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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया,डीजीसीए ने शुरू की जाँच

नई दिल्ली,28 सितंबर (युआईटीवी)- गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक उड़ान के साथ केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान असामान्य घटना सामने आई। विमान उतरते समय उसका पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। एयरलाइन के मुताबिक,उस समय बेंगलुरु में तेज और झोंकेदार हवाएँ चल रही थीं। घटना के बाद विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया और उसमें सवार सभी यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने जाँच शुरू कर दी है।

यह घटना इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई 6542 के साथ हुई,जो गुवाहाटी से बेंगलुरु पहुँची थी। एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, विमान ने बेंगलुरु हवाई अड्डे पर पहली बार उतरने की कोशिश की, लेकिन लैंडिंग पूरी नहीं हो सकी और उसे दोबारा उड़ान भरनी पड़ी। इसके बाद पायलटों ने दूसरी बार विमान को उतारने का प्रयास किया। इसी दौरान विमान के पिछले हिस्से का रनवे से असामान्य संपर्क हुआ। हालाँकि,विमान को सुरक्षित तरीके से उतार लिया गया और किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।

इंडिगो के प्रवक्ता के मुताबिक,गुवाहाटी से बेंगलुरु आ रही उड़ान को तेज और झोंकेदार हवाओं के बीच उतरते समय असामान्य रनवे संपर्क का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि विमान में मौजूद सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। घटना के बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई।

एयरलाइन ने बताया कि विमान की आवश्यक तकनीकी जाँच की जा रही है। जाँच और जरूरी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी। इंडिगो ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी के तहत घटना के बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

विमान को बेंगलुरु पहुँचने के बाद आगे कोयंबटूर के लिए उड़ान भरनी थी। विमान के साथ हुई घटना के कारण इस उड़ान के कार्यक्रम पर असर पड़ने की संभावना थी। यात्रियों को अधिक परेशानी न हो और परिचालन प्रभावित न हो,इसके लिए इंडिगो ने वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की। इस तरह एयरलाइन ने प्रभावित उड़ान सेवा को दूसरे विमान के जरिए संचालित करने की तैयारी की।

घटना के बाद विमान की तकनीकी स्थिति और लैंडिंग के दौरान हुए रनवे संपर्क की परिस्थितियों की जाँच महत्वपूर्ण हो गई है। तेज और झोंकेदार हवाओं के बीच विमान के उतरने के दौरान किस वजह से पिछला हिस्सा रनवे के संपर्क में आया,इसकी जानकारी विस्तृत जाँच के बाद सामने आ सकती है। विमान के संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं, मौसम की परिस्थितियों और लैंडिंग प्रक्रिया की भी जाँच की जा सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर विमान लैंडिंग के दौरान मौसम की परिस्थितियों और सुरक्षा प्रक्रियाओं के महत्व को सामने ला दिया है। विशेष रूप से तेज हवा और हवा के अचानक दिशा या गति बदलने जैसी परिस्थितियाँ विमान के उतरने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। हालाँकि,इस मामले में घटना की वास्तविक वजह क्या थी,इसका अंतिम निष्कर्ष जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

इंडिगो की इस घटना के बीच पिछले सप्ताह सामने आया एक अन्य मामला भी चर्चा में रहा था। इंडिगो का बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। विमान में 250 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान भरने के कुछ समय बाद विमान में तकनीकी समस्या सामने आई,जिसके बाद पायलटों ने विमान को वापस लंदन ले जाने का फैसला किया था।

इस दौरान आपात स्थिति घोषित की गई और विमान को हीथ्रो हवाई अड्डे पर वापस उतरने के लिए प्राथमिकता दी गई। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकल गए। लंदन से सामने आई जानकारी के अनुसार,उड़ान भरने के बाद पायलटों को विमान में धुएँ का पता चला था। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को वापस हीथ्रो ले जाने का निर्णय लिया।

उड़ान से जुड़े आँकड़ों के अनुसार, लंदन से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई4 हीथ्रो से रवाना होने के करीब एक घंटे बाद वापस लौट आई थी। विमान के वापस लौटने के पीछे तकनीकी समस्या को वजह बताया गया, हालाँकि,एयरलाइन ने इस समस्या की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। इंडिगो ने उस समय भी यात्रियों,चालक दल और विमान की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था।

बेंगलुरु में हुई ताजा घटना और पिछले सप्ताह लंदन में हुई तकनीकी समस्या अलग-अलग परिस्थितियों में सामने आई हैं। दोनों मामलों में विमान में सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित रही,लेकिन बेंगलुरु की घटना में रनवे पर उतरते समय विमान के पिछले हिस्से के संपर्क में आने के कारण नियामकीय जाँच शुरू हो गई है। जाँच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि लैंडिंग के समय किन परिस्थितियों में यह संपर्क हुआ और क्या विमान के संचालन या तकनीकी स्थिति से जुड़ा कोई पहलू इसमें शामिल था।

फिलहाल विमान की जाँच और घटना से जुड़े तथ्यों का आकलन किया जा रहा है। यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था किए जाने से इंडिगो ने संबंधित उड़ान सेवा को सामान्य रखने की कोशिश की है। घटना के बाद विमान को आवश्यक तकनीकी मंजूरी मिलने तक उसके संचालन पर निर्णय जाँच के निष्कर्षों और सुरक्षा मानकों के आधार पर लिया जाएगा।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे। अब निगाहें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की जाँच पर हैं,जिसके जरिए लैंडिंग के दौरान हुए असामान्य रनवे संपर्क के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।