किदांबी श्रीकांत (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

चाइना मास्टर्स में किदांबी श्रीकांत का शानदार प्रदर्शन,विक्टर लाई को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

शेन्जेन,3 सितंबर (युआईटीवी)- भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। गुरुवार को खेले गए राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में पूर्व विश्व नंबर एक श्रीकांत ने दुनिया के नौवें नंबर के खिलाड़ी और कनाडा के विक्टर लाई को सीधे गेमों में हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। शेन्जेन एरिना में खेले गए मुकाबले में श्रीकांत ने पिछले दो विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके विक्टर लाई को 21-18, 21-19 से मात दी। भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मुकाबले के दौरान धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए जीत अपने नाम की।

श्रीकांत के लिए चाइना मास्टर्स में यह अभियान लगातार बेहतर होता जा रहा है। उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। पहले मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे के विश्व नंबर 21 खिलाड़ी ची यू-जेन को सिर्फ 35 मिनट में 21-16, 21-15 से हराया था। उस मुकाबले में श्रीकांत ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी थी और सीधे गेमों में जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया था। इसके बाद विक्टर लाई जैसी मजबूत चुनौती के खिलाफ भी उन्होंने अपने प्रदर्शन की लय बरकरार रखी।

विक्टर लाई के खिलाफ मुकाबले में श्रीकांत को दोनों गेमों में कड़ी चुनौती मिली,लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक क्षणों में बेहतर प्रदर्शन किया। पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली,लेकिन श्रीकांत ने 21-18 से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी मुकाबला काफी करीबी रहा। विक्टर लाई ने वापसी की कोशिश की,लेकिन श्रीकांत ने अपनी बढ़त को सँभाले रखा और 21-19 से गेम जीतकर मुकाबला सीधे गेमों में समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट के अंतिम आठ खिलाड़ियों में अपनी जगह पक्की कर ली।

अब क्वार्टर फाइनल में श्रीकांत का सामना हांगकांग के ली चेउक यियू से होगा। ली चेउक यियू ने राउंड ऑफ 16 में दुनिया के नौवें नंबर के खिलाड़ी टोमा पोपोव को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। ऐसे में अगले दौर में श्रीकांत के सामने एक और मजबूत प्रतिद्वंद्वी होगा। श्रीकांत की कोशिश होगी कि वह चीन में अपने शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाएं।

चाइना मास्टर्स में क्वार्टर फाइनल तक पहुँचना श्रीकांत के लिए इस सत्र का दूसरा बड़ा क्वार्टर फाइनल है। इससे पहले वह जून में हुए यूएस ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता रहे थे। पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण रहा था और अब चाइना मास्टर्स में अंतिम आठ में पहुँचकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता का प्रदर्शन किया है। लगातार मजबूत खिलाड़ियों को हराने के बाद श्रीकांत की नजर अब टूर्नामेंट में आगे बढ़ने पर है।

हालाँकि,महिला एकल में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। भारत की युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा को जापान की टोमोका मियाजाकी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। दोनों के बीच मुकाबला तीन गेम तक चला और काफी संघर्षपूर्ण रहा। तन्वी ने दूसरे गेम में वापसी करते हुए मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुँचाया,लेकिन तीसरे गेम में वह अपनी लय कायम नहीं रख सकीं। टोमोका मियाजाकी ने 21-17, 18-21, 21-16 से जीत दर्ज करते हुए तन्वी को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

तन्वी की हार के साथ ही चाइना मास्टर्स के महिला एकल वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। इससे पहले बुधवार को देविका सिहाग भी महिला एकल मुकाबले में हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई थीं। देविका को बुल्गारिया की कालोयाना नलबांतोवा ने 21-18, 21-15 से हराया था। देविका ने मुकाबले में संघर्ष किया,लेकिन नलबांतोवा ने दोनों गेमों में महत्वपूर्ण मौकों पर बढ़त बनाए रखी और सीधे गेमों में जीत हासिल की।

मिक्स्ड डबल्स में भी भारत को निराशा हाथ लगी। ध्रुव कपिला और तनिषा क्रैस्टो की जोड़ी को चीनी ताइपे के लियू कुआंग हेंग और सू यिन-हुई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर सकी और विपक्षी जोड़ी ने लगातार दबाव बनाए रखते हुए जीत हासिल की। इससे मिक्स्ड डबल्स वर्ग में भी भारत की चुनौती कमजोर हुई।

इससे पहले बुधवार को रोहन कपूर और रुथविका शिवानी गड्डे की भारतीय जोड़ी भी मिक्स्ड डबल्स से बाहर हो गई थी। उन्हें चीनी ताइपे के वू गुआन शुन और ली चिया सिन ने 21-16, 21-18 से हराया था। भारतीय जोड़ी ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की,लेकिन चीनी ताइपे की जोड़ी ने दोनों गेमों में महत्वपूर्ण अंकों पर बेहतर खेल दिखाया।

पुरुष डबल्स में भारत की उम्मीदें सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी से बनी हुई हैं। विश्व नंबर पाँच भारतीय जोड़ी ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने मलेशिया के जुनैदी आरिफ और कांग खाई जिंग को सिर्फ 40 मिनट में 21-11, 21-16 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। सात्विक और चिराग ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और दोनों गेमों में अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बनाए रखा।

अब सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी का मुकाबला फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव से होगा। भारतीय जोड़ी की कोशिश होगी कि वह अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करे। पुरुष डबल्स में भारतीय जोड़ी से काफी उम्मीदें हैं और शुरुआती मुकाबले में मिली आसान जीत से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा होगा।

चाइना मास्टर्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखें तो पुरुष एकल में श्रीकांत ने अब तक सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उन्होंने लगातार दो मुकाबलों में सीधे गेमों में जीत हासिल की है और अब वह अंतिम आठ में पहुँच चुके हैं। महिला एकल में तन्वी शर्मा और देविका सिहाग की हार के बाद भारत की चुनौती समाप्त हो गई है,जबकि मिक्स्ड डबल्स में भी दोनों भारतीय जोड़ियाँ बाहर हो चुकी हैं। पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी से आगे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

श्रीकांत के लिए अगले दौर का मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा। ली चेउक यियू ने शीर्ष स्तर के खिलाड़ी टोमा पोपोव को हराकर यह साबित किया है कि वह किसी भी प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में श्रीकांत को क्वार्टर फाइनल में अपनी रणनीति और फिटनेस दोनों पर विशेष ध्यान देना होगा। हालाँकि,विक्टर लाई के खिलाफ मिली जीत से भारतीय खिलाड़ी का आत्मविश्वास जरूर मजबूत हुआ है।

कुल मिलाकर,चाइना मास्टर्स में भारतीय दल के लिए मिश्रित परिणाम देखने को मिले हैं। महिला एकल और मिक्स्ड डबल्स में भारत को निराशा मिली है,जबकि पुरुष एकल में किदांबी श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी जीत के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अब भारतीय प्रशंसकों की नजर श्रीकांत के क्वार्टर फाइनल मुकाबले और सात्विक-चिराग की अगली चुनौती पर होगी। श्रीकांत जिस तरह लगातार मजबूत खिलाड़ियों को हराकर आगे बढ़ रहे हैं,उससे चाइना मास्टर्स में उनके अभियान से भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।