श्रीहरि नटराज ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में बनाई जगह (तस्वीर क्रेडिट@SportsArena1234)

एशियन गेम्स 2026: श्रीहरि नटराज ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में बनाई जगह, पदक की उम्मीदें बढ़ीं

टोक्यो,19 सितंबर (युआईटीवी)- जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तैराकी दल के लिए सोमवार का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आया। अनुभवी भारतीय तैराक श्रीहरि नटराज ने पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाकर भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया। श्रीहरि ने हीट में 25.37 सेकंड का समय दर्ज किया और संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। हालाँकि,उनके साथ इस स्पर्धा में उतरे भारत के ऋषभ दास महज मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए।

ऋषभ दास ने 25.41 सेकंड का समय लिया और कुल मिलाकर 10वें स्थान पर रहे। फाइनल के लिए निर्धारित खिलाड़ियों में जगह नहीं बना पाने के बावजूद उन्हें पहले रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर रखा गया है। ऐसे में यदि फाइनल से पहले कोई तैराक हटता है,तो ऋषभ को प्रतिस्पर्धा में उतरने का अवसर मिल सकता है। श्रीहरि का फाइनल में पहुँचना भारतीय दल के लिए खास महत्व रखता है,क्योंकि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अनुभवी तैराकों में शामिल हैं।

पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भारत के आकाश मणि और हीर गीतेश शाह फाइनल में जगह नहीं बना सके। आकाश ने अपनी हीट में 23.43 सेकंड का समय दर्ज किया और कुल 26वें स्थान पर रहे। वहीं, हीर गीतेश शाह ने 23.57 सेकंड में अपनी रेस पूरी की और 28वें स्थान पर रहे। दोनों भारतीय तैराकों का प्रदर्शन फाइनल में पहुँचने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।

पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में भी भारत को निराशा हाथ लगी। भारतीय तैराक धनुष सुरेश ने हीट में 1 मिनट 3.46 सेकंड का समय लिया और कुल मिलाकर 22वें स्थान पर रहे। वह भी फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके। इस तरह श्रीहरि नटराज के अलावा सोमवार को अन्य भारतीय तैराक व्यक्तिगत स्पर्धाओं में फाइनल तक पहुँचने में सफल नहीं रहे।

पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भी भारतीय टीम फाइनल में जगह बनाने से चूक गई। दक्षिण शशिकुमार, साजन प्रकाश, अनीश सुनील और वेदांत महादेवन की भारतीय चौकड़ी ने अपनी चुनौती पेश की,लेकिन वह फाइनल में पहुँचने वाले दलों में शामिल नहीं हो सकी। भारतीय टीम को फाइनल के लिए पहले रिजर्व के तौर पर रखा गया है। यदि क्वालीफाई करने वाली टीमों में से कोई टीम फाइनल से हटती है,तो भारत को प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिल सकता है।

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने तैराकी के लिए पुरुष और रिले स्पर्धाओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। भारतीय दल कुल 14 व्यक्तिगत स्पर्धाओं के अलावा पुरुषों की 4×100 मीटर फ्रीस्टाइल,4×200 मीटर फ्रीस्टाइल और 4×100 मीटर मेडले रिले में हिस्सा ले रहा है। टीम में श्रीहरि नटराज और साजन प्रकाश सबसे अनुभवी तैराकों में शामिल हैं। दोनों पहले भी ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। श्रीहरि ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा लिया था,जबकि साजन प्रकाश रियो 2016 और टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए तैर चुके हैं।

इस बार एशियन गेम्स में भारतीय तैराकी दल में किसी महिला खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत ने महिला तैराक को मैदान में नहीं उतारा था। ऐसे में जापान में भारतीय तैराकी की चुनौती मुख्य रूप से पुरुष खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर है। श्रीहरि नटराज के फाइनल में पहुँचने के बाद अब उनसे पदक की उम्मीदें जुड़ गई हैं।

भारत एशियन गेम्स की तैराकी स्पर्धाओं में लंबे समय से पदक का इंतजार कर रहा है। भारतीय तैराकी के लिए महाद्वीपीय स्तर पर आखिरी पदक संदीप सेजवाल ने इंचियोन 2014 में जीता था। उन्होंने पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था। इसके बाद भारतीय तैराक कई प्रतियोगिताओं में मजबूत प्रदर्शन करने के बावजूद एशियन गेम्स के पोडियम तक नहीं पहुँच सके।

हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भारतीय तैराकों ने अपने प्रदर्शन के दौरान छह राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए थे,लेकिन इसके बावजूद टीम को किसी पदक के बिना लौटना पड़ा था। अब 2026 के एशियन गेम्स में भारतीय तैराकी दल की कोशिश इस लंबे इंतजार को खत्म करने की होगी। श्रीहरि नटराज का 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में पहुँचना इस अभियान की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फाइनल में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि भारत इस स्पर्धा में पदक की दौड़ में किस स्थिति तक पहुँच पाता है।