भारतीय महिला हॉकी टीम (तस्वीर क्रेडिट@RamdevRiya)

एशियन गेम्स 2026 में भारत का हॉकी में जलवा,इंडोनेशिया को 17-1 से हराकर लगातार दूसरी बड़ी जीत

नागोया,21 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। टूर्नामेंट में अपने पहले मुकाबले में उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त देने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे मैच में भी अपना आक्रामक खेल जारी रखा। इस मुकाबले में भारत ने इंडोनेशिया को 17-1 से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। शुरुआत से लेकर अंतिम सीटी तक भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने लगातार हमले किए और इंडोनेशिया के डिफेंस को संभलने का बहुत कम मौका दिया।

भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत से ही तेज और आक्रामक हॉकी खेली। खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए इंडोनेशियाई डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। भारत की फॉरवर्ड लाइन ने बेहतरीन तालमेल के साथ एक के बाद एक मौके बनाए और उन्हें गोल में बदलने में भी सफलता हासिल की। मुकाबले के दौरान भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता और पासिंग ने इंडोनेशिया की रक्षापंक्ति को लगातार परेशानी में रखा।

भारत की ओर से दीपिका, ऋतुजा पिसाल और नवनीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी-अपनी हैट्रिक पूरी की। इन तीनों खिलाड़ियों ने इंडोनेशिया के डिफेंस के खिलाफ लगातार खतरा पैदा किया और गोल करने के कई मौके बनाए। इनके अलावा सुनेलिता टोप्पो, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने भी दो-दो गोल किए। कप्तान सलीमा टेटे और इशिका ने एक-एक गोल कर टीम की बड़ी जीत में योगदान दिया। भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों के स्कोरशीट में आने से उसकी आक्रमण क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मुकाबले के शुरुआती दो क्वार्टर पूरी तरह भारत के नाम रहे। पहले क्वार्टर में भारतीय टीम ने चार गोल दागे और इंडोनेशिया को अपने डिफेंस के सामने लगातार संघर्ष करने के लिए मजबूर कर दिया। भारत ने हमले की गति को कम नहीं होने दिया और दूसरे क्वार्टर में भी लगातार दबाव बनाए रखा। दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने पाँच और गोल किए। इस तरह पहले हाफ की समाप्ति तक भारत ने 9-0 की विशाल बढ़त हासिल कर ली थी।

पहले हाफ में भारतीय टीम की फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने इंडोनेशिया के डिफेंस को लगातार पीछे धकेले रखा। भारत ने सिर्फ गोल करने पर ध्यान नहीं दिया,बल्कि गेंद को तेजी से एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचाकर इंडोनेशिया की रक्षापंक्ति में जगह बनाने की कोशिश की। इसके कारण इंडोनेशियाई खिलाड़ियों को लंबे समय तक अपने ही हाफ में दबाव झेलना पड़ा। भारत के डिफेंस ने भी विरोधी टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए और पहले दो क्वार्टर में अपना गोल बचाए रखा।

तीसरे क्वार्टर में इंडोनेशिया ने भारतीय डिफेंस को भेदने में सफलता हासिल की। इन्नेस आदित्य ने टीम के लिए एकमात्र गोल किया और स्कोर को 9-1 कर दिया। हालाँकि,इस गोल के बाद भी भारतीय टीम के खेल की गति में कोई कमी नहीं आई। भारत ने तीसरे क्वार्टर में इंडोनेशिया के एक गोल के जवाब में पाँच गोल दागे। इससे भारतीय टीम की बढ़त और मजबूत हो गई और मुकाबले पर उसकी पकड़ पूरी तरह कायम रही।

तीसरे क्वार्टर में भारत ने लगातार हमले जारी रखे। खिलाड़ियों ने विपक्षी डिफेंस पर दबाव बनाए रखा और मिले मौकों का फायदा उठाया। इंडोनेशिया के लिए भारत के हमलों को रोकना लगातार मुश्किल होता गया। भारतीय खिलाड़ियों के बीच तालमेल और तेज मूवमेंट ने उन्हें बार-बार गोल करने के अवसर दिए। तीसरे क्वार्टर के अंत तक भारत ने मुकाबले को लगभग पूरी तरह अपने नियंत्रण में कर लिया था।

चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने तीन और गोल दागे। इसके साथ ही भारत ने मुकाबला 17-1 से अपने नाम कर लिया। अंतिम क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रमण जारी रखा, लेकिन टीम का मुख्य लक्ष्य मुकाबले को मजबूत बढ़त के साथ खत्म करना रहा। दूसरी ओर,इंडोनेशिया की टीम पूरे मैच में भारतीय आक्रमण का लगातार सामना करती रही और सिर्फ एक गोल ही कर सकी।

इस मुकाबले में तीन गोल करने वाली दीपिका के लिए यह एशियन गेम्स का लगातार दूसरा शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में उज्बेकिस्तान के खिलाफ भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए आठ गोल दागे थे। इंडोनेशिया के खिलाफ तीन गोल के बाद दीपिका के नाम अब टूर्नामेंट के दो मैचों में कुल 11 गोल हो चुके हैं। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम की आक्रमण क्षमता को और मजबूत किया है।

उज्बेकिस्तान के खिलाफ 19-0 की जीत के बाद इंडोनेशिया के खिलाफ 17-1 की सफलता से भारतीय महिला हॉकी टीम ने टूर्नामेंट में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है। लगातार दो मुकाबलों में भारतीय टीम ने कुल 36 गोल किए हैं,जबकि उसके खिलाफ केवल एक गोल हुआ है। ये आँकड़े टीम के आक्रमण और डिफेंस दोनों में मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं।

इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पूल बी में पहला स्थान हासिल कर लिया है। लगातार बड़ी जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा होगा। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक जिस तरह का प्रदर्शन किया है,उससे टीम की नजरें आने वाले मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखने पर होंगी। खासतौर पर फॉरवर्ड लाइन से जिस तरह लगातार गोल किए जा रहे हैं,वह टीम के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू है।

भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए एशियन गेम्स में मजबूत शुरुआत इसलिए भी अहम है क्योंकि टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ मुकाबलों की चुनौती बढ़ सकती है। ऐसे में शुरुआती मैचों में बड़ी जीत हासिल कर टीम ने अपने अभियान को मजबूती दी है। अब भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश पूल बी में अपनी स्थिति को मजबूत करने और अगले मुकाबलों में भी आक्रामक हॉकी के साथ बेहतर नतीजे हासिल करने की होगी। दीपिका, ऋतुजा पिसाल, नवनीत कौर और अन्य फॉरवर्ड खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर आगे भी नजर रहेगी।