काकामिगाहारा,23 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 16-1 के बड़े अंतर से हरा दिया। मंगलवार को खेले गए पूल-ए के मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली और श्रीलंका को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत की ओर से जुगराज सिंह ने चार गोल किए, जबकि अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने हैट्रिक पूरी की। भारत की यह टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले टीम ने अपने शुरुआती मुकाबले में इंडोनेशिया को 13-1 से हराया था।
भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और पांचवें मिनट में पहला गोल दाग दिया। जरमनप्रीत सिंह ने सर्कल के अंदर शानदार गेंद पहुँचाई,जिसे मनदीप सिंह ने बेहतरीन तरीके से गोल में बदल दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय टीम ने अपना आक्रमण और तेज कर दिया। पाँच मिनट बाद ही जुगराज सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए जोरदार स्ट्राइक लगाई और भारत की बढ़त 2-0 कर दी।
इसके तुरंत बाद अभिषेक ने भारतीय टीम के लिए तीसरा गोल किया। भारत के लगातार हमलों से श्रीलंकाई रक्षा पंक्ति पर दबाव बढ़ता गया। जरमनप्रीत सिंह ने बेसलाइन के पास हरमनप्रीत सिंह की लंबी गेंद को सँभालते हुए टीम को एक और शानदार मौके तक पहुंचाया। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 15वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया। दो मिनट बाद अभिषेक ने फिर गेंद को श्रीलंकाई गोलपोस्ट में पहुँचाकर भारत की बढ़त 5-0 कर दी।
दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने अपनी आक्रामक शैली बरकरार रखी। 22वें मिनट में जुगराज सिंह ने एक और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया और अपना दूसरा गोल पूरा किया। भारत की ओर से लगातार हो रहे हमलों का श्रीलंका के पास कोई प्रभावी जवाब नहीं था। 29वें मिनट में सुखजीत सिंह ने भी गोल कर दिया। हरमनप्रीत सिंह के ड्रैग-फ्लिक के डिफ्लेक्ट होने के बाद हार्दिक सिंह ने गेंद को दोबारा डेंजर एरिया में पहुँचाया और सुखजीत ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को खाली नेट में डाल दिया।
दूसरे क्वार्टर के खत्म होने से पहले दिलप्रीत सिंह ने भारत के लिए आठवां गोल किया। इस तरह पहले हाफ की समाप्ति तक भारतीय टीम 8-0 की मजबूत बढ़त बना चुकी थी। भारत की तेज पासिंग,लगातार पेनाल्टी कॉर्नर हासिल करने की क्षमता और गोल के सामने सटीकता ने श्रीलंका की मुश्किलें बढ़ा दी थीं।
तीसरे क्वार्टर में तो भारत ने गोलों की झड़ी लगा दी। 31वें मिनट में मनप्रीत सिंह ने शक्तिशाली ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल किया। इसके पाँच मिनट बाद विवेक प्रसाद ने बैकहैंड शॉट लगाकर भारत के खाते में एक और गोल जोड़ दिया। भारतीय टीम लगातार श्रीलंकाई सर्कल में दबाव बनाए हुए थी और उसके हमलों का सिलसिला थम नहीं रहा था।
इसके बाद सुखजीत सिंह के साथ बेहतरीन तालमेल बनाते हुए दिलप्रीत सिंह ने 38वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागा। जुगराज सिंह ने 42वें मिनट में पेनाल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी कर ली। इसके बाद भारत को लगातार तीसरा पेनाल्टी कॉर्नर मिला,जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 44वें मिनट में गोल में बदल दिया। तीसरे क्वार्टर की समाप्ति तक भारत 13-0 की विशाल बढ़त हासिल कर चुका था।
अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में ही अभिषेक ने अपना तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की। 49वें मिनट में उनके गोल से भारत ने स्कोर 14-0 कर दिया। लगातार गोल खाने के बावजूद श्रीलंका ने आखिरकार भारतीय डिफेंस को भेदने में सफलता हासिल की। सुरेश रत्नायके ने शानदार टोमाहॉक शॉट लगाकर श्रीलंका का पहला और मैच का एकमात्र गोल किया। इस गोल के साथ स्कोर 14-1 हो गया,लेकिन भारत ने तुरंत इसका जवाब दिया।
53वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनाल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर अपना चौथा गोल पूरा किया। इसके दो मिनट बाद दिलप्रीत सिंह ने भी मैच में अपनी हैट्रिक पूरी कर ली। मनदीप सिंह के शानदार स्टिक-वर्क से मिले मौके का फायदा उठाते हुए दिलप्रीत ने गेंद को गोल में पहुँचाया और भारत की बढ़त 16-1 कर दी।
इसके बाद भारतीय टीम ने बिना किसी परेशानी के मुकाबले के बाकी मिनट पूरे किए और 16-1 की बड़ी जीत दर्ज की। इस मुकाबले में भारत की ओर से जुगराज सिंह ने चार, अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने तीन-तीन गोल किए। हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि मनदीप सिंह,सुखजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और विवेक प्रसाद ने एक-एक गोल किया।
इस जीत के साथ भारत ने पूल-ए में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। शुरुआती दो मुकाबलों में भारतीय टीम ने कुल 29 गोल किए हैं,जबकि उसके खिलाफ केवल दो गोल हुए हैं। इंडोनेशिया के खिलाफ 13-1 की जीत के बाद श्रीलंका पर 16-1 की सफलता ने भारतीय टीम के शानदार अभियान को आगे बढ़ाया है। टूर्नामेंट के कार्यक्रम के अनुसार भारत का अगला मुकाबला दक्षिण कोरिया से 24 सितंबर को होना है।
भारतीय टीम का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स में हॉकी के स्वर्ण पदक के लिए उसकी तैयारियों को दर्शाता है। हालाँकि,अभी प्रतियोगिता का लंबा सफर बाकी है और टीम को आगे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना होगा,लेकिन लगातार दो मुकाबलों में बड़ी जीत ने भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास जरूर बढ़ाया है। खास तौर पर जुगराज, अभिषेक और दिलप्रीत की गोल करने की क्षमता ने टीम के आक्रमण को बेहद प्रभावी बनाया है। अब भारत की नजर अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखते हुए पदक की दौड़ में मजबूती से आगे बढ़ने पर होगी।
