नई दिल्ली,4 सितंबर (युआईटीवी)- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट का मामला एक बार फिर गरमा गया है। घटना के बाद अब दिल्ली में दोबारा प्रदर्शन शुरू हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई की माँग तेज करते हुए नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने का रुख किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ निशु आजाद और उनके पिता के लिए न्याय की माँग कर रहे अन्य कार्यकर्ता भी थाने पहुँचे।
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं का आरोप है कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन इसी दौरान वहाँ हिंसा हुई और निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पार्टी का दावा है कि मारपीट में संजय के सिर पर गंभीर चोट लगी थी। नेताओं का कहना है कि घटना के बाद लगातार दिल्ली पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें गिरफ्तार करने की माँग की जाती रही,लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले दिन से ही छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी है और आगे भी उनके न्याय की लड़ाई जारी रखेगी। दास ने दावा किया कि दिल्ली में एक आपराधिक गिरोह लंबे समय से हिंसा कर रहा है और सवाल उठाया कि ऐसे लोगों को खुलेआम घूमने की अनुमति क्यों दी जा रही है।
उन्होंने दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर से जुड़े संदर्भ में 2,800 से अधिक कथित गंभीर अपराधियों की पहचान किए जाने के दावे का भी उल्लेख किया। दास ने कहा कि यदि इतने लोगों की पहचान हुई है और इनमें से किसी ने संगीन अपराध किए हैं तो पुलिस को उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजधानी की कानून-व्यवस्था इतनी कमजोर हो गई है कि गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम सकें।
सौरव दास ने कहा कि वे इस मामले में कार्रवाई की माँग को लेकर संसद मार्ग पुलिस थाने पहुँचे हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद से अब तक दिल्ली पुलिस की तरफ से ऐसी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है,जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद दिखाई दे। उन्होंने माँग की कि जंतर-मंतर पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जाए और यदि उनके खिलाफ गंभीर आरोप साबित होते हैं,तो उन्हें गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
वहीं,कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ खुलेआम मारपीट की गई और उनके सिर पर वार किया गया। रांका ने कहा कि पार्टी की टीम और सौरव दास लगातार दिल्ली पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग करते रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस से हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की माँग की गई,लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर सामने आई एक पॉडकास्ट क्लिप का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक इस क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर यह दावा किया कि संजय आजाद के सिर पर वार उसी ने किया था। रांका का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने राजनीतिक प्रभाव के कारण अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही है। हालाँकि,सोशल मीडिया पर सामने आई किसी क्लिप में किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि और उसकी कानूनी विश्वसनीयता जाँच का विषय है।
इसी कथित वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले को फिर से जोर-शोर से उठाया है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने सार्वजनिक रूप से घटना में अपनी कथित भूमिका स्वीकार की है तो पुलिस को उसकी पहचान और बयान की जाँच करनी चाहिए। इसके बाद सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग पुलिस थाने पहुँचे और मामले में कार्रवाई की माँग की।
रांका ने आरोप लगाया कि राजधानी में यदि कोई व्यक्ति खुलेआम किसी व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का दावा करता है और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती,तो यह कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति बताया और कहा कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका आरोप है कि इस अधिकार के दौरान हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी ने माँग की है कि जिन लोगों ने कथित तौर पर अपनी पहचान सार्वजनिक की है,उनकी भूमिका की जाँच की जाए और यदि जाँच में आरोप सही पाए जाते हैं,तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। पार्टी ने संजय आजाद पर कथित हमले को गंभीर मामला बताते हुए हत्या के प्रयास समेत अन्य संगीन धाराओं में कार्रवाई की माँग की है। नेताओं का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और किसी भी राजनीतिक या प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव के बिना कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस पूरे विवाद में सोशल मीडिया पर सामने आई कथित पॉडकास्ट क्लिप ने मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि वीडियो में किए गए कथित स्वीकारोक्ति जैसे बयान की वजह से पुलिस के सामने अब मामले की जाँच को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार मौजूद है। हालाँकि,किसी वायरल वीडियो या पॉडकास्ट में कही गई बात को अदालत में प्रमाण मानने से पहले उसकी सत्यता,संदर्भ और प्रामाणिकता की जाँच जरूरी होती है। ऐसे में अब पुलिस की जाँच यह तय करेगी कि वायरल क्लिप में किए गए दावे कितने तथ्यात्मक हैं और कथित मारपीट की घटना में संबंधित लोगों की वास्तविक भूमिका क्या रही।
जंतर-मंतर देश की राजधानी में विरोध-प्रदर्शन का एक प्रमुख स्थल है,जहाँ विभिन्न राजनीतिक दल, संगठन और सामाजिक समूह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे स्थान पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा की कोई भी घटना कानून-व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस मामले में भी कॉकरोच जनता पार्टी लगातार पुलिस कार्रवाई की माँग कर रही है और अपने कार्यकर्ता तथा उनके पिता के साथ खड़े रहने की बात कह रही है।
फिलहाल,मामले में पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो क्लिप के आधार पर कार्रवाई की माँग तेज हो गई है। संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट की वास्तविक परिस्थितियों,हमले में शामिल लोगों और उनकी भूमिका का अंतिम निर्धारण जाँच के बाद ही हो सकेगा। वहीं,सीजेपी नेताओं का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता,तब तक उनकी आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी में प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस को फिर से तेज कर दिया है।
