सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (तस्वीर क्रेडिट@kishanreddybjp)

सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास,चीन मास्टर्स में जीता पुरुष डबल्स का खिताब,फाइनल में चीन की जोड़ी को दी शिकस्त

शेनझेन,7 सितंबर (युआईटीवी)- भारत की स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने चीन के जी तिंग और रेन शियांग यू को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। मुकाबला करीब 70 मिनट तक चला, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती गेम गंवाने के बाद जबरदस्त वापसी की और निर्णायक गेम में धैर्य के साथ खेलते हुए जीत दर्ज की।

इस खिताबी जीत के साथ सात्विक और चिराग ने चीन मास्टर्स में एक नया इतिहास भी रच दिया। टूर्नामेंट की शुरुआत 2005 में होने के बाद से यह पहला मौका है जब किसी भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का खिताब जीता है। भारतीय जोड़ी इससे पहले इस टूर्नामेंट में 2023 और 2025 में उपविजेता रही थी,जबकि 2024 में उन्हें सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार खिताब जीतना उनके लिए खास उपलब्धि है।

सात्विक और चिराग की जोड़ी के लिए यह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर पर 10वां खिताब है। मौजूदा वर्ष में यह उनका दूसरा सुपर 750 खिताब है, जबकि 2026 में अब तक वे कुल चार खिताब अपने नाम कर चुके हैं। दोनों खिलाड़ी लगातार बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी यह जीत अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन में भारतीय पुरुष डबल्स के बढ़ते दबदबे को भी दर्शाती है।

फाइनल में चीनी जोड़ी ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। जी तिंग और रेन शियांग यू ने शुरुआती पाँच अंक लगातार जीतकर 5-0 की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने इसके बाद लय हासिल करने की कोशिश की,लेकिन चीनी खिलाड़ियों ने भारतीय जोड़ी को लगातार दबाव में रखा। ब्रेक के समय चीन की जोड़ी 11-5 से आगे थी। ब्रेक के बाद भी चीनी खिलाड़ियों ने अपने आक्रामक खेल को जारी रखा और भारतीय जोड़ी को पहले गेम में वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।

सात्विक और चिराग की ओर से कुछ अच्छे रैलियों और आक्रामक शॉट्स के बावजूद चीन की जोड़ी ने पहला गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया। पहला गेम महज 18 मिनट में समाप्त हुआ। इस दौरान भारतीय जोड़ी अपनी सामान्य आक्रामक शैली में पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ सकी और चीनी खिलाड़ियों ने कोर्ट पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा।

पहला गेम गंवाने के बाद सात्विक और चिराग ने दूसरे गेम में रणनीति बदली और शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। हालाँकि,चीनी खिलाड़ियों ने लगातार दो अंक हासिल करते हुए 2-0 की बढ़त बनाई,लेकिन भारतीय जोड़ी ने जल्द ही मुकाबले में वापसी कर ली। सात्विक और चिराग ने स्कोर को 3-3 से बराबर किया और इसके बाद दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। स्कोर 6-6 होने तक मुकाबला पूरी तरह बराबरी पर था।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी गति बढ़ाई और लगातार आक्रामक शॉट्स के जरिए चीनी जोड़ी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। ब्रेक के समय सात्विक और चिराग 11-7 से आगे थे। ब्रेक के बाद भारतीय जोड़ी ने बढ़त को और मजबूत किया। सात्विक के दमदार स्मैश और चिराग के तेज रिटर्न ने चीनी खिलाड़ियों को लगातार परेशानी में डाला। भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त 17-11 तक पहुंचा दी।

चीनी खिलाड़ियों ने स्कोर कम करने की कोशिश की,लेकिन सात्विक और चिराग ने संयम नहीं खोया। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए दूसरा गेम 21-13 से जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया। पहले गेम में हार के बाद जिस तरह दोनों खिलाड़ियों ने वापसी की,उससे उनके आत्मविश्वास और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता का पता चला।

निर्णायक गेम में चीन की जोड़ी ने एक बार फिर तेज शुरुआत की। जी तिंग और रेन शियांग यू ने लगातार चार अंक हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली। भारतीय जोड़ी के सामने फिर से शुरुआती दबाव था,लेकिन सात्विक और चिराग ने इस बार भी धैर्य बनाए रखा। उन्होंने धीरे-धीरे अंतर कम किया और स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया।

इसके बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। दोनों जोड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम के महत्वपूर्ण चरण में अपनी रणनीति पर भरोसा बनाए रखा। ब्रेक के समय सात्विक और चिराग ने 11-9 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद चीनी खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश की,लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपने आक्रामक खेल और बेहतर कोर्ट कवरेज से बढ़त बरकरार रखी।

मुकाबले के अंतिम चरण में सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार संयम दिखाया। जब मुकाबला खिताब के बेहद करीब पहुँच चुका था,तब भारतीय जोड़ी ने लगातार चार अंक जीतकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद उन्होंने निर्णायक गेम 21-17 से अपने नाम किया और पूरे मुकाबले में 2-1 की जीत दर्ज करते हुए चीन मास्टर्स की ट्रॉफी उठा ली।

यह 2026 में सात्विक और चिराग का तीसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल था। दोनों मई में थाईलैंड ओपन के फाइनल में पहुँचे थे,जहाँ उन्हें उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। इसके बाद उसी महीने उन्होंने सिंगापुर ओपन का खिताब जीतकर शानदार वापसी की थी। अब चीन मास्टर्स की ट्रॉफी जीतकर उन्होंने इस साल अपने प्रदर्शन में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।

यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले महीने नई दिल्ली में आयोजित बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में सात्विक और चिराग पदक जीतने से चूक गए थे। उन्हें क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। विश्व चैंपियनशिप की निराशा के बाद चीन मास्टर्स में उन्होंने जिस तरह शानदार प्रदर्शन किया,वह उनके मजबूत मानसिक रवैये को दर्शाता है।

एशियाई खेलों के मौजूदा पुरुष डबल्स चैंपियन सात्विक और चिराग की यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी खबर है। दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में विश्व स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है और बड़े टूर्नामेंटों में भारत की पदक और खिताब की उम्मीदों को मजबूत किया है। चीन मास्टर्स में ऐतिहासिक जीत ने उनके खिताबों की सूची में एक और प्रतिष्ठित ट्रॉफी जोड़ दी है।

सात्विक और चिराग की इस जीत ने यह भी साबित किया कि शुरुआती झटके के बाद मुकाबले में वापसी करना उनकी बड़ी ताकत है। फाइनल में पहला गेम 11-21 से गंवाने के बावजूद भारतीय जोड़ी ने अगले दोनों गेम में अपनी रणनीति और खेल की गति को पूरी तरह बदल दिया। दूसरे गेम में उन्होंने दबाव बनाया और निर्णायक गेम में शुरुआती 0-4 की पिछड़ने के बाद भी वापसी करते हुए 21-17 से जीत हासिल की। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय जोड़ी ने चीन मास्टर्स में इतिहास रचने के साथ 2026 के अपने शानदार अभियान को भी और मजबूत कर दिया।