नई दिल्ली,25 सितंबर (युआईटीवी)- नई दिल्ली के कालकाजी इलाके में नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय लड़की अपने जन्मदिन के दिन दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में पूजा करने गई थी। मंदिर में दर्शन के बाद दोनों पास के आस्था कुंज पार्क में गए थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोक लिया और बाद में लड़की को उसके दोस्त से अलग कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जाँच जारी है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि 21 सितंबर को उसका जन्मदिन था। वह जन्मदिन के मौके पर कालकाजी मंदिर में पूजा करने के लिए अपने दोस्त के साथ पहुँची थी। उसने इस बारे में अपनी बहन को भी जानकारी दी थी। मंदिर में दर्शन और पूजा के बाद दोनों ने आगे इस्कॉन मंदिर जाने की योजना बनाई। इससे पहले वे कुछ खाने-पीने के लिए आस्था कुंज पार्क की ओर चले गए। पार्क में पहुँचने के बाद दोनों ने वहाँ बैठकर कुछ खाने का फैसला किया। पीड़िता के मुताबिक,इसी दौरान तीन युवक वहाँ पहुँचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए दोनों से पूछताछ करने लगे।
पुलिस को दिए बयान के अनुसार,आरोपियों ने पुलिसकर्मी होने का दावा करते हुए दोनों को डराया और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद तीनों ने लड़की और उसके दोस्त को अलग कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि युवकों में से कुछ ने उसके दोस्त को एक तरफ ले जाकर रोका,जबकि उसे पार्क के दूसरे हिस्से में झाड़ियों के पास ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक,पीड़िता ने अपने बयान में आरोपियों के बीच हुई बातचीत और उनके द्वारा दी गई धमकियों के बारे में भी जानकारी दी है।
पीड़िता के बयान के अनुसार,आरोपियों में से एक को अन्य दोनों ‘आसिफ’ नाम से बुला रहे थे। उसने बताया कि वह बैंगनी रंग की शर्ट पहने हुए था और बाकी दोनों की तुलना में अधिक मजबूत शरीर वाला दिखाई दे रहा था। पीड़िता का आरोप है कि बातचीत के दौरान एक आरोपी ने ‘आसिफ भाई, गन निकाल’ कहा। इसके बाद आसिफ ने कथित तौर पर काले रंग की बंदूक निकाली और कुछ देर बाद उसे वापस रख लिया। इसके बाद आरोपियों ने चाकू निकालकर दोनों को डराया। पुलिस मामले में हथियारों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जाँच कर रही है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इसके बाद उसे पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले जाया गया। उसके बयान के मुताबिक,आरोपियों ने हथियारों का डर दिखाकर उसके साथ जबरदस्ती की। उसने बताया कि इस दौरान उसे गंभीर भय और शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ा। पुलिस के अनुसार, बयान में पीड़िता ने तीनों आरोपियों की भूमिका और उनके बीच हुई बातचीत के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। चूँकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पुलिस और जाँच एजेंसियों की ओर से पीड़िता की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान आरोपियों ने एक-दूसरे को अलग-अलग नामों से पुकारा और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपियों ने उसे चाकू के जरिए डराया और किसी तरह का विरोध करने या मदद माँगने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस अब पीड़िता के बयान के साथ-साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों,सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी की जाँच कर रही है।
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद आरोपियों ने उसका और उसके दोस्त का मोबाइल फोन वापस कर दिया। इसके साथ ही कथित तौर पर उन्हें किसी अन्य व्यक्ति को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पार्क से बाहर निकलने के बाद पीड़िता के दोस्त ने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और लड़की को चिकित्सकीय सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस की जाँच में तीनों आरोपियों की पहचान आसिफ,हेमंत और उसके छोटे भाई के रूप में हुई। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार,तीनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जाँच के दौरान पुलिस ने आरोपियों तक पहुँचने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक,घटना के बाद आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया था और जाँच तेजी से आगे बढ़ाई गई।
मामले की जाँच के दौरान पुलिस ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि आरोपी पार्क में किस तरह पहुँचते थे और क्या इससे पहले भी वहां आने वाले लोगों के साथ उन्होंने किसी तरह की बदसलूकी की थी। स्थानीय स्तर पर जाँच में यह जानकारी सामने आई कि एक आरोपी को पार्क क्षेत्र में पहले भी देखा गया था। हालाँकि,इस संबंध में सामने आई बातों की पुलिस जाँच कर रही है और इनके आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
यह घटना उस समय हुई जब लड़की अपने जन्मदिन पर मंदिर में पूजा करने और बाद में दोस्त के साथ समय बिताने के लिए घर से निकली थी। पुलिस के अनुसार,मंदिर जाने के बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुँचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका। पुलिस के मुताबिक,आरोपियों ने अपनी कथित पहचान का इस्तेमाल दोनों को डराने और अलग करने के लिए किया। इसके बाद लड़की के साथ कथित अपराध को अंजाम दिया गया।
मामले में पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की है,क्योंकि पीड़िता नाबालिग है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है। जाँच एजेंसियाँ अब पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ रही हैं। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। आस्था कुंज पार्क दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित बड़ा पार्क है और कालकाजी मंदिर के नजदीक होने के कारण यहाँ लोगों की आवाजाही रहती है। जाँच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार,पार्क के भीतर गश्त,रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। घटना के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि पार्क के संवेदनशील हिस्सों में निगरानी और सुरक्षा को किस तरह मजबूत किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है। पीड़िता का बयान जाँच का महत्वपूर्ण हिस्सा है,लेकिन उसके आरोपों के साथ अन्य साक्ष्यों का मिलान भी किया जा रहा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए घटना के पूरे क्रम,उनके आपसी संबंध और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। वहीं,पीड़िता को चिकित्सकीय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई है। नाबालिग से जुड़े इस मामले में उसकी पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना कानूनी रूप से भी महत्वपूर्ण है।
