नई दिल्ली,7 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मुंबई पहुँचेंगे,जहाँ शाम करीब 5.45 बजे वे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा बुनियादी ढाँचे, रेलवे, सड़क, माल परिवहन और डिजिटल वित्त के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है।
प्रधानमंत्री मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे वडोदरा पहुँचेंगे। यहाँ आयोजित कार्यक्रम में वे पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के तीन महत्वपूर्ण खंड राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन तीनों खंडों की कुल लंबाई 326 किलोमीटर है और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इनमें साणंद उत्तर-मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के बीच के खंड शामिल हैं।
इन रेल खंडों के शुरू होने से देश के पश्चिमी हिस्से में माल परिवहन की क्षमता को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने के बाद बंदरगाह और औद्योगिक केंद्रों के बीच माल की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो सकेगी। इससे परिवहन में लगने वाला समय कम होगा और लॉजिस्टिक्स की लागत घटाने में मदद मिलेगी। साथ ही, मुंबई के मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों का दबाव कम होने की संभावना है।
पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के इन हिस्सों के शुरू होने के साथ ही समर्पित माल ढुलाई गलियारा नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में परिचालन के लिए उपलब्ध हो जाएगा। यह देश के माल परिवहन ढाँचे के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। समर्पित माल ढुलाई बुनियादी ढाँचे के विस्तार से सड़क और रेल परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादन केंद्रों और बंदरगाहों को मजबूत संपर्क उपलब्ध होगा।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर मुंबई के न्यू साणंद उत्तर, न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से मालगाड़ी सेवाओं को हरी झंडी दिखाएँगे। इन सेवाओं के शुरू होने से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से बंदरगाहों तक माल पहुंचाने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। इससे निर्यात और आयात से जुड़े माल परिवहन के लिए भी अधिक प्रभावी रेल संपर्क विकसित होगा।
वडोदरा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री एक नई यात्री ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन वडोदरा और टांडा रोड के बीच चलेगी और इससे वडोदरा, छोटा उदयपुर तथा अलीराजपुर जिलों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत तैयार जोबाट-टांडा रोड नई रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
जोबाट-टांडा रोड रेल लाइन विशेष रूप से अलीराजपुर के दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई रेल लाइन इन इलाकों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान होने के साथ-साथ क्षेत्र में व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच के अवसर भी बढ़ सकते हैं। रेल संपर्क मजबूत होने से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मंगलवार को 329 किलोमीटर लंबी तीन महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं पर 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेल लाइन,मियागाम करजन-चोरंडा-मलसर गेज परिवर्तन परियोजना तथा विश्वामित्री-दभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं।
इन रेलवे परियोजनाओं का उद्देश्य गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ यात्री और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाना है। अतिरिक्त रेल लाइनों और दोहरीकरण से मौजूदा मार्गों पर परिचालन क्षमता बढ़ेगी। इससे ट्रेनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करने और भविष्य में बढ़ती परिवहन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री के दौरे में सड़क बुनियादी ढाँचे पर भी विशेष जोर रहेगा। वे करीब 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के वडोदरा-सूरत खंड पर कंदारी चौकड़ी और लुवारा पाटिया में छह लेन वाले फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। इन फ्लाईओवर का उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार करना और संबंधित क्षेत्रों में यातायात की समस्या को कम करना है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और प्रमुख जंक्शनों पर फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं से यातायात का प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है। विशेष रूप से व्यस्त मार्गों पर वाहनों के निर्बाध आवागमन से यात्रा के समय में कमी आ सकती है। साथ ही,जंक्शनों पर वाहनों की भीड़ कम होने से सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को घटाने में भी मदद मिलने की संभावना है।
वडोदरा में प्रधानमंत्री गुजरात सरकार की करीब 2,600 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। केंद्र और राज्य स्तर की परियोजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाने से गुजरात के औद्योगिक और आर्थिक विकास को और गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
गुजरात में विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री मुंबई के लिए रवाना होंगे। मुंबई में मंगलवार शाम करीब 5.45 बजे वे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस वर्ष फेस्ट का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और डिजिटल वित्त के वैश्विक विस्तार के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वर्ष 2020 से ग्लोबल फिनटेक फेस्ट एक अंतर्राष्ट्रीय विचार नेतृत्व मंच के रूप में विकसित हुआ है। इस मंच पर नीति निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, फिनटेक कंपनियाँ, प्रौद्योगिकी कंपनियाँ, निवेशक, शिक्षाविद और दुनिया भर के अन्य हितधारक वित्त के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इसका उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों और उनके व्यापक प्रभावों पर विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 को नीति, नियमन, प्रौद्योगिकी, पूँजी और उद्योग के लिए एक साझा मंच के तौर पर तैयार किया गया है। इस आयोजन में भारत के डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में हासिल की गई प्रगति को वैश्विक स्तर पर सामने रखने पर भी जोर रहेगा। साथ ही इस बात पर चर्चा होगी कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से वित्तीय सेवाओं को अधिक समावेशी,सुरक्षित और प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है।
इस वर्ष फिनटेक फेस्ट में एजेंटिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रोग्रामेबल फाइनेंस, क्वांटम प्रौद्योगिकी और अन्य महत्वपूर्ण उभरती तकनीकों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इन तकनीकों के जरिए नागरिकों, कारोबारों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए विश्वसनीय और मापने योग्य परिणाम हासिल करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। वित्तीय सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते इस्तेमाल, डिजिटल भुगतान के विस्तार और वित्तीय समावेशन को लेकर भी वैश्विक स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान होगा।
प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात और महाराष्ट्र दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब देश में बुनियादी ढाँचे और डिजिटल अर्थव्यवस्था दोनों को विकास के प्रमुख आधार के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। वडोदरा में समर्पित माल ढुलाई गलियारे, रेलवे और राजमार्ग परियोजनाओं से जहाँ भौतिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं मुंबई में फिनटेक फेस्ट का उद्घाटन डिजिटल वित्त और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भारत की भूमिका को रेखांकित करेगा। एक ही दिन में बुनियादी ढाँचे और वित्तीय प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री की भागीदारी सरकार के विकास एजेंडे के इन दोनों महत्वपूर्ण पक्षों को दर्शाती है।
