मुंबई,19 सितंबर (युआईटीवी)- मराठी सिनेमा के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। संतोष डावखर के निर्देशन में बनी मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी पुरस्कार यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने मुंबई में इसकी घोषणा की। फिल्म का चयन सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए किया गया है। इस साल भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजी जाने वाली फिल्मों की दौड़ में कुल 33 फिल्में शामिल थीं,जिनमें से ‘गोंधल’ को चुना गया।
‘गोंधल’ का चयन ऐसे समय हुआ है,जब भारतीय सिनेमा में अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्मों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। फिल्म का विषय महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। कहानी की पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र की सदियों पुरानी ‘गोंधल’ परंपरा है, जो संगीत, नृत्य, धार्मिक अनुष्ठान और पौराणिक कथाओं के मेल से तैयार होने वाला रातभर चलने वाला लोक प्रदर्शन है। इसी सांस्कृतिक परिवेश को फिल्म की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
निर्देशक संतोष डावखर ने फिल्म की कहानी और निर्देशन की जिम्मेदारी सँभाली है। ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि में बुनी गई यह कहानी एक पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान सामने आने वाली मानवीय भावनाओं और रिश्तों की जटिलताओं को सामने लाती है। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी और अन्य कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। कहानी में स्थानीय संस्कृति और लोक परंपरा के साथ मानवीय संघर्ष को जोड़ा गया है,जिससे फिल्म को केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति तक सीमित नहीं रखा गया है।
ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक फिल्म चुनने की प्रक्रिया में इस बार अलग-अलग भाषाओं की 33 फिल्मों को शामिल किया गया था। चयन समिति ने इन फिल्मों पर विचार करने के बाद ‘गोंधल’ को भारत की ओर से भेजने का फैसला किया। इस सूची में कई चर्चित हिंदी फिल्मों के साथ मराठी, तेलुगु, तमिल, गुजराती, मलयालम और अन्य भाषाओं की फिल्में भी शामिल थीं। इस तरह अंतिम चयन क्षेत्रीय भाषाओं के सिनेमा की व्यापक मौजूदगी के बीच हुआ।
‘गोंधल’ की खासियत उसकी कहानी के साथ-साथ उसका सांस्कृतिक आधार भी है। महाराष्ट्र में गोंधल एक पारंपरिक लोक कला और धार्मिक अनुष्ठान के रूप में जाना जाता है। इसमें कलाकार संगीत और नृत्य के जरिए पौराणिक कथाओं तथा धार्मिक प्रसंगों को प्रस्तुत करते हैं। फिल्म इसी लोक परंपरा को अपनी कहानी के केंद्र में रखती है। ग्रामीण परिवेश,स्थानीय संस्कृति और पारिवारिक रिश्तों के बीच आगे बढ़ती कहानी इसे क्षेत्रीय जड़ों से जोड़ती है।
फिल्म के ऑस्कर के लिए चुने जाने के बाद महाराष्ट्र में भी इसे लेकर उत्साह देखने को मिला। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘गोंधल’ के चयन को मराठी सिनेमा के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि महाराष्ट्र की लोक परंपराओं और संस्कृति से जुड़ी यह कहानी अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। इससे मराठी फिल्म जगत में भी खुशी का माहौल है।
‘गोंधल’ का यह चयन मराठी सिनेमा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले भी मराठी भाषा की कुछ फिल्मों ने ऑस्कर की आधिकारिक भारतीय प्रविष्टि के रूप में जगह बनाई है। ‘श्वास’, ‘हरिश्चंद्राची फैक्टरी’ और ‘कोर्ट’ के बाद ‘गोंधल’ ऐसी फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है,जिन्हें भारत की ओर से ऑस्कर की अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भेजा गया है।
फिल्म के लिए ऑस्कर की यात्रा हालाँकि,अभी पूरी नहीं हुई है। भारत की आधिकारिक एंट्री चुने जाने के बाद ‘गोंधल’ अब अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी की आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होगी। दुनिया के अलग-अलग देशों से भेजी गई फिल्मों के बीच आगे की प्रक्रिया के बाद अंतिम नामांकन तय होंगे। 99वें अकादमी पुरस्कारों का आयोजन मार्च 2027 में होना निर्धारित है।
संतोष डावखर की फिल्म के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि एक क्षेत्रीय भाषा में बनी कहानी अब भारतीय सिनेमा की ओर से वैश्विक दर्शकों तक पहुँचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ‘गोंधल’ ने महाराष्ट्र की लोक परंपरा, ग्रामीण परिवेश और मानवीय भावनाओं को अपनी कहानी में स्थान दिया है। अब फिल्म की टीम के सामने अगले चरण में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कहानी और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की चुनौती होगी।
इस चयन के साथ ‘गोंधल’ ने न केवल मराठी सिनेमा का नाम अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहुँचाया है,बल्कि भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की विविधता को भी सामने रखने का अवसर हासिल किया है। अब सभी की नजरें ऑस्कर की आगे की चयन प्रक्रिया पर रहेंगी,जहाँ यह फिल्म दुनिया के विभिन्न देशों से आई फिल्मों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।
