नई दिल्ली,9 सितंबर (युआईटीवी)- ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी का असर हवाई यात्रा पर बड़े स्तर पर पड़ा है। ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा प्रदाता एनएटीएस के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण देशभर के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। इस व्यवधान के चलते ब्रिटेन में एक हजार से अधिक उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में उड़ानों के रद्द होने के साथ ही कई सेवाओं में देरी हुई और कुछ उड़ानों को दूसरे मार्गों से संचालित करना पड़ा। इस तकनीकी समस्या का असर केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला।
भारत की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया ने बुधवार को बताया कि एनएटीएस में आई तकनीकी खराबी के कारण उसके उड़ान संचालन पर भी असर पड़ा है। एयरलाइन के अनुसार, ब्रिटेन के विभिन्न हवाई अड्डों से आने-जाने वाली उसकी कई उड़ानों को इस व्यवधान के कारण प्रभावित होना पड़ा। कुछ उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा, जबकि कुछ सेवाओं को देरी से संचालित किया गया। इसके अलावा कुछ उड़ानों को रद्द करने की स्थिति भी बनी। एयर इंडिया ने यात्रियों को आगाह किया है कि इस तकनीकी व्यवधान का असर उसकी अन्य उड़ानों पर भी पड़ सकता है।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा कि एनएटीएस की तकनीकी समस्या के कारण विमान और चालक दल अपने निर्धारित स्थानों पर समय से नहीं पहुँच सके। इसके परिणामस्वरूप आगे संचालित होने वाली कुछ उड़ानों का कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकता है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाई अड्डे के लिए घर से निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जाँच जरूर कर लें। कंपनी ने कहा कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और व्यवधान के प्रभाव को कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
एयर इंडिया की ओर से जारी यात्रा संबंधी सलाह में यात्रियों को संभावित देरी और परिचालन संबंधी बदलावों को ध्यान में रखने के लिए कहा गया है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति के कारण कुछ उड़ानों के समय में बदलाव हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी हासिल करें,ताकि हवाई अड्डे पर पहुँचने के बाद उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। एयरलाइन ने यह भी कहा है कि स्थिति सामान्य होने के साथ परिचालन को व्यवस्थित करने की कोशिश जारी है।
फ्लाइट ट्रैकिंग से जुड़े आँकड़ों के अनुसार,एनएटीएस के सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण ब्रिटेन भर में एक हजार से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी हुई। इस व्यवधान का असर ब्रिटेन के प्रमुख हवाई अड्डों पर आने और जाने वाली सेवाओं पर पड़ा। लंदन का हीथ्रो हवाई अड्डा,एडिनबर्ग हवाई अड्डा और मैनचेस्टर हवाई अड्डा समेत कई महत्वपूर्ण हवाई अड्डे प्रभावित हुए। उड़ानों के संचालन में रुकावट के कारण यात्रियों को लंबे इंतजार और यात्रा कार्यक्रम में बदलाव जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल का संचालन करने वाली एनएटीएस ने बताया कि समस्या उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई। इस सिस्टम की मदद से हवाई यातायात के संचालन और उड़ानों की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाता है। सिस्टम में तकनीकी समस्या आने के बाद उड़ानों के संचालन पर व्यापक असर पड़ा और कई हवाई अड्डों पर हवाई यातायात को नियंत्रित करने की स्थिति पैदा हो गई। समस्या के कारण उड़ानों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ ही पहले से निर्धारित उड़ान कार्यक्रम में भी बदलाव करना पड़ा।
स्थिति गंभीर होने के बाद एनएटीएस ने तकनीकी समाधान लागू किया और बाद में बताया कि उसके सिस्टम की समस्या ठीक हो गई है। एनएटीएस ने कहा कि उसका सिस्टम अब सामान्य रूप से काम कर रहा है और परिचालन बहाल किया जा चुका है। हालांकि, तकनीकी समस्या खत्म होने के बावजूद उड़ानों का संचालन तुरंत पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित होने के कारण बैकलॉग तैयार हो गया था,जिसे खत्म करने में कुछ समय लगना स्वाभाविक है। एनएटीएस ने कहा कि वह लंबित उड़ानों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने के लिए लगातार काम कर रहा है।
तकनीकी खराबी ठीक होने के बाद भी एयरपोर्ट और विमानन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से प्रभावित उड़ानों के कार्यक्रम को व्यवस्थित करना है। जिन विमानों और चालक दल को निर्धारित समय पर अपने अगले गंतव्य तक पहुँचना था,वे व्यवधान के कारण वहाँ नहीं पहुँच सके। ऐसे में तकनीकी समस्या ठीक होने के बाद भी उड़ानों की पूरी श्रृंखला को सामान्य स्थिति में लाने में अतिरिक्त समय लग सकता है। यही वजह है कि एयर इंडिया ने अपने यात्रियों को पहले से सतर्क रहने और उड़ान की स्थिति जाँचने की सलाह दी है।
लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे ने भी स्थिति को देखते हुए एनएटीएस के साथ मिलकर काम करने की बात कही। हवाई अड्डा प्रबंधन का कहना है कि उसका प्रयास यात्रियों और उड़ानों के कार्यक्रम पर पड़ने वाले असर को यथासंभव कम करना है। ब्रिटेन के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हीथ्रो पर बड़ी संख्या में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। ऐसे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी का प्रभाव व्यापक स्तर पर देखने को मिला।
इस व्यवधान का असर ब्रिटेन और आयरलैंड के बीच हवाई संपर्क पर भी पड़ा। डबलिन हवाई अड्डे ने यात्रियों को पहले ही चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ान सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ब्रिटेन के हवाई यातायात में आई रुकावट के कारण आयरलैंड से जुड़े कुछ उड़ान कार्यक्रमों पर भी इसका असर पड़ा। इससे पता चलता है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़ी तकनीकी समस्या का प्रभाव केवल किसी एक हवाई अड्डे या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता,बल्कि इससे जुड़े व्यापक हवाई नेटवर्क पर पड़ सकता है।
फिलहाल एनएटीएस ने सिस्टम की तकनीकी समस्या को ठीक कर लेने की जानकारी दी है,लेकिन प्रभावित उड़ानों को पूरी तरह सामान्य करने की प्रक्रिया जारी है। एयरलाइनों को रद्द उड़ानों, देरी से चल रही सेवाओं और विमान तथा चालक दल की उपलब्धता को फिर से व्यवस्थित करना पड़ रहा है। यात्रियों के लिए स्थिति सामान्य होने तक उड़ान संबंधी ताजा जानकारी लेते रहना महत्वपूर्ण होगा। एयर इंडिया ने भी यात्रियों से यही अपील की है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जाँचें। तकनीकी समस्या दूर होने के बावजूद इसके कारण बना परिचालन संबंधी बैकलॉग साफ होने में समय लग सकता है,इसलिए आने वाले समय में भी कुछ उड़ानों पर देरी या कार्यक्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
