दिल्ली हाईकोर्ट को मिले सात नए जज (तस्वीर क्रेडिट@DeccanHerald)

दिल्ली हाईकोर्ट को मिले सात नए जज,न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 50 हुई,मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने दिलाई पद की शपथ

नई दिल्ली,21 सितंबर (युआईटीवी)- दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सात नए न्यायाधीशों ने पद की शपथ ली। इन नियुक्तियों के साथ हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 50 हो गई है। हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 60 पद स्वीकृत हैं। नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के बाद अब रिक्त पदों की संख्या घटकर 10 रह गई है। सभी सात नए न्यायाधीश पहले दिल्ली की जिला न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने हाईकोर्ट परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा, जस्टिस निशा सहाय सक्सेना, जस्टिस संजय शर्मा,जस्टिस भरत पाराशर, जस्टिस अदिति चौधरी, जस्टिस दिनेश भट्ट और जस्टिस अरुण भारद्वाज को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीशों के साथ वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, रजिस्ट्री के सदस्य, अधिवक्ता और नवनियुक्त न्यायाधीशों के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

नई नियुक्तियों में निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं संजय शर्मा, भरत पाराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए दिल्ली की जिला अदालतों में लंबे समय से न्यायिक जिम्मेदारियाँ सँभाल रहे अधिकारियों को हाईकोर्ट में काम करने का अवसर मिला है।

अरुण भारद्वाज की नियुक्ति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नति से पहले वह दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के रूप में कार्यरत थे। वहीं भरत पाराशर वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अन्य नवनियुक्त न्यायाधीश भी दिल्ली की न्यायिक व्यवस्था में अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सँभाल चुके हैं।

केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद इन सात न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई अपनी बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। हालाँकि, बाद में केंद्र सरकार की ओर से सात अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।

दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 60 है। नई नियुक्तियों से पहले हाईकोर्ट में 43 न्यायाधीश कार्यरत थे। सात नए न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है। इसके साथ ही हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों के संचालन के लिए उपलब्ध न्यायाधीशों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

न्यायाधीशों की संख्या में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है,जब दिल्ली हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कार्य लगातार जारी हैं। नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से अदालत की विभिन्न पीठों के कामकाज को व्यवस्थित करने और मामलों की सुनवाई के लिए न्यायिक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही सभी सातों न्यायाधीशों ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी नई जिम्मेदारियाँ औपचारिक रूप से सँभाल ली हैं।