नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई भारी तबाही (तस्वीर क्रेडिट@RajnitikKranti)

नेपाल-तिब्बत सीमा पर विनाशकारी बाढ़,ट्रंप ने नेपाल को हर जरूरी मदद की पेशकश की; करीब 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित

वॉशिंगटन,28 अगस्त (युआईटीवी)- नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अमेरिका ने राहत और बचाव प्रयासों में मदद का भरोसा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेपाल को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है। उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि अमेरिका ने नेपाल सरकार से संपर्क किया है और जरूरत के मुताबिक हर संभव मदद देने की पेशकश की गई है। इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया है कि बाढ़ से करीब 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। नेपाल में फँसे तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है,जबकि गुरुवार सुबह तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं मिली थी।

व्हाइट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने नेपाल से संपर्क किया है और वहां की सरकार को जिस भी तरह की सहायता की जरूरत होगी,वह उपलब्ध कराने की पेशकश की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस आपदा को बेहद गंभीर और भयावह बताया। उनके बयान के बाद अमेरिकी प्रशासन ने नेपाल में प्रभावित अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों को लेकर अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार,नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ से लगभग 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। इन नागरिकों में कुछ ऐसे लोग भी बताए जा रहे हैं,जो हिमालय क्षेत्र की यात्रा पर गए थे। कई लोग पर्यटन, धार्मिक या आध्यात्मिक उद्देश्यों से इस क्षेत्र में पहुँचे थे। बाढ़ के कारण कई इलाकों में संपर्क और आवाजाही प्रभावित हुई है,जिससे वहाँ मौजूद विदेशी नागरिकों तक पहुँचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

विदेश विभाग ने बताया कि नेपाल में फँसे तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विभाग के अनुसार,गुरुवार सुबह आठ बजे पूर्वी अमेरिकी समय तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। हालाँकि,प्रभावित और संभावित रूप से लापता अमेरिकी नागरिकों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अमेरिकी प्रशासन स्थानीय अधिकारियों और राहत एजेंसियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि नेपाल और चीन में स्थित अमेरिकी दूतावास स्थानीय प्रशासन,अधिकारियों और टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि बाढ़ के कारण जिन लोगों का संपर्क अपने परिवारों से टूट गया है,उनके बारे में जानकारी जुटाई जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जाए।

विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि नेपाल के नेतृत्व में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में फँसे लोगों तक पहुँचने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन भी उपलब्ध संसाधनों के जरिए इस अभियान को सहयोग दे रहा है। बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने इस क्षेत्र में एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार भी तैनात किया है।

इसके अलावा,अमेरिका ने आपातकालीन राहत के लिए पाँच लाख डॉलर की सहायता उपलब्ध कराई है। यह सहायता कैथोलिक राहत सेवाओं के साथ अपनी वैश्विक सहायता योजना के माध्यम से दी गई है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार,इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसमें अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराना,राहत सामग्री वितरित करना,स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना,सफाई और स्वच्छता संबंधी सहायता देना तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग करना शामिल है।

अमेरिका की ओर से दी जा रही सहायता का उद्देश्य केवल प्रभावित अमेरिकी नागरिकों तक सीमित नहीं है। आपातकालीन आर्थिक सहायता का इस्तेमाल बाढ़ से प्रभावित स्थानीय आबादी की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में भी किया जाएगा। प्राकृतिक आपदा के बाद स्वच्छ पानी,अस्थायी आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल जरूरत होती है। ऐसे में अमेरिकी सहायता को राहत एवं मानवीय अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद अपने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय समाचारों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर नजर रखने को कहा है। साथ ही,उन्हें स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। अमेरिकी नागरिकों से स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट कार्यक्रम में पंजीकरण कराने की भी अपील की गई है,ताकि संकट की स्थिति में दूतावास उनके संपर्क में रह सके और आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सके।

नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ ने बड़ी संख्या में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की अचानक आई लहरों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें सामने आ रही हैं। हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है और प्राकृतिक आपदा के दौरान वहाँ तक पहुँचना और संचार व्यवस्था बनाए रखना और अधिक कठिन हो जाता है।

इस बीच भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने भी अमेरिकी विदेश विभाग से लापता अमेरिकी नागरिकों की तलाश के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने की माँग की है। इलिनोइस का प्रतिनिधित्व करने वाले कृष्णमूर्ति ने कहा कि नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति उनकी संवेदनाएँ हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन सैकड़ों लोगों के लिए चिंता जताई जो अभी भी लापता हैं।

कृष्णमूर्ति ने कहा कि लापता लोगों में अमेरिकी नागरिकों के शामिल होने की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि उनका कार्यालय ऐसे परिवारों और दोस्तों की सहायता करने की कोशिश कर रहा है,जो अपने प्रियजनों की जानकारी पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार,जिन परिवारों को अपने प्रियजनों की स्थिति के बारे में जानकारी का इंतजार है,उन्हें जवाब दिलाने के लिए अमेरिका को हर संभव प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने विदेश विभाग से अपील की कि खोज और बचाव अभियान में उपलब्ध हर संसाधन का इस्तेमाल किया जाए। साथ ही नेपाल और क्षेत्र के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान को आगे बढ़ाया जाए। कृष्णमूर्ति ने कहा कि इस संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को लगातार और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय मूल के सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने भी बाढ़ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तरी वर्जीनिया में उनके कई मतदाता इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। सुब्रमण्यम ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ को बेहद दुखद घटना बताया और आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

सुब्रमण्यम ने कहा कि उन्हें विशेष रूप से इस बात की चिंता है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक इस आपदा से प्रभावित हुए हैं और कुछ लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि उत्तरी वर्जीनिया के उनके कई मतदाता भी प्रभावित लोगों में शामिल हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति उन परिवारों के लिए बेहद चिंताजनक है जो अपने परिजनों से संपर्क स्थापित होने का इंतजार कर रहे हैं।

सुब्रमण्यम ने यह भी बताया कि लापता लोगों में कुछ सामुदायिक नेता शामिल हैं,जो आध्यात्मिक उद्देश्य से हिमालय क्षेत्र की यात्रा पर गए थे। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ लोग आध्यात्मिक जुड़ाव की तलाश में हिमालय पहुँचे थे। ऐसे में उनके परिवार और समुदाय उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं।

अमेरिकी सांसद ने कहा कि उनका कार्यालय लगातार अमेरिकी विदेश विभाग के संपर्क में है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खोज और बचाव अभियान पूरी तरह प्रभावी तरीके से चलाया जाए और प्रभावित परिवारों को नियमित रूप से जानकारी मिलती रहे। उन्होंने संकेत दिया कि संकट के दौरान परिवारों तक समय पर जानकारी पहुँचाना भी राहत एवं बचाव अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अमेरिकी प्रशासन ने प्रभावित नागरिकों से दूतावास से संपर्क बनाए रखने की अपील की है। जिन अमेरिकी नागरिकों को नेपाल में सहायता की आवश्यकता है,वे अमेरिकी दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित नागरिकों की स्थिति का पता लगाया जाए और जरूरत के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाए।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र में अचानक आने वाली बाढ़ और उससे पैदा होने वाले खतरों को सामने ला दिया है। सीमावर्ती इलाकों में मौजूद स्थानीय आबादी के साथ-साथ वहाँ यात्रा करने वाले विदेशी नागरिक भी ऐसी आपदाओं की चपेट में आ सकते हैं। कठिन पहाड़ी इलाकों में बचाव अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण होने के कारण शुरुआती घंटों में स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

अमेरिका की ओर से पाँच लाख डॉलर की आपातकालीन सहायता,आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार की तैनाती और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय यह दर्शाता है कि वॉशिंगटन इस संकट को गंभीरता से ले रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप की नेपाल को हर जरूरी मदद की पेशकश के बाद अब अमेरिकी एजेंसियों का ध्यान प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, लापता लोगों की तलाश और मानवीय राहत पर केंद्रित है।

फिलहाल खोज एवं बचाव अभियान जारी है और प्रभावित अमेरिकी नागरिकों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नेपाल और चीन में मौजूद उसके राजनयिक अधिकारी स्थानीय अधिकारियों तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं। आने वाले समय में राहत अभियान आगे बढ़ने के साथ लापता लोगों और प्रभावित अमेरिकी नागरिकों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस बीच अमेरिका ने नेपाल को यह भरोसा दिया है कि आपदा से निपटने के प्रयासों में वह आवश्यक मानवीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।