नई दिल्ली,7 सितंबर (युआईटीवी)- इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो शर्मनाक हार झेलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान ने अपने स्क्वॉड में एक साथ सात बदलाव किए हैं। टीम में अचानक हुए इन बदलावों ने पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने टीम की मौजूदा स्थिति और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की भविष्य की रणनीति को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि बोर्ड मौजूदा टीम से काफी निराश है और अब उसकी नजर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने पर है।
शोएब अख्तर ने ‘आउटसाइड एज’ कार्यक्रम में पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मौजूदा खिलाड़ियों से ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। उनके अनुसार,बोर्ड अब मौजूदा स्क्वॉड को धीरे-धीरे हटाकर ऐसे नए खिलाड़ियों को मौका देना चाहता है, जो देश के लिए खेलने को प्राथमिकता दें और पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य का हिस्सा बन सकें।
शोएब अख्तर ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भविष्य को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है और उनकी नजर में यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। उनका मानना है कि टीम में बदलाव की प्रक्रिया जरूरी हो चुकी है,क्योंकि मौजूदा खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। ऐसे में युवा प्रतिभाओं को बड़े स्तर के लिए तैयार करना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालाँकि,शोएब अख्तर ने इस बदलाव के बीच पाकिस्तान के तीन प्रमुख तेज गेंदबाजों के करियर को लेकर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि शाहीन शाह अफरीदी,नसीम शाह और हारिस रऊफ जैसे खिलाड़ियों के करियर को बचाना भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की जिम्मेदारी होनी चाहिए। अख्तर के मुताबिक,इन तीनों खिलाड़ियों में अभी काफी क्रिकेट बाकी है और उन्हें अचानक नजरअंदाज करना पाकिस्तान के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
शोएब अख्तर ने बताया कि उनकी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी से भी बातचीत हुई है। अधिकारी के अनुसार,इंग्लैंड दौरे पर गई मौजूदा पाकिस्तानी टीम से ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। इसके बजाय बोर्ड की निगाहें अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों पर टिकी हुई हैं। इन खिलाड़ियों को भविष्य में बड़े मंच पर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
अख्तर ने अधिकारी के हवाले से पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उनके अनुसार,पाकिस्तान क्रिकेट इस समय ‘वेंटिलेटर’ पर है और राष्ट्रीय टीम के ढांचे को दोबारा मजबूत स्थिति में लाने में कम-से-कम दो साल का समय लग सकता है। इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मौजूदा संकट को केवल कुछ खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के तौर पर नहीं देख रहा,बल्कि इसे पूरे क्रिकेट ढांचे से जुड़ी समस्या मान रहा है।
पाकिस्तान की मौजूदा टेस्ट सीरीज में बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आई है। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से करारी शिकस्त दी थी। इससे पहले हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 103 रनों से हराया था। दोनों मुकाबलों में पाकिस्तान के बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए।
लगातार दो टेस्ट मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद तीसरे मुकाबले से पहले पाकिस्तान ने अपने स्क्वॉड में सात बदलाव किए हैं। चयनकर्ताओं का यह फैसला टीम में बड़े स्तर पर बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अब युवा और नए खिलाड़ियों को मौका देकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भविष्य की टीम तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट मुकाबला 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना है। पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा,क्योंकि टीम पहले ही सीरीज गंवा चुकी है। ऐसे में तीसरे टेस्ट में उसे सम्मान बचाने के साथ-साथ अपने नए खिलाड़ियों की क्षमता परखने का भी मौका मिलेगा।
शोएब अख्तर के बयान ने पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही बदलाव की प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ बोर्ड युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना बना रहा है,वहीं दूसरी तरफ अनुभवी तेज गेंदबाजों के करियर को सुरक्षित रखने की चुनौती भी उसके सामने है। अब देखना होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आने वाले समय में इस बदलाव को किस तरह लागू करता है और क्या नई पीढ़ी की टीम पाकिस्तान को दोबारा टेस्ट क्रिकेट में मजबूत स्थिति में पहुँचा पाती है।
