी की। हाफ-टाइम समाप्त होने में केवल दो सेकंड बाकी थे, जब अनहुई यू ने सर्कल के किनारे से शानदार रिवर्स शॉट लगाकर गोल कर दिया। इस गोल के साथ चीन ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में चीन ने ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया और लगातार हमले किए,लेकिन उसे बढ़त हासिल नहीं हो सकी।

स्पेन की गोलकीपर क्लारा पेरेज ने कई शानदार बचाव किए और अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। निर्धारित समय तक दोनों टीमों में से कोई भी निर्णायक गोल नहीं कर सकी,जिसके बाद मैच शूटआउट में पहुँचा। शूटआउट में दोनों टीमों के कई प्रयास नाकाम रहे,लेकिन अंत में स्पेन ने 1-0 से जीत दर्ज कर सातवां स्थान हासिल कर लिया।

नौवें स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने अमेरिका को 3-1 से हराया। इस मैच में सभी चार गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए। एलिजाबेथ नील ने इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिलाई,लेकिन दूसरे क्वार्टर में राइली हेक ने गोल करके अमेरिका को बराबरी दिला दी। इसके कुछ ही देर बाद लिली ओव्सली ने पेनल्टी कॉर्नर की बेहतरीन रणनीति का फायदा उठाकर इंग्लैंड को फिर से आगे कर दिया। दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने अपना दबदबा बनाए रखा और 55वें मिनट में टेसा हॉवर्ड ने तीसरा गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।

11वें स्थान के मुकाबले में जापान ने स्कॉटलैंड को 2-1 से हराया। 11वें मिनट में मियू सुजुकी ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर जापान को बढ़त दिलाई। इसके बाद आखिरी क्वार्टर में अकारी नाकागोमी ने शानदार डिफ्लेक्शन के जरिए दूसरा गोल किया और जापान की बढ़त 2-0 हो गई।

स्कॉटलैंड ने अंतिम मिनटों में वापसी की कोशिश की। गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त आक्रामक खिलाड़ी के साथ खेलते हुए स्कॉटलैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर एली मैकेंजी ने गोल करके अंतर 2-1 कर दिया। मैच समाप्त होने से 34 सेकंड पहले स्कॉटलैंड को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला,लेकिन जापान ने शानदार बचाव करते हुए अपनी बढ़त कायम रखी और 2-1 से जीत दर्ज कर ली।

अब सभी की निगाहें शनिवार को होने वाले फाइनल पर टिकी हैं। नीदरलैंड्स जहाँ घरेलू दर्शकों के सामने अपने विश्व कप खिताब की रक्षा करने उतरेगा,वहीं अर्जेंटीना के पास इतिहास बदलने का मौका होगा। 2022 के फाइनल में मिली हार के बाद अर्जेंटीना की टीम इस बार ट्रॉफी हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दोनों टीमों के मजबूत डिफेंस,पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञता और बड़े मुकाबलों का अनुभव फाइनल को बेहद रोमांचक बना सकता है।

महिला हॉकी विश्व कप के इस संस्करण में सेमीफाइनल तक पहुँचने वाली दोनों टीमों ने जिस तरह दबाव में प्रदर्शन किया है,उससे फाइनल में भी कड़े मुकाबले की उम्मीद है। नीदरलैंड्स के पास घरेलू परिस्थितियों और लगातार आठवीं बार फाइनल खेलने का अनुभव है,जबकि अर्जेंटीना के पास 2022 की हार की भरपाई करने और सातवीं बार फाइनल में मिली चुनौती को खिताबी जीत में बदलने का अवसर। ऐसे में शनिवार का मुकाबला केवल विश्व कप ट्रॉफी की लड़ाई नहीं होगा,बल्कि महिला हॉकी की दो दिग्गज टीमों के बीच प्रतिष्ठा और इतिहास की भी जंग होगी।