चेन्नई,22 सितंबर (युआईटीवी)- तमिलनाडु सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए चल रही मुफ्त नाश्ता योजना का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को चेन्नई के तिरुवनमियूर स्थित गांधीग्राम के सरकारी मध्य विद्यालय में ‘पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम’ के विस्तारित स्वरूप की शुरुआत की। अब इस योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले छात्रों को भी सुबह मुफ्त नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इस विस्तार से करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र योजना के दायरे में आएँगे।
कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने स्कूल पहुँचकर छात्रों को नाश्ता परोसा। इसके बाद वह बच्चों के साथ बैठकर खुद भी नाश्ता करते नजर आए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। सरकार के अनुसार, योजना का विस्तार बच्चों को सुबह पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है कि भूख के कारण उनकी पढ़ाई और स्कूल में उपस्थिति प्रभावित न हो।
विस्तारित योजना के तहत कक्षा 6 से 8 तक के लगभग 15.30 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा। इसके लिए 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को योजना में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विस्तार के लिए 217.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की है। इससे योजना के लिए कुल आवंटन 724 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
इस योजना का उद्देश्य केवल छात्रों को सुबह का भोजन उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार इसे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जोड़कर देख रही है। सुबह पर्याप्त भोजन मिलने से छात्रों को स्कूल में भूख से परेशान हुए बिना पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही योजना का एक उद्देश्य स्कूलों में छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखना भी है। लंबे समय तक ऐसी योजनाओं को बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर कम करने से भी जोड़ा जाता रहा है।
तमिलनाडु में यह नाश्ता योजना मूल रूप से वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान शुरू की गई थी। शुरुआत में इसका लाभ सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले बच्चों को दिया जाता था। बाद में इसका दायरा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तक भी बढ़ाया गया। योजना के तहत बच्चों को स्कूल के समय से पहले या शुरुआती समय में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई, ताकि उन्हें खाली पेट कक्षा में न बैठना पड़े।
बाद में सत्ता परिवर्तन के बाद इस कार्यक्रम का नाम बदलकर ‘पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम’ किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के नाम पर रखी गई इस योजना के विस्तार की घोषणा मुख्यमंत्री विजय ने पहले ही कर दी थी। अब इसे कक्षा 6 से 8 तक लागू कर दिया गया है। विस्तार के साथ योजना का लाभ लेने वाले बच्चों की संख्या भी काफी बढ़ गई है।
सरकार ने योजना के लिए साप्ताहिक भोजन की व्यवस्था भी तय की है। इसके तहत अलग-अलग दिनों में उपमा, खिचड़ी, पोंगल और मीठे व्यंजन जैसे भोजन छात्रों को दिए जाएंगे। स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्धता के अनुसार पौष्टिक भोजन की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। योजना के तहत भोजन तैयार करने और छात्रों तक पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया में साफ-सफाई और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूलों की रसोई और भोजन करने वाले स्थानों की नियमित जाँच की जाए। भोजन तैयार करने की जगह पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के साथ-साथ छात्रों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता की निगरानी भी की जाए। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भोजन निर्धारित समय पर छात्रों तक पहुँचे और इसकी गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो।
योजना का विस्तार पूरे तमिलनाडु में किया गया है,हालाँकि चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम और तिरुप्पुर जिले के धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के कारण तत्काल विस्तार नहीं किया गया। इन क्षेत्रों में चुनावी आचार संहिता लागू होने के चलते योजना के विस्तार को लेकर अलग व्यवस्था रखी गई है। अन्य क्षेत्रों में कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए नाश्ता योजना लागू की गई है।
योजना को लागू करने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। चेन्नई में कई स्कूलों तक भोजन पहुँचाने के लिए एकीकृत रसोई की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। अन्य शहरी इलाकों में भी ऐसी रसोई के माध्यम से भोजन तैयार कर स्कूलों तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्कूलों में भोजन तैयार करने और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी का प्रावधान रखा गया है।
इस योजना के विस्तार का समय भी महत्वपूर्ण रहा है। इसे पहले 17 सितंबर को शुरू किए जाने की योजना थी,लेकिन मुख्यमंत्री विजय के औद्योगिक निवेश से जुड़े दौरे के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ाकर 22 सितंबर किया गया। इसके बाद मंगलवार को चेन्नई में आधिकारिक रूप से विस्तारित योजना की शुरुआत की गई।
तमिलनाडु में स्कूली बच्चों के लिए नाश्ता योजना का विस्तार राज्य की शिक्षा और पोषण से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कक्षा 6 से 8 के छात्रों को इसमें शामिल किए जाने से उन बच्चों तक भी सुबह का पौष्टिक भोजन पहुँचाने की व्यवस्था हुई है,जो प्राथमिक कक्षाओं के बाद अब तक इस सुविधा के दायरे से बाहर थे। सरकार का जोर इस बात पर है कि बच्चों को स्कूल में ऐसा वातावरण मिले,जहाँ उन्हें भोजन की चिंता किए बिना पढ़ाई पर ध्यान देने का अवसर मिल सके।
विस्तारित योजना के जरिए अब लाखों अतिरिक्त छात्रों तक मुफ्त नाश्ता पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और समय पर वितरण को लेकर निगरानी व्यवस्था मजबूत रखने पर जोर दिया है। आने वाले समय में योजना का प्रभाव छात्रों की उपस्थिति,पोषण और पढ़ाई पर कितना पड़ता है, यह इसके क्रियान्वयन और नियमित निगरानी पर निर्भर करेगा। फिलहाल मंगलवार से इसका विस्तारित स्वरूप राज्य के अधिकांश हिस्सों में लागू हो गया है।
