72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सितारों का सम्मान (तस्वीर क्रेडिट@Shailendra97S)

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सितारों का सम्मान,यामी गौतम और कार्तिक आर्यन ने जताई खुशी

केवड़िया,23 सितंबर (युआईटीवी)- गुजरात के केवड़िया में मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। देश के प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और फिल्म से जुड़े दिग्गजों को सम्मानित किया। इस दौरान अभिनेत्री यामी गौतम को फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया,जबकि अभिनेता कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करना दोनों कलाकारों के लिए बेहद खास और भावुक पल रहा।

पुरस्कार समारोह के समापन के बाद कलाकारों ने मीडिया से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए और इस सम्मान को अपने करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। यामी गौतम ने पुरस्कार मिलने के बाद अपनी भावनाएँ जाहिर करते हुए कहा कि वह अभी भी इस ऐतिहासिक पल को पूरी तरह महसूस करने की कोशिश कर रही हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत,संघर्ष और सपनों की यात्रा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए, जिसने अपने जीवन का लंबा समय सिनेमा को दिया है,राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना बेहद गर्व और सम्मान की बात होती है।

यामी ने अपनी बात को केवल अपने तक सीमित नहीं रखा,बल्कि उन तमाम कलाकारों और युवाओं से जोड़ा जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए छोटे शहरों और अलग-अलग जगहों से महानगरों का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि वह उन सभी लोगों की ओर से भी यह भावना व्यक्त कर रही हैं,जिनके अपने सपने हैं और जो यह जाने बिना शहर आते हैं कि जिंदगी उन्हें किस दिशा में ले जाएगी। अभिनेत्री ने माना कि उनके लिए यह सफर अभी खत्म नहीं हुआ है और आगे भी उन्हें बहुत कुछ सीखना और काम करना है। ऐतिहासिक स्थल पर राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनके लिए इस उपलब्धि को और खास बनाता है।

कार्तिक आर्यन के लिए भी यह दिन बेहद यादगार रहा। ‘चंदू चैंपियन’ में उनके अभिनय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के बाद उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार हासिल करने के बाद कार्तिक ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह बहुत खुश हैं और इस समय उन्हें बेहद अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस शानदार आयोजन और सम्मान के लिए उनके पास पर्याप्त शब्द नहीं हैं। कार्तिक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह पुरस्कार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।

इस समारोह में फिल्म ‘मैदान’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार हासिल करने वाले मनोज मुंतशिर ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह अवसर दोहरी खुशी और दोहरे गर्व का है। उनका कहना था कि जिस स्थान पर देश के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा स्थापित है,उसी ऐतिहासिक परिवेश में उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने केवड़िया और एकता नगर की विशेषता का उल्लेख करते हुए देशवासियों से अपील की कि उन्हें कम से कम एक बार इस स्थान पर जरूर आना चाहिए। उनके मुताबिक,यह जगह देश की एकता और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है।

समारोह में प्रसार भारती के चेयरपर्सन प्रसून जोशी ने भी आयोजन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव बेहद अच्छा रहा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को सराहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इस बार दिल्ली से बाहर किया गया और इसके लिए एकता नगर तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास का क्षेत्र चुना गया। उनके अनुसार,स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देश की एकता का प्रतीक है और ऐसे स्थान पर भारतीय सिनेमा से जुड़े कलाकारों तथा तकनीकी विशेषज्ञों का एक साथ सम्मानित होना अपने आप में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे सिनेमा और देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच जुड़ाव और मजबूत होगा। उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई भी दी।

इस बार के समारोह में क्षेत्रीय सिनेमा की मौजूदगी भी खास रही। ‘मारन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म का पुरस्कार जीतने वाले निर्देशक अभिषेक जैन ने इसे अपने लिए बेहद खुशी और गर्व का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि एक गुजराती फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह सम्मान उसी एकता नगर में मिलना इस खुशी को और बढ़ा देता है। उनके अनुसार,राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार किसी एक फिल्म उद्योग या केवल हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं हैं। यह ऐसा मंच है,जहाँ भारत के अलग-अलग हिस्सों में बनने वाली फिल्मों और उनसे जुड़े कलाकारों को एक साथ पहचान मिलती है।

अभिषेक जैन ने कहा कि एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की मौजूदगी के बीच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन पूरे देश के लिए एकता का बड़ा प्रतीक है। भारतीय सिनेमा की विविधता इसी बात से दिखाई देती है कि अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्में एक ही मंच पर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल करती हैं। क्षेत्रीय सिनेमा के कलाकारों और निर्माताओं के लिए ऐसे पुरस्कार उनकी फिल्मों को व्यापक पहचान दिलाने का माध्यम भी बनते हैं।

समारोह में बाल कलाकारों को मिले सम्मान ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार हासिल करने वाले तापोमय देब ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार जीतना उनका सपना था,जो अब पूरा हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों पुरस्कार प्राप्त करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि वह इस समय बहुत खुश और उत्साहित हैं और उनके माता-पिता भी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना तापोमय के लिए उनके अभिनय सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

रिद्धिमान बनर्जी ने भी सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हासिल करने के बाद अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त कर वह बेहद खुश हैं। उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी गर्व का विषय है क्योंकि उन्हें यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों मिला। उन्होंने पुरस्कार मिलने के बाद अपनी खुशी और गर्व दोनों को जाहिर किया।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह ने एक बार फिर भारतीय सिनेमा की विविधता और व्यापकता को सामने रखा। इस मंच पर हिंदी सिनेमा के चर्चित कलाकारों के साथ-साथ क्षेत्रीय फिल्मों, गीतकारों, निर्देशकों और बाल कलाकारों को भी सम्मान मिला। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों को एक ही राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना भारतीय फिल्म जगत की बहुरंगी तस्वीर पेश करता है।

केवड़िया में आयोजित इस समारोह की खासियत केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रही। एकता नगर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पृष्ठभूमि ने आयोजन को एक अलग पहचान दी। कलाकारों की प्रतिक्रियाओं से भी यह स्पष्ट हुआ कि इस स्थान पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा। यामी गौतम और कार्तिक आर्यन जैसे लोकप्रिय कलाकारों के लिए जहाँ यह सम्मान उनके अभिनय करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि बना,वहीं क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े अभिषेक जैन जैसे फिल्मकारों ने इसे भारतीय सिनेमा की विविधता और एकता से जोड़कर देखा।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा में कलाकारों और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों के काम को व्यापक स्तर पर पहचान देने वाला महत्वपूर्ण मंच है। 72वें समारोह में सम्मानित कलाकारों ने पुरस्कार मिलने के बाद जिस तरह अपनी खुशी,संघर्ष और सपनों की यात्रा को साझा किया,उससे यह भी सामने आया कि सिनेमा की दुनिया में सफलता केवल पर्दे पर दिखाई देने वाली चमक का नाम नहीं है। इसके पीछे वर्षों की मेहनत,निरंतर सीखने की प्रक्रिया और अपने काम के प्रति समर्पण भी शामिल होता है। केवड़िया में आयोजित यह समारोह इसी यात्रा का सम्मान करने वाला एक यादगार अवसर बनकर सामने आया।