नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट,पर्यटकों के लिए पर्यटन बोर्ड ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी (तस्वीर क्रेडिट@NDRRMA_Nepal)

नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट,पर्यटकों के लिए पर्यटन बोर्ड ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

काठमांडू,23 सितंबर (युआईटीवी)- नेपाल में एक बार फिर खराब मौसम की आशंका को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने देश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 25 से 27 सितंबर के बीच नेपाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और सड़क मार्ग बाधित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में पर्यटन बोर्ड ने यात्रियों से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

नेपाल में हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने देश के कई हिस्सों को प्रभावित किया था। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार,मंगलवार शाम तक बाढ़ से 1,451 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी,जबकि 5,705 लोग लापता बताए गए थे। लापता लोगों में 636 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद नेपाल में पर्यटन गतिविधियों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इसी बीच जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार से रविवार तक देश के कई हिस्सों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक,पूर्वी कोशी, दक्षिणी मधेश,मध्य बागमती और पश्चिमी सुदूरपश्चिम प्रांतों के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कर्णाली,गंडकी और लुंबिनी समेत पश्चिमी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम की इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पर्यटन से जुड़े संस्थानों को भी सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने अपनी एडवाइजरी में खास तौर पर पहाड़ी और ऊँचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। बोर्ड के मुताबिक,पहाड़ों और नदी घाटियों के आसपास मौसम बहुत तेजी से बदल सकता है। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की भी संभावना रहती है,जिससे यात्रा की परिस्थितियाँ अचानक चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। पर्यटकों को ऐसे इलाकों में जाने से पहले मौसम और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना जरूरी बताया गया है।

भोटे कोशी और त्रिशूली नदी बेसिन के इलाके पहले भी बाढ़ की गंभीर स्थिति का सामना कर चुके हैं। 26 अगस्त को आई बाढ़ में इन क्षेत्रों में मौजूद कई पर्यटक भी प्रभावित हुए थे। नदियों का जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने की स्थिति में नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों के साथ-साथ सड़क मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में पर्यटन बोर्ड ने यात्रियों को नदियों और जलस्रोतों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

पर्यटन बोर्ड ने कहा है कि पर्यटकों को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी और संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक सलाह जरूर देखनी चाहिए। इसके साथ ही सड़क मार्ग,उड़ानों और ट्रेकिंग रूट की मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी लेते रहना जरूरी है। खराब मौसम के कारण कई बार सड़कें बंद हो सकती हैं, उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं और पर्वतीय रास्तों पर आवाजाही मुश्किल हो सकती है। इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना परिस्थितियों के अनुसार बदलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

एडवाइजरी में पर्यटकों को नदियों, झरनों और खड़ी ढलानों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी के बिना किसी जोखिम वाले रास्ते पर आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी गई है। अचानक बारिश शुरू होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर पहुँचना प्राथमिकता होनी चाहिए।

पर्यटन बोर्ड ने असुरक्षित मौसम के दौरान ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और अन्य बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह भी दी है। नेपाल में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक ट्रेकिंग और पर्वतीय पर्यटन के लिए पहुँचते हैं। लेकिन खराब मौसम के दौरान पहाड़ी रास्तों पर दृश्यता कम होने,फिसलन बढ़ने,भूस्खलन होने और रास्ते बंद होने का खतरा रहता है। ऐसे में रोमांचक गतिविधियों के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।

बोर्ड ने यात्रियों से स्थानीय अधिकारियों,सुरक्षा एजेंसियों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों और अन्य संबंधित संस्थानों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है। पर्यटकों को मौसम की स्थिति और टूर ऑपरेटरों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर जरूरत पड़ने पर पहले से ही सुरक्षित स्थान पर पहुँच जाने की सलाह दी गई है। इसका उद्देश्य खराब मौसम के दौरान किसी भी संभावित दुर्घटना और जनहानि के जोखिम को कम करना है।

नेपाल में पर्यटन अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करते हैं। ऐसे में मौसम संबंधी चेतावनी के बीच पर्यटन बोर्ड का जोर इस बात पर है कि यात्राएँ पूरी तरह बंद करने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार सावधानीपूर्वक की जाएँ। फिलहाल 25 से 27 सितंबर के बीच संभावित भारी बारिश को देखते हुए यात्रियों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की गई है। खराब मौसम की स्थिति में यात्रा स्थगित करना या सुरक्षित स्थान पर रुकना ही पर्यटकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सावधानी होगी।