रोम,5 सितंबर (युआईटीवी)- इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व वाली सरकार ने देश के युद्धोत्तर राजनीतिक इतिहास में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। मेलोनी सरकार अब इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। इस उपलब्धि के साथ उसने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के लंबे कार्यकाल के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। मेलोनी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर खुशी जाहिर करने के साथ-साथ इसे एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में भी स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि किसी सरकार की सफलता केवल लंबे समय तक सत्ता में बने रहने में नहीं,बल्कि स्थिरता के जरिए देश को आगे बढ़ाने,योजनाओं को लागू करने और जनता से किए गए वादों को पूरा करने में होती है।
जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह इटली के इतिहास में इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुँचने वाली पहली महिला हैं। उनके नेतृत्व में बनी सरकार ने अब तक 1,413 दिन पूरे कर लिए हैं। इस तरह उन्होंने सिल्वियो बर्लुस्कोनी के पुराने रिकॉर्ड को पार कर लिया। इटली की राजनीति में यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है,क्योंकि देश का राजनीतिक इतिहास लंबे समय तक सरकारों के अस्थिर रहने और गठबंधन बदलने के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे राजनीतिक माहौल में मेलोनी सरकार का इतने लंबे समय तक सत्ता में बने रहना अपने आप में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
मेलोनी ने इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार का सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बनना गर्व के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि स्थिरता को केवल किसी राजनीतिक रिकॉर्ड के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार,स्थिर सरकार ही किसी देश को भविष्य की योजनाएँ बनाने,कठिन फैसले लेने,जनता से किए गए वादों को पूरा करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल करने में सक्षम बनाती है।
इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान उनकी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई क्षेत्रों में काम किया है। उनके मुताबिक सरकार ने रोजगार बढ़ाने,बेरोजगारी कम करने,परिवारों और कारोबारों को सहायता देने,देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा सरकारी वित्तीय व्यवस्था को जिम्मेदारी के साथ संचालित करने पर ध्यान दिया है। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इटली की स्थिति,विश्वसनीयता और प्रभाव को मजबूत करना भी उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
मेलोनी ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी सरकार को कई क्षेत्रों में अच्छे परिणाम मिले हैं,लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने संकेत दिया कि रिकॉर्ड कार्यकाल को सरकार के काम का अंतिम पड़ाव नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक देश के सामने अब भी कई चुनौतियाँ हैं और सरकार को अपने कार्यकाल के बाकी समय में उन पर काम करना होगा। इस बयान से साफ है कि मेलोनी अपने लंबे कार्यकाल को राजनीतिक उपलब्धि के बजाय आगे की जिम्मेदारियों के लिए आधार के रूप में पेश करना चाहती हैं।
एक अन्य संदेश में मेलोनी ने अपनी सरकार की सफलता का श्रेय केवल खुद को देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिरता किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि उस गठबंधन का परिणाम है जिसने साझा दृष्टिकोण और समान राजनीतिक लक्ष्यों के साथ लगातार शासन किया। उन्होंने कहा कि उनका गठबंधन किसी व्यक्ति या राजनीतिक समूह के विरोध के लिए नहीं,बल्कि इटली के विकास की अपनी योजना को पूरा करने के उद्देश्य से सत्ता में आया था।
मेलोनी ने मध्य-दक्षिणपंथी गठबंधन की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल वाली तीनों सरकारें मध्य-दक्षिणपंथी गठबंधन की रही हैं। उनके अनुसार, किसी गठबंधन की स्थिरता तभी संभव होती है,जब उसके सहयोगी दलों के बीच मूल्यों,लक्ष्यों और देश के भविष्य को लेकर साझा दृष्टिकोण मौजूद हो। मेलोनी का यह बयान उनकी सरकार के भीतर गठबंधन की एकजुटता और राजनीतिक समन्वय को रेखांकित करता है।
इटली में गठबंधन सरकार चलाना हमेशा आसान नहीं रहा है। देश की राजनीति में अलग-अलग दलों और गठबंधनों के बीच मतभेदों के कारण कई सरकारें अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकीं। ऐसे में मेलोनी सरकार का लगातार सत्ता में बने रहना उनकी राजनीतिक रणनीति और गठबंधन प्रबंधन की क्षमता को भी दर्शाता है। प्रधानमंत्री के समर्थकों के लिए यह उपलब्धि उनकी सरकार की स्थिरता और राजनीतिक पकड़ का प्रमाण है,जबकि आलोचक आने वाले चुनाव में जनता के फैसले को इस प्रदर्शन की वास्तविक कसौटी मानते हैं।
मेलोनी ने अपने संदेश में वर्ष 2022 के चुनाव में जनता की ओर से मिले समर्थन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के लिए जनता का भरोसा कभी भी ऐसा खाली चेक नहीं रहा,जिसका मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। इसके बजाय सरकार ने इस भरोसे को एक जिम्मेदारी के रूप में लिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने का अर्थ जनता के विश्वास को हल्के में लेना नहीं है,बल्कि उस भरोसे के अनुरूप काम करना है।
अगले वर्ष होने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार एक बार फिर नागरिकों के सामने जाएगी। वहाँ सरकार अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कामों का हिसाब देगी,यह बताएगी कि अभी क्या काम बाकी हैं और भविष्य के लिए उसकी क्या योजनाएं हैं। इसके बाद जनता यह तय करेगी कि मेलोनी और उनका गठबंधन आगे भी देश का नेतृत्व करने के योग्य है या नहीं।
मेलोनी का यह बयान आगामी चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद किसी भी सरकार के सामने अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने और समर्थन बनाए रखने की चुनौती होती है। मेलोनी ने अपने रिकॉर्ड कार्यकाल को इसी व्यापक राजनीतिक संदर्भ में पेश किया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार का काम चुनाव तक जारी रहेगा और वह अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए प्रयास करती रहेगी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए मेलोनी सरकार बारी शहर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। यहाँ सरकार अपने अब तक के कामकाज की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा करेगी। यह कार्यक्रम मेलोनी सरकार के लिए अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को सामने रखने और आगे की रणनीति तय करने का अवसर भी होगा।
मेलोनी का राजनीतिक सफर भी काफी कम उम्र में शुरू हो गया था। उन्होंने केवल 15 वर्ष की उम्र में एक छात्रा और युवा आंदोलन की सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने स्थानीय राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक लगातार अपनी जगह मजबूत की। 21 वर्ष की उम्र में वह रोम प्रांत की पार्षद चुनी गईं। 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने युवा संगठन का नेतृत्व सँभाला। 29 वर्ष की उम्र में वह पहली बार संसद सदस्य चुनी गईं।
राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ते हुए मेलोनी ने प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद वर्ष 2008 में महज 31 वर्ष की उम्र में उन्हें इटली की युवा मामलों की मंत्री बनाया गया। इस पद पर पहुँचकर उन्होंने इटली की सबसे कम उम्र की मंत्री बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके राजनीतिक सफर में लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों ने अंततः उन्हें देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुँचाया।
22 अक्टूबर 2022 को राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला ने रोम स्थित क्विरिनाले पैलेस में जॉर्जिया मेलोनी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। इसके साथ ही उन्होंने इटली के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखा था,क्योंकि वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। अब लगभग चार साल बाद उनकी सरकार ने इटली गणराज्य के युद्धोत्तर इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
मेलोनी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इटली की राजनीति लंबे समय से अस्थिर गठबंधनों और सरकारों के जल्दी बदलने के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में लगातार लंबी अवधि तक सत्ता में बने रहना उनके राजनीतिक नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालाँकि,इस रिकॉर्ड का अंतिम राजनीतिक मूल्यांकन आने वाले चुनावों में जनता के फैसले से ही होगा।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने अपने संदेशों में बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि स्थिरता अपने आप में लक्ष्य नहीं हो सकती। इसका वास्तविक महत्व तभी है,जब इसका इस्तेमाल देश की आर्थिक वृद्धि, रोजगार,परिवारों की सहायता,सुरक्षा,वित्तीय अनुशासन और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव को मजबूत करने के लिए किया जाए। उनका कहना है कि सरकार को अब भी कई महत्वपूर्ण काम पूरे करने हैं और इसके लिए वह अपने कार्यकाल के अंतिम चरण तक काम करती रहेगी।
इस तरह जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व वाली सरकार ने न केवल इटली के युद्धोत्तर राजनीतिक इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाया है,बल्कि इटली की गठबंधन राजनीति में लंबे समय तक स्थिर सरकार चलाने की क्षमता का भी उदाहरण पेश किया है। अब निगाहें अगले वर्ष होने वाले चुनाव पर रहेंगी,जहाँ इटली की जनता यह तय करेगी कि मेलोनी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह राजनीतिक सफर आगे जारी रहेगा या देश एक नए नेतृत्व और नई सरकार की ओर बढ़ेगा।
